#रोटी_कपड़ा_शिक्षा_इलाज_मकान
Annapurna Muhim Sant RampalJiअन्नदान महादान। संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा मुहिम की वजह से गरीब परिवार भी आज चैन की नींद सो रहा है। क्योंकि अब उनके खाने की ज़रूरतों से लेकर क��ड़े, मकान आदि सभी आवश्यक चीजों का भी ख्याल रख रहे ह
जिस समय काल ब्रह्म ने श्री कृष्ण जी के शरीर से बाहर निकलकर अपना विराट रूप दिखाया, वह बहुत प्रकाशमान था। अर्जुन भयभीत हो गया तथा श्री कृष्ण उस विराट रूप के प्रकाश में ओझल हो गया था। इसलिए पूछ रहा था कि आप कौन हो? क्या अपने साले से भी यह पूछा जाता है कि आप #santrampaljimaharaj
#healthsecrets♦️ सुनते आए हैं कि परमात्मा अंधों को आँख, कोढ़ी को काया, बाँझन को पुत्र और निर्धन व्यक्ति को धन देता है। वर्तमान समय में यह सर्व सुख संत रामपाल जी महाराज द्वारा बताई गई सतभक्ति करने से लोगों को मिल रहे हैं जोकि स्वयं पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी के अवतार हैं।
@rameshwardas_ झोटे बकरे मुरगे ताई। लेखा सब ही लेत गुसाईं।।
मग मोर मारे महमंता। अचरा चर हैं जीव अनंता।।
किसी भी प्राणी की हत्या करो वह परमात्मा सब का हिसाब लेता है।
⚡गरीब, जीव हिंसा जो करते हैं, या आगे क्या पाप। कंटक जुनी जिहान में, सिंह भेड़िया और सांप।।
जो जीव हिंसा करते हैं
@army_kabir संत रामपाल जी की अन्नपूर्णा मुहिम ने ठाना है, कोई बच्चा नहीं रहेगा अनपढ़, कोई गरीब नहीं रहेगा भूखा! आइए, इस क्र���ंति को देखें Factful Debates यूट्यूब चैनल पर "कलयुग में सतयुग की शुरुआत"
@SoniSanoj84809 ♦️ शिव जी नहीं हैं अविनाशी! यह बात विष्णु जी, खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई से प्रकाशित श्रीमद्देवीभागवत, स्कन��ध 3, अध्याय 4 श्लोक 42 स्वयं स्वीकार रहे हैंl जबकि अविनाशी तो केवल कबीर परमेश्वर हैं जो हमें जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त कर सकते हैंl संत गरीबदास जी ने कहा है:
@Abhishe96558498 ♦️ शिव जी नहीं हैं अविनाशी! यह बात विष्णु जी, खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई से प्रकाशित श्रीमद्देवीभागवत, स्कन्ध 3, अध्याय 4 श्लोक 42 स्वयं स्वीकार रहे हैंl जबकि अविनाशी तो केवल कबीर परमेश्वर हैं जो हमें जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त कर सकते हैंl संत गरीबदास जी ने कहा है:
#शिवजी_की_समर्थता
Gyan Ganga On Shivratri♦️ शिव जी नहीं हैं अविनाशी! यह बात विष्��ु जी, खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई से प्रकाशित श्रीमद्देवीभागवत, स्कन्ध 3, अध्याय 4 श्लोक 42 स्वयं स्वीकार रहे हैंl जबकि अविनाशी तो केवल कबीर परमेश्वर हैं जो हमें जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त
@Neetasahu0 ♦️मेरा, मेरी पत्नी और बेटे का एक्सीडेंट होने के कारन पैर टूट गया है और घर का कमाने व��ला मैं और मेरी पत्नी ही थी लेकिन आज हम बेड रेस्ट पर हैं जिससे हमारे घर का गुजारा बड़ी मुश्किल से चल रहा है लेकिन संत रामपाल जी महाराज ने हम तक खाद्य सामग्री पहुंचाई है तो लग रहा है कि हमें कोई सह