भाजपा सरकार की मक्कारी देखिए!
जनता की गाढ़ी कमाई से वसूले गए टैक्स का पैसा जनहित, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर खर्च करने के बजाय भाजपा के आलीशान पार्टी कार्यालय बनाने में लुटाया जा रहा है।
जनता कर्ज और महंगाई से बेहाल है, और भाजपा अपने वैभव के महल खड़े करने में मस्त है!
रात के 2.15 बजे हैं
यह देश देवी को पूजता है
अभी तो नवरात्र में देवी के विभिन्न रूपों की उपासना हो रही है
लेकिन देवी की स्वरूप बेटियों के साथ बर्बरता होती है - और आरोपियों को पुरस्कृत किया जाता है
अंकिता भंडारी के माँ-बाप न्याय की आस लगाए हैं
📍इंडिया गेट, नई दिल्ली
सवाल सिर्फ़ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ बर्बरता और धक्का-मुक्की का नहीं बल्कि “चोरी” का है-
वोट चोरी, नोट चोरी, चंदा चोरी, धंधा चोरी, पेट्रोल चोरी, पेपर चोरी और देश का फ्यूचर चोरी।
आखिर जंतर-मंतर मोदी, शाह और ज्ञानेश की पर्सनल प्रॉपर्टी तो नहीं है। फिर विद्यार्थियों, नौजवानों, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं, आम नागरिकों और विपक्ष के नेताओं को विरोध-प्रदर्शन से क्यों रोका जा रहा है?
गाँधी-जयंती से लगातार लोग विरोध-प्रदर्शन के तय स्थान(जंतर-मंतर) पर जाने की कोशिशें कर रहे हैं और पुलिस लगातार जयशाह के पप्पा के इशारे पर बर्बरता कर रही है। कल राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष और सांसदों को चुनाव आयोग जाने से रोका, आज जंतर-मंतर जाने से रोका।
लोकतंत्र में विरोध का अधिकार एक संवैधानिक हक है। देश किसी की जागीर नहीं है। इस सरकार के अहंकार का एक जवाब है- प्रतिकार !!
मेरे प्यारे देशवासियों अपने हक़ के लिए हुंकार भरो।
मोदी जी, अब बात एक दल की नहीं देश की है और ये लड़ाई देश बनाम चोरी वाली सिस्टम की है।
No You will not do anymore “Chori”
It’s done Bro
कितना शर्मनाक है कि चोरों को बचाने के लिए आम लोगों को परेशान किया जा रहा है।
चोरी चलता रहे इसके लिए रेल, रोड, मेट्रो और इंटरनेट बंद किया जा रहा है।
एक तरफ़ भारत की जनता और दूसरी ओर भाजपा है, यह लड़ाई देश और मोदीजी के दोस्त के बीच है।
यह वोटचोरी से बनी हुई ‘डरपोक’ सरकार है।
‘मोदी-भागवत-शाह-ज्ञानेश’
लोकतांत्रिक संस्थानों को कब्ज़ा कर लगातार भारत को People’s State से Police State बना रहे हैं?
अगर इनकी Majority चोरी की नहीं है तो फिर आम लोगों को परेशान क्यों किया जा रहा है। शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को क्यों रोका जा रहा है।
अगर मोदी जी की लोकप्रियता सच्ची है तो फिर ये पुलिसिया-बर्बरता क्यों की जा रही है।
पिछले दो अक्टूबर से लगातार देश ने दिल्ली में जो देखा है, उससे एक बात तय है-
फायर नहीं कायर है,
नया जनरल डायर है।
छप्पन इंच का बड़ा फट्टू,
एक-बात जान ले तू,
ज्ञानू को तो जाना होगा,
वरना रोज धरना होगा।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जी की जयंती पर शत-शत नमन।
उनका जीवन, विचार और देश के प्रति समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
गांव की इन्हीं पगडंडियों, इन्हीं खेतों और जल-जंगल के बीच बाबा ने संघर्ष की शुरुआत की थी। उस कठिन सफर में मां हर कदम पर उनकी हमसफ़र बनकर साथ चलीं।
बाबा ने जब-जब संघर्ष की राह चुनी, मां ने हर मुश्किल में उनका हाथ थामे रखा।
बाबा के संघर्ष में मां सिर्फ उनकी साथी नहीं थीं, बल्कि उनकी ताकत, उनका संबल और हर कठिन मोड़ पर उनकी सबसे बड़ी हिम्मत थीं।
अंकिता भंडारी के माँ-बाप हिरासत में,
और VVIP दुष्यंत सीधा राजभवन में।
अगर दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के पद से बर्खास्तगी नही हुई, तो अब कुछ इसी तरह पूरे देश की सड़कों पर Justice के लिए Democracy का तांडव होगा। और ये तांड़व तुम रोक नही पाओगे अमित शाह।
Hello @DelhiPolice,
Can you tell the people of India, how much taxpayer money are you wasting on doing illegal surveillance on me?
Just give a rough estimate :)