उज्जैन में 500 करोड़ रुपये की जमीन एक ट्रस्ट को 1 रुपए में दे दी गई। उसके ट्रस्टी श्री राम जी नाम के व्यक्ति हैं, जो मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार हैं।
हमारे सवाल:
• आखिर 500 करोड़ रुपये की जमीन 1 रुपये में क्यों दी गई?
• यदि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट झूठी है, तो FIR क्यों नहीं हुई?
• BJP के प्रदेश अध्यक्ष से सवाल जमीन पर पूछा गया, तो जवाब जाति पर दिया गया। क्या यही इनकी सोच है?
• मुख्यमंत्री बनने के बाद, मोहन यादव के परिवार द्वारा तेजी से जो जमीन खरीदी गई, उसके लिए पैसे कहां से आए?
• क्या मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा खरीदी गई जमीनों का पूरा विवरण जनता के सामने नहीं आना चाहिए?
: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष @jitupatwari जी
📍 दिल्ली
1 लीटर एथनॉल बनाने में 10,000 लीटर पानी इस्तेमाल होता है।
मुंबई को जिन झीलों से पानी मिलता है,उनमें पानी लगभग खत्म हो गया है! कुछ ही दिन का पानी बचा है, अगर बारिश नहीं हुई तो मुंबई में भयानक जल संकट आ सकता है।
इसे अपने सेगमेंट में कब जोड़ रहीं हैं?
CM मोहन यादव ने अपने परिवार के साथ मिलकर उज्जैन में सैकड़ों एकड़ जमीन खरीद ली।
• वहीं, मुख्यमंत्री बनने के बाद खरीदी गई 168 एकड़ में से 111 एकड़ जमीन उस क्षेत्र में खरीदी जहां सिंहस्थ कुंभ आने वाला है।
• उज्जैन के जिस क्षेत्र में 2035 के मास्टर प्लान के ऊपर काम होना है, मोहन यादव के परिवार ने वहां जमीनें खरीदी हैं।
इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक्शन लेने की उम्मीद नहीं है।
वो विदेश में मेलोडी और देश में झालमु़ड़ी खाएंगे, उनके मुख्यमंत्री जमीनें और दान का सोना-चांदी निगल जाएंगे।
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
असम : गुवाहाटी में बिजनेसमैन गौतम बरुआ ने पत्नी का जन्मदिन फ्लाईओवर पर सेलिब्रेट किया। फ्लाईओवर के ऊपर रेड कारपेट बिछाई। आतिशबाजी छोड़ी गई। वहीं पर जश्न हुआ। पुलिस ने गौतम बरुआ और पत्नी सहित 14 लोगों को कस्टडी में लिया। 4 गाड़ियां जब्त की गईं।
90 के दशक में जनसत्ता में एक खबर छपी। प्रभाष जी संपादक थे।
आडवाणी जी पुत्रवधू ने (जो तब परिवार से अलग हो चुकी थीं) आरोप लगाया कि सोमनाथ से अयोध्या यात्रा के दौरान जो चांदी की मूर्तियां आडवाणी जी को भेंट की गई थी, आडवाणी परिवार ने उन्हें पिघला कर कटलरी बनवा ली।
जनसत्ता और प्रभाष जी की बड़ी आलोचना की गई कि उन्हें व्यक्तिगत आक्षेपों को अखबार में जगह नहीं देनी चाहिए थी।
आंदोलन से लेकर निर्माण तक लगातार राममंदिर से जुड़े चंदे/चढ़ावे पर जिस तरह की खबरे आती रहीं उसे देखकर क्या लगता है, जनसत्ता को खबर छापनी चाहिए थी या नहीं?
ગુજરાતના સુરેન્દ્રનગર જિલ્લાના ડાંગસિયા સમુદાય દ્વારા ૭૦૦ વર્ષથી વધુ પ્રાચીન ટાંગલીયા વણાટ કલા!
દરેક નાનકડા ડોટ (ટાંગલી) એક ગાંઠ છે, અને દરેક ગાંઠ એક વાર્તા કહે છે. વાર્પ પર વધારાના વેફ્ટ દોરાને વીંટીને બનાવવામાં આવતા આ ઉભરાતા સફેદ અને રંગીન ડોટ્સ આ કલાને વિશ્વ વિખ્યાત બનાવે છે.#tangaliaart #india
𝐌𝐀𝐍𝐏𝐑𝐄𝐄𝐓 𝐒𝐇𝐈𝐍𝐄𝐒 𝐁𝐑𝐈𝐆𝐇𝐓. ✨🇮🇳
Another chapter added to the 𝐃𝐮𝐬 𝐒𝐚𝐚𝐥 𝐊𝐚 𝐃𝐚𝐛𝐝𝐚𝐛𝐚, with Manpreet Singh at the heart of it as India defeat Pakistan 4-3 in the FIH Hockey Pro League 2025–26. 👏
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