@KESCoHQ@aksharmaBharat@CMOfficeUP@UPPCLLKO@mduppcl रोज - रोज का विद्युत आपूर्ति कटौती का नियम बना रखा है आन आदमी दिन के ड्यूटी करके आराम करने की सोचता है और आप लोग की इतनी बेइज्जत लोग हो आम लोगों को परेशान करके रखा है नौबस्ता hanspuram सबस्टेशन
तमिल अभिनेता रवि मोहन कैमरे के सामने भावुक हो गए।
"मैं शांत स्वभाव का व्यक्ति हूँ। इसलिए, सब मुझे कमज़ोर समझते हैं।"
"तलाक मिलने तक मैं अभिनय छोड़ रहा हूँ।
"मुझे अपने बच्चों से मिलने से रोका जा रहा है।"
"आज तक मेरा कोई निजी बैंक खाता नहीं है। मेरा केवल एक संयुक्त खाता था।"
"अगर मैं थोड़ी सी भी रकम निकालता, तो मुझे तुरंत फोन आता और पूछा जाता कि मैंने पैसे क्यों निकाले।"
🚨#WATCH: Chief Surya Kant’s comments have led to a nationwide outrage. Unfortunately for the institution, this is the not the first time he has made such remarks.
The clarification given today neither conveys regret nor apology.
Link—https://t.co/G5dG0R3NDw
दवाइयों के दाम आसमान छू रहे है..।
महंगाई बढ़ रही है, किसान परेशान है, बेरोजगारी बढ़ रही है,सड़को के हालात खराब है
पुल टूट रहे हैं,स्कूल और एयरपोर्ट के छत गिर रहे हैं।
लेकिन रवि किशन साहब को समोसे के बढ़ते दाम की चिंता है..!!
SSC से हमारी मांग
1. EDUQUITY को बैन करो।
2. Exam Calender के साथ साथ इसी नोटिस में रिजल्ट Date भी बताई जाए, Exam Calender जारी का Month, UPSC की तरह निर्धारित हो।
3. Normalization की प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायपूर्ण हो।
4. Exam level Exam Qualification के हिसाब से हो, प्रश्न पत्र में गलत प्रश्न ना हो एवं एक ही प्रश्न अलग-अलग पालियों में ना पूछा जाए।
5. भर्ती में सफल हुए अभ्यर्थी की नियुक्ति उससे पहले की अधूरी भर्ती प्रक्रिया आने से पहले हो।
6. Waiting list जारी की जाए।
7. दूरस्थ केन्द्रों की संख्या न्यूनतम हो एवं दिए गए Options में से Exam Centres हों, यदि Option 3 में जगह 5 भरवाओ।
8. Exam Centres बहुत Interior में नहीं दिए जाने चाहिए, जहां पहुँचना भी किसी अभ्यर्थी के लिए दुष्कर हो।
9. Exam Centres वहां पर हों, जहां यातायात बहुत सुगम हो एवं अभ्यर्थी को Center पर पहुँचने में कोई समस्या ना हो।
10. किसी भी Centres पर प्रशिक्षित स्टाफ हो और जो प्रतिबंध अभ्यर्थियों के लिए हो, वहीं केन्द्र निरीक्षकों के लिए हो।
11. Centres पर अभ्यर्थी के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार ना हो।
12. Technical Glitches (Server slow, System slow) की समस्या बिल्कुल ना हो।
#SSCVendorFailure
क्या पता था इस बाप को जो उसका बेटा है वही उसकी जान लेने पर उतारू हो जायेगा।
कुछ प्रॉपर्टी के चक्कर में इस व्यक्ति को अपने पिता को बेरहमी से पीटा जिसके बाद सदमे में उनकी मौत भी हो गई।
सच में कलयुग अपने पीक स्टेज पर है।
कल IPS @sanjivbhatt एक 28 साल पुराने केस में 20 साल की सजा सुना दी गई है. क्या है ये 28 साल पुराना मामला? कैसे मोदी के खिलाफ़ गवाही देने के कारण संजीव भट्ट को टारगेट किया? इसे लेकर मैंने तीन वीडियो बनाई हैं. इस 28 साल पुराने केस से रिलेटेड वीडियो का
लिंक- https://t.co/RTqROyMvs6
बाकी दो एपिसोड अलग केसेज और गुजरात दंगों में दी गवाही पर हैं.
पार्ट-1- https://t.co/RTqROyMvs6
पार्ट-2 https://t.co/2qejqdq9Al
#ReleaseSanjivBhatt #JusticeForSanjivBhatt
हॉस्टल काण्ड
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अब जब सभी को मेरे हॉस्टल कांड की भनक लग ही चुकी है तो आप भी इसे पूरा जान लीजिए.
दोस्तों, ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई घर से पूरी करने के बाद मैं अपने पोस्ट-ग्रेजुएशन के लिए हॉस्टल जाने ही वाली थी कि उसी दौरान तिवारी जी का “बबुनी के लागल बा शहर के हवा अउरी पढ़ावा” गाना मशहूर हो गया.
मेरी माताजी डर गयीं और पैसों की कमी का बहाना बनाकर मुझे हॉस्टल नहीं जाने दिया.
ग़ुस्से में मैंने इस महिला-शिक्षा-विरोधी गीत के गायक के पोस्टर पर भरी-दोपहरी कालिख पोत दी.
अगले साल जब मैंने दोबारा हॉस्टल जाकर पोस्ट ग्रेजुएशन करने की बात कही तो माताजी ने कहा कि बचिया धीरज धरो, 15 लाख खाते में आने ही वाले हैं, जब आयेंगे तब चली जाना हॉस्टल.
पर रुपये नहीं आये.
तब इस 15 लाख वाले झूठ के लिये ज़िम्मेदार दढ़ियल बाबा के पोस्टर को मैंने भरी दोपहरी चप्पलों से तब तक पीटा जब तक मेरी चप्पल टूट नहीं गई.
तीसरे साल जब मैंने आगे की पढ़ाई लिए भाई से जिद की तो उसने बताया कि वो फ़ौजी बनने जा रहा है. अब पोस्ट ग्रेजुएशन तो क्या पीएचडी भी करवा देगा.
पर दोस्तों, वो फ़ौजी बनते-बनते अग्निवीर बन कर रह गया और उसने बताया कि उसकी नौकरी PHD से भी छोटी है.
ये सुनते ही मैं चप्पल उठाकर दीवार की ओर फिर से बढ़ ही रही थी कि तभी बाबूजी आ गये और बोले,
“धान रोप देले बानी बचिया…मोदीजी ने कहा है आमदनी दुगुनी होने ही वाली है, फिर चली जाना हॉस्टल!”
मैं फिर से रुक गई. पर गाइज़, उस साल धान की फसल साँड़ चर गये.
अंत में थक-हारकर मैंने अपने व्यापारी मामाजी से फ़ोन पर कहा कि वो मुझे आगे की पढ़ाई के लिए हॉस्टल भेज दें, पर उन्होंने रुआंसे होकर बताया कि दो गुजराती गुंडों ने उनको इलेक्टोरल बॉण्ड ख़रीदकर पार्टी फण्ड में जमा कराने को कहा है. वो मेरी मदद नहीं कर पायेंगे.
उस दिन मैंने गाँव की चट्टी पर चिल्ला-चिल्लाकर गाँव-जवार को इकट्ठा कर लिया और सबके साथ मिलकर नारा लगाया कि
-चौकीदार ही चोर है.
उसी दिन से ये घटना मेरे गाँव-जवार में नेहा हॉस्टल कांड के नाम से मशहूर हो गई.
#हॉस्टल_कांड
#nehasinghrathore
@ShamsTabrezQ@SureshChavhanke पहले कुछ ही लोग शुरू करते है, फिर बढ़ जाती है, आपकी आवाम कुछ दंगा करवाने पे क्यू तूली रहती है क्या उन्हें दंगा कराने की तालीम दी जाती है ??