If Prasar Bharati can spend ₹15 crore a year on a DD News show featuring a star anchor, while the ISRO Chairman’s basic pay is about ₹27 lakh a year, shouldn’t we rethink our priorities? If India wants to conquer space and attract our finest scientific minds, our rewards must match our ambitions.
If Prasar Bharati can spend ₹15 crore a year on a DD News show featuring a star anchor, while the ISRO Chairman’s basic pay is about ₹27 lakh a year, shouldn’t we rethink our priorities? If India wants to conquer space and attract our finest scientific minds, our rewards must match our ambitions.
जहां भी 8-10 हज़ार पुलिसवाले बिना name-tags के घूम रहे हों वहाँ बाज़ार बंद ही रहना चाहिए। भारत का हर दुकानदार जानता है ये लोग फ़्री में सामान उठा के ले जाते हैं।
@RailMinIndia@RailwaySeva My wife and 2 year old son left Delhi in a train yesterday at 11:30 PM. They were supposed to reach the destination by 12:30 PM today.
It's been more than 21 hours and they are still in train and God knows when will they reach.
Yahi train chala rahe ho
इमरजेंसी से बदतर हालात होते जा रहे हैं...ट्रेनों में जेनजी तलाशे जा रहे हैं..आंदोलन से डरकर सरकार को सड़कों पर कील कांटे गाड़ते..और सड़क खोदते देखा था..आज नवजवानों को ट्रेनों में खोजा रहा है..कहीं वो दिल्ली ना पहुंच जाएं..दिल्ली जाना अघोषित अपराध की श्रेणी में आ गया है...
इस देश में दो घोटाले हुए हैं । जिसकी कभी जांच भी न हो पाएगी । एक तो जनधन अकाउंट खोलकर रिक्शेवाले खोमचे वाले के सौ पचास रुपए अकाउंट में जमा करवा लेना, जिससे धंधो सेठ को लोन दिया जा सके । दूसरा एक मुहिम चलाकर सबको म्यूचुअल फंड की ट्रेन में बिठा दिया ॥
गरीब आदमी दूध, दाल का पैसा काट कर एस आई पी किया और उसके बाद उसकी जान मार दी गई ।
My salute to the Indian pilot Captain Smit Machchhar for his extraordinary bravery.
Despite being stabbed and seriously injured, he fought back, resisted, opened the cockpit door, and enabled passengers and crew to overpower the attacker — preventing a catastrophic mid-air disaster.
He saved the lives of 174 people, including Israeli citizens and other nationals.
I wish Captain Machchhar a speedy and full recovery.
He is a true hero.
क्या ही ज़िंदगी जी रहे हैं हम?
@Swiggy के इंस्टामार्ट से Dr Hen कंपनी के अंडों का ट्रे मंगाया था।देख लीजिए अंडे के नाम पर क्या निकल रहा है।
एक नहीं लगभग हर अंडा ऐसा निकला
सारा टैक्स भरने के बाद और पैसा खर्च करने के बाद ढंग का खाना तक नहीं मिल रहा।
पहले ज़हर खाइए और अस्पताल जाइए
फिर नक़ली दवाईयां अलग इंतज़ार कर रहीं
पहले तो फ़र्ज़ी फैलाया कि 8.5 CGPA है, बहुत बढ़िया ब्रिलियंट स्टूडेंट था। नहीं चला। कोई ले आया कि नहीं भाई, 6.3 टाइप का CGPA था, which is not good.
उसके बाद चलाया गया कि प्रताड़ित करते थे, तीन महीने से प्रताड़ना हो रही थी। पूछा गया कि भाई, तीन महीने से ये बात थी, और तुम अवेयर भी हो कि SC/ST सेल है, लॉ है, सारा कुछ है। उसके माँ-बाप को भी पता था। वो माँ-बाप जो अभी पेड़ के नीचे बैठकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्होंने क्यों नहीं किसी को रिपोर्ट किया? लिखित में, मौखिक में, कोई रिकॉर्ड तो होना चाहिए। वो भी नहीं चला।
फिर आ गया CCTV फुटेज। CCTV फुटेज में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि क्या हो रहा है। तो लगे कहने, नहीं-नहीं, वो तो कैलकुलेटर है। कैलकुलेटर तो सबके आगे रखा हुआ था। और उसका फोन, जिससे वो कर रहा था, एविडेंस के तौर पर सीज़ कर लिया गया।
अब बोला जा रहा है कि CCTV फुटेज का केवल एक छोटा सा पोर्शन ही मीडिया को क्यों रिलीज़ किया गया। ये मेरी समझ से बाहर है। क्या पूरा एग्जाम दिखाया जाए? भाई, जब वो एक्ट हुआ है, उतना ही तो आएगा ना, उतना ही तो दिखाया जाएगा। भाई, चोरी कर रहा था, पकड़ा गया।