बीजेपी आधिकारिक तौर पर लिख दे कि अब:
तिरंगा उठाना अपराध है
‘भारत माता की जय’ कहना अपराध है
जब कानून में इतने बदलाव कर ही रहे हैं, तो यह भी कर दो।
Mother of Democracy
Priyanka Chaturvedi जी ने एक line में पूरी बात कह दी! 👏
जिसे BJP सालों तक "पप्पू" बुलाती रही, वो Bharat Jodo Yatra में 4,000 km पैदल चला। आज वही Leader of Opposition बनकर संसद में बेरोज़गारी, महँगाई और voter list पर सवाल पूछ रहा है। 💪
अगर product सच में "fail" होता, तो देश का PM World Summit के मंच पर भी उसी का नाम क्यों जपता? 😂
"Fail product" से इतना डर कि PM से लेकर spokesperson तक, सबकी press conference उसी पर ख़त्म होती है!
Congress अपना नेता ख़ुद चुनेगी, BJP के certificate की ज़रूरत नहीं।
और सवाल जनता के मन का नहीं, election process का है। जब ख़ुद Election Commissioners SIR पर 14 आपत्तियाँ लिखकर उसे "unauthorised and illegal" बता रहे हैं, तो प्रश्नचिह्न कौन लगा रहा है? 🤔
Rahul Gandhi को launch करने की ज़रूरत नहीं, वो ज़मीन पर चलकर आए हैं।
Launch तो BJP के jumle होते हैं, जो हर चुनाव में नए पैकेट में आते हैं! 🔥
नरेंद्र मोदी और अमित शाह देश के गद्दार हैं। जब अरुणाचल प्रदेश में चीन और भारत के सैनिकों के बीच झड़प हुई और अभी भी जारी है, तो इन भाजपाइयों ने देश से झूठ बोला कि “न कोई घुसा था, न कोई घुसा है।” जबकि आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि झड़प हुई है और अभी भी चल रही है।
BJP का प्रवक्ता धमका रहा है कि जेल जाना होगा. अरे, जेल जाने से डरते हैं तुम जैसे कायर? अंग्रेजों के समय उनकी चाकरी करते थे, डरपोकों! आज भी वैसे ही हो तुम.
आजकल @ndtvindia में हँसते हुए चेहरों को ग़ुस्सैल कहते हैं क्या? ये ‘मोदियाबिंद’ की समस्या लगती है!
#क़ायर_ज़मात_BJP
ये तस्वीरें दिल्ली के लुटियंस की हैं, जहाँ IYC दफ्तर के बाहर ITBP यानी Indo-Tibetan Border Police के जवान हमेशा तैनात रहते हैं।
सुबह ITBP के DG ने कहा कि चीन हमसे बहुत आगे निकल चुका है, पारंपरिक तरीके से मुकाबला मुश्किल है।
अमित शाह जी, ITBP के जवान चीन से लड़ना के लिए है या अपने ही देश के नागरिकों के प्रदर्शन रोकने के लिए?
ITBP के एक्स हैंडल पर उनके ही चीफ़ शत्रुजीत कपूर का भाषण नहीं है। तस्वीरें हैं। महानिदेशक शत्रुजीत कपूर का वीडियो इसी ट्वीटर पर वायरल है। राजनीतिक दलों के हैंडल पर है। ITBP एक सम्मानित और साहसिक बल है। क्या उसे अपने चीफ़ के भाषण को यहाँ अपलोड नहीं करना चाहिए? उनका बल चीन से मुकाबला कर रहा है और अपने ही चीफ का भाषण ग़ायब करना पड़े, इससे दुखद कुछ नहीं हो सकता। कोई मुझे बताए कि क्या इससे जवानों के मनोबल पर असर नहीं पड़ेगा? मामूली बात है कि जिस चीफ़ के फ़ैसले पर साढ़े तीन हज़ार किलोमीटर सीमा की सुरक्षा निर्भर करती हैं, उनका भाषण ITBP के किसी सोशल मीडिया हैंडल पर नहीं है। क्या पहले था, अगर था तो इसे क्यों हटाया गया? क्या किसी सरकार को आलोचना से बचाने के लिए इतने महत्वपूर्ण बल का मनोबल गिराया जा सकता है। इसी बात पर महानिदेशक शत्रुजीत कपूर को अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए कि जब उनका भाषण उनके ही बल के सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं हो सकता तो चीफ बने रहने का क्या मतलब रह जाता है। ITBP को स्थिति साफ़ करनी चाहिए। बताना चाहिए कि भाषण की रिकार्डिंग कहाँ है?
https://t.co/HDxADaryAN
आम व्यक्ति किसी देश की एम्बेसी से वीजा लेता है, तो उसके पासपोर्ट नंबर की एंट्री हो जाती है।
फिर एयरपोर्ट पर,जैसे ही वह इमिग्रेशन पर खड़ा होता है, वहाँ -पासपोर्ट औऱ वीजा दोनों स्केन होते है। उसका डेस्टिनेशन, फ्लाइट डिटेल्स, सब कुछ विदेश मंत्रालय की निगाह मे होता है।
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पर अगर वह व्यक्ति सांसद - MP है -
तो उसके पास टाइप D डिप्लोमेटिक पासपोर्ट है।
अब उसे किसी भी यात्रा के लिए सरकार से प्रायर "पॉलिटिकल क्लियरेंस" की जरूरत है।
आवेदन कम से कम यात्रा के 3 हफ्ते पहले दिया जाता है। जिसे पूरी ऐटेनरी पढ़, समझ, जानकर ही - सरकार अनुमति देती हैं।
फिर संबंधित एम्बेसी को "पॉलिटिकल क्लियरेंस" की सूचना दी जाती है, ताकि उस देश मे हमारी एम्बेसी, पॉलिटिकल क्लियरेंस की शर्तो नियमों का कम्प्लायंस पक्का करवा सके।
इसके बाद ही, किसी MP की विदेश यात्रा संभव हो पाती है।
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अब अगर वह LOP हैं
तो आपने सुरक्षा कर्मी भी दिए है। जो साथ घूम रहा है। वह सरकारी कर्मचारी है, पर असल मे सरकारी खबरी है। यह बात तो ऑफिशियल हैं, सबको पता है।
अनऑफिशियल, उसके स्टाफ मे आपने तमाम आदमी घुसा रखें है। फोन मे पैगासस डाल रखा है। यात्रा की इटेनरी आपके पास है, तो उसके होटल, कमरे मे बग डाले होंगे।
कई दर्जन जासूस सादे कपड़ो मे होंगे।।
फोटो बाजी हो रही होगी।
दूरबीने लगी होंगी।
(न लगी, तो आप गधे हो)
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अब त्रिवेदी जी की मानी जाये, तो राहुल गाँधी, बिना पासपोर्ट, बिना वीजा, बिना मोदी गवर्मेँट की पॉलिटिकल क्लियरेंस के - शायद किसी स्मगलर की डोंगी मे बैठकर, कोस्ट गार्ड से बच बचा के किसी "अज्ञात" देश गए है???
औऱ "संदिग्ध "लोगो से मिल रहे है??
जिनकी पहचान, फोटो, खबर कुछ भी नहीं।
तो वो नहीं , आपका पूरा गैंग पप्पू है।
यह तो त्रिवेदी जी के विदेश मंत्रालय, इंटेलीजेंस सर्विसेज, तमाम खुफिया तंत्र, औऱ उस देहाती जेम्स बॉन्ड के गाल पर धूमधाम से मारा गया तमाचा है।
यदि त्रिवेदी जी की बात सत्य है, तो उन्हें ऐसी भोंदू सरकार से तुरंत इस्तीफा मांगना चाहिए।
🙏😊
Priyank Kharge जी ने एक line में संविधान का पाठ पढ़ा दिया: "Nobody is above the Constitution!" 👏🇮🇳
RSS वालों का तरीका देखिए: चिट्ठी थमाई, "information" दी, और उम्मीद की कि Karnataka Police दौड़कर बंदोबस्त करेगी। 😏
भाई, ये सूचना नहीं, हुक्म देने वाली आदत है!
क्या माँगा गया है? बस इतना कि कौन हो, कहाँ से कहाँ तक जाओगे और साथ में कौन-कौन है।
यही नियम हर आम नागरिक, हर संगठन और हर जुलूस पर लागू होता है, तो RSS पर क्यों नहीं? 🤔
RSS की अपनी report में Karnataka में 562 route march और 2,21,963 uniformed लोग दर्ज हैं।
इतनी भीड़ सड़कों पर उतरेगी तो police, traffic और security सब जनता के पैसे से लगेगा। फिर permission लेने में तकलीफ़ क्यों? 🤨
जो लोग 24 घंटे "राष्ट्रवाद" का पाठ पढ़ाते हैं, उन्हें एक application form भरने में भी ego hurt हो जाता है! 😂
Police जनता की है, किसी संगठन की नौकर नहीं।
कानून सबके लिए बराबर है, चाहे निक्कर हो या कुर्ता! 🔥
सबका नंबर आएगा...देखते जाओ
जब पूरे देश में डेमोक्रेसी का चीर हरण हो रहा था तो जगनमोहन पीएम नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार के साथ खड़े थे।
अब आंध्र प्रदेश में खुद का नंबर आया, तो लोगों से लोकतंत्र बचाने की लिए आगे आने की अपील कर रहे हैं
वोट से डर इतना कि उम्मीदवार को पर्चा तक भरने न दिया जाए?
सत्ता का अहंकार जब सिर चढ़कर बोलता है तो लोकतंत्र की मर्यादाएँ तार-तार होने लगती हैं।
चुनाव लड़ने जा रही आंध्रप्रदेश की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री को ज़मीन पर पटकना सत्ता के अहंकार और लोकतांत्रिक अधिकारों के अपमान की तस्वीर है।
आखिर पुलिस किसके इशारे पर इस तरह की कार्रवाई कर रही है?
क्या सत्ता के दबाव में विपक्ष के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला जाएगा?
#NirmalChoudhary