IT'S A VICTORY OF DEMOCRACY
direct democracy... straight from the streets.
It's a victory of peace, patience & persévérance.
Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.
FROM ACCOUNTABILITY, NOW TO REFORMS
संसद परिसर में छात्रों की मांगों को लेकर धरने पर बैठे @AzadSamajParty के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद @BhimArmyChief जी को मेरा पूर्ण समर्थन है। सोचिए, यह कैसी तानाशाही है कि एक सांसद को संसद परिसर में शौचालय तक इस्तेमाल नहीं करने दिया जा रहा। सड़क से लेकर संसद तक, प्रधानमंत्री का अहंकार देश की जनता और सांसद मिलकर तोड़ेंगे।
The longer Narendra Modi waits to remove Dharmendra Pradhan, the worse the situation will get for him.
Even BJP voters are getting fed up of his ego and arrogance.
दिल्ली पुलिस का आदर्श वाक्य ‘शांति, सेवा, न्याय’ है, लेकिन कल जंतर-मंतर पर वर्दीधारी द्वारा मासूम बेटियों की अस्मिता पर किया गया हमला इस आदर्श वाक्य को विडंबना बना देता है।
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to the students.
3. Take action against those who assaulted them.
आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात्रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
प्रिय दिल्ली पुलिस कुछ पता चला इनका। वर्ना लोग प्रदर्शनों में इनकी तरह कपड़े में जाने लगेंगे और लाठी लेकर भी। आपको लगेगा कि पुलिस ही पुलिस आई है। जनता तो आई नहीं। सोशल मीडिया में इस तरह के पोस्टर चल रहे हैं।
ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है,
वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है।
आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, आज से मैं संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ रहा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, मेरा यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
I apologise to all our supporters, especially the girls who were brutally beaten by male police officers.
We could have done better. I could have done better to protect you from the inhumane actions of the Delhi Police.
To protect one Dharmendra Pradhan, who is responsible for the deaths of more than 20 students, the Govt was willing to spill the blood of many more young students.
If you were injured and see this, please DM me. I want to speak to you personally and apologise.
We will keep fighting for all of you.
मोदी जी, ये देश आपके पिता जी का नहीं है। धमकियाँ देना बंद करो, नहीं तो देश के लोग ऐसा सबक सिखाएंगे कि इतिहास याद रखेगा कि एक तानाशाह का कैसा हाल हुआ था।
छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।
प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे - नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं।
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।
भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
An attack on students is an attack on every Indian family.
PM Modi believes he can get away without answers, without consequences. He cannot. Not this time.
I ask every patriotic Indian who believes our students deserve justice - join us in dharna in front of the Prime Minister’s residence.
The voice of India’s students will not be ignored.
देश का छात्र कह रहा है - “हमारा कोई भविष्य नहीं।”
और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं - “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।”
जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए - वहां न्याय है ही नहीं।
Message from Sonam :
20th JULY
आज़ादी का दूसरा आन्दोलन
भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत
Freedom from injustice (Like paper leaks)
Freedom from Fear (my illegal detention)
India’s 2nd FREEDOM MOVEMENT
March to the Parliament
Please make it a big success
Sent through Gitanjali
from my illegal detention at Safdarjung
दिल्ली पुलिस द्वारा CJP प्रोटेस्ट के दौरान हिरासत में लिए गए लगभग 3000 छात्र-छात्राओं तथा युवाओं और महिलाओं पर बर्बर लाठी चार्ज के बाद दोपहर 2 बजे से अब तक विभिन्न थानों और स्टेडियमों में जानवरों की तरह बिना खाना और पानी गिरफ्तार रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण है।
क्या छात्राओं और महिलाओं को इतने रात तक पुलिस स्टेशनों और स्टेडियम में रखना क़ानून का मख़ौल उड़ाना नहीं है?
मोदी जी अब और कितना नीचे गिरोगे ?
लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण विरोध करना अपराध नहीं है।
मैं दिल्ली पुलिस से मांग करता हूँ कि सभी युवाओं को तत्काल रिहा किया जाए और उनके संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाए।