मेरे प्रिय पिताजी की स्मृति में
साथियों,
आज वह दिन है जब हम मेरे प्रिय पिताजी, श्री ढक्कन लाल जी को याद करते हैं। यह उनकी पुण्यतिथि है, और यद्यपि वे शारीरिक रूप से हमारे साथ नहीं हैं, उनकी स्मृति हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेगी। पिताजी एक ऐसे व्यक्ति थे।
साथियों, आज मेरे बेटे बादल अंजान और भव्या अंजान की शादी की सालगिरह है! 🥳 इस खास दिन पर उन्हें ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं। 💖 उनका जीवन खुशियों से भरा रहे। ✨🎂