जाने-माने शिक्षाविद विकास दिव्यकीर्ति ने सही मांग किया है,
मैने भी पूर्व में कई बार इस विषय पर चर्चा किया है,
मेरा भी मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई अन्य भाषाओं में भी होनी चाहिए,
जिससे कि हमारे देश की विविधता में एकता वाली बात और भी मजबूत होगी।
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने यमुना किनारे बेला एस्टेट में रहने वाले लोगों से मुलाकात कर, समस्याएं सुनीं।
लोगों ने बताया कि SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ एक नाम बचा, बाकी 727 नाम काट दिए गए।
पिछले साल राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि राजुरा, महाराष्ट्र में 6800 फर्जी वोट जोड़े गए।
BBC ने इसकी पड़ताल की और पाया कि यह सही है। इसे लेकर जो FIR हुई उसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नरेंद्र मोदी, अमित शाह कहते हैं- आने वाले कई साल तक देश में BJP की सरकार रहेगी।
मैं करीब 50 साल से राजनीति देख रहा हूं, लेकिन कोई भी नेता ऐसी बातें नहीं कह सकता।
इंदिरा गांधी जी ने बांग्लादेश का युद्ध जीता, उसके बावजूद अगले कुछ साल में Anti-incumbency हो गई। देश के कई प्रधानमंत्रियों-मुख्यमंत्रियों को इसका सामना करना पड़ा।
Anti-incumbency हिंदुस्तान की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत है।
लेकिन ये ताकत नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर असर क्यों नहीं करती- इसका जवाब दो इलेक्शन कमिश्नर्स ने दे दिया है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 दिल्ली
विशेष संवाद बुलावा: कांग्रेस कार्यकर्ताओं व सहयोगियों के नाम
कांग्रेस पार्टी लाखों कार्यकर्ताओं के त्याग और समर्पण से बनी है। जिन्होंने संगठन के लिए अपना जीवन दिया, अब उनकी बात सुनने की बारी है। चाहे आप संगठन में सक्रिय रहे हों, किसी वजह से निष्क्रिय हो गए हों, या संविधान और मानवता में विश्वास रखते हुए देश बचाने की इस लड़ाई से जुड़ना चाहते हों.. आप सीधे मिलकर अपने विचार, सुझाव और पीड़ा साझा कर सकते हैं।
आइए, पुरानी दूरियां मिटाकर मिलकर कांग्रेस को मजबूत बनाएं। आप 20 सितंबर को दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच लखनऊ स्थित कांग्रेस कार्यालय आएं और अपनी बात रखें, मैं पूरी संवेदनशीलता के साथ आपकी बात सुनूंगा।
- प्रभारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष-अनुसूचित जाति विभाग, AICC श्री राजेंद्र पाल गौतम (@AdvRajendraPal) जी
2016 में कहा था।
2026 में देश देख रहा है।
नोटबंदी के ठीक एक महीने बाद राहुल गांधी ने कहा था - “Paytm मतलब Pay to Modi.”
तब हँसी उड़ाई गई।
तब कहा गया - तंज है, राजनीति है, कुछ नहीं होगा।
आज वही सवाल फिर खड़ा है।
UPI पर ₹2000 तक मुफ्त, उसके ऊपर के मर्चेंट लेनदेन पर फीस का रास्ता खोल दिया गया।
संख्या में 5% ट्रांजैक्शन, वैल्यू में लगभग 65%।
दुकानदार पर चार्ज लगेगा तो कीमत किसकी जेब से निकलेगी?
2016 में उन्होंने कहा था - कैशलेस का शोर कुछ कंपनियों और बड़े खिलाड़ियों के फायदे का रास्ता है।
2026 में वही बहस डिजिटल पेमेंट की फीस पर लौट आई है।
दूरदर्शिता शोर नहीं होती।
दूरदर्शिता वो बात होती है, जो उस वक्त अजीब लगे और सालों बाद सामान्य लगने लगे।
राहुल गांधीजी उस समय भी पूछ रहे थे - फायदा किसका? कीमत किसकी?
आज देश वही सवाल दोहरा रहा है।
#PayToModi #UPI #RahulGandhi
'मंदिर' में दाना चुगकर चिड़ियां 'मस्जिद' में पानी पीती हैं,
मैंने सुना है 'राधा' की चुनरी, कोई 'सलमा' बेगम सीती हैं
एक 'रफ़ी' था महफ़िल महफ़िल 'रघुपति राघव' गाता था
एक 'प्रेमचंद' बच्चों को 'ईदगाह' सुनाता था
कभी 'कन्हैया' की महिमा गाता 'रसखान' सुनाई देता है
औरों को दिखते होंगे 'हिन्दू' और 'मुसलमान'
मुझे तो हर शख़्स के भीतर 'इंसान'
दिखाई देता है
क्योंकि
ना हिंदू बुरा है ना मुसलमान बुरा है
जिसका किरदार बुरा है वो इन्सान बुरा है
ये कच्ची उम्र के प्यार भी बड़े पक्के निशान देते हैं,
आज पर कम ध्यान देते हैं बहके बहके बयान देते हैं!
उन को देखे हुए मुद्दत हुई और ,
हम अब भी जान देते हैं!
यासरा रिज़वी♥️