प्रिय साथियों...
घबराने की आवश्यकता नहीं है, हम लोग रणनीति बना रहे हैं, 1 बजे तक सब स्पष्ट कर देंगे, हम डरे नहीं है, न हम झुकेंगे, आप सब लोग जहां है वहीं रहें आप सबके लिए खाने पीने से लेकर दवाई तक का इंतजाम स्थानीय लोगों के द्वारा किया जा रहा है, बिल्कुल हताश और परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, हम फिर से वापसी करेंगे, और इस बार जोरदार करेंगे, ध्यान रहे दिल्ली से कोई भी वापस नहीं जाएगा और संख्या बढ़ाओ हम अभी आंदोलन लंबा खींचेंगे, जब तक सरकार आरक्षण खत्म नहीं करती हम अपनी इस धर्मयुद्ध में आहूति देने के लिए तैयार हैं।
यह एक आजादी की लड़ाई है, जैसे हमने मुगलों और अंग्रेजों से लड़ा ठीक वैसे ही हमें इनसे लड़ना है।
अपील 🙏
आज की रात कोरी आंखों से भोर हुआ है।
कोई भी व्यक्ति घर वापस न लौटे, आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है, आप सभी ज्यादा से ज्यादा संख्या में दिल्ली पहुंचे, आज का दिन दिल्ली सरकार पर भारी होगा, 10 बजे तक हमारे प्रदर्शनकारियों व संगठनों के प्रमुखों द्वारा उचित निर्णय लिया जाएगा।
हम लोग सड़क से लेकर संसद तक अब लड़ेंगे, पीछे नहीं हटेंगे, मौका एक बार मिलता है बार बार नहीं।
इसीलिए आप जहां फंसे हों पुलिस ने आपको जहां रोंका हो वहां रुके रहें डटे रहें, बहुत जल्द ही स्थितियां साफ होंगी और हम कामयाब होंगे।
इंकलाब जिंदाबाद 💪
निवेदन 🙏
दिल्ली में तथा दिल्ली NCR में रहने वाले मेरे सभी प्रिय भाईयों से एक निवेदन है कि यदि आप सक्षम हैं तो...
> खाने पीने की।
> दवाई की।
> रुकने ठहरने की।
हमारे बाहर से आए हुए लोगों के लिए व्यवस्था करें, हमारा सहयोग करें, हम सब आप सबके लिए ही लड़ रहे हैं, देश के कोने कोने से आ रहे लोगों के लिए यदि आप सब मिलकर व्यवस्था करेंगे तो हमारा आंदोलन मजबूत होगा, क्योंकि हम लोगों को कोई फंडिंग नहीं है, हम लोगों को कोई विदेशी ताकत नहीं, हम लोगो को कोई विपक्ष या सत्ता की सहायता नही है, हम लोग दशकों से पहले ही आरक्षण की मार झेल रहे हैं, घर से लोग निकल कर जो आए है उनके पास सीमित संसाधन हैं यदि आप सक्षम हैं तो मदद करें।
हम सब आपके आभारी रहेंगे।
> ह्रष दुबे।
> स्वामी आनंद स्वरूप जी।
> शिवम् सिंह।
> पंकज ध्वरैय्या जी।
इन लोगों ने अंत तक मोर्चा संभाला है, अभी सवर्ण आर्मी सर्वेश पांडेय जी, अजीत भारती जी, महिपाल सिंह मकराना, और वीरू सिंह, सहित तमाम अन्य बड़े संगठन के लोगों ने जो दिन में संभाएं की, मंच बनाए थे वो सब जंतर-मंतर से RAF ने हटा दिए, हर्ष दुबे ने मौन व्रत रखने के लिए राजघाट गांधी जी की तरफ कूच किया, बहुत से हमारे साथी पुलिस की हिरासत में हैं चिंता की कोई बात नहीं है सुबह तक छूट जाएंगे, हमारे लोगों द्वारा वकीलों से संपर्क कर कोर्ट में PIL दाखिल कर जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति लेंगे और हम तब तक दिल्ली नहीं छोड़ेंगे जब तक आरक्षण नहीं हट जाता है, घबराने की आवश्यकता नहीं है हम सब रात में इसी निर्णय पर पहुंचे हैं।