या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
जगत जननी माँ दुर्गा के पावन स्वरूप
और शक्ति पूजा के सही तरीके को
समझने के लिए आज ही पढ़िए
आचार्य प्रशांत की पुस्तक
दुर्गासप्तशती 👇
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🏆 हाल ही में एशियन गेम्स में Mixed Martial Arts में पदक जीतने के बाद Suchika Tariyal आचार्य प्रशांत जी से मिलने आईं।
क्या आप जानते हैं कि Suchika ने किन अन्य खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है?
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🥉 सुचिका तरियाल: 24 साल की लड़ाई, एक ऐतिहासिक पदक #AcharyaPrashant#ChampionsAskAcharyaPrashant#WisdomBeyondTheRing
12 साल की उम्र में दिल्ली के एक सैलून में उनके साथ बदसलूकी हुई। वो बेबस थीं, पर टूटी नहीं। उसी दिन तय किया कि अब खुद को इतना मज़बूत बनाऊँगी कि कोई छू न सके।
सरकारी क्वार्टर के पास खाली घर में चिन-अप्स, पुश-अप्स और चौथी मंज़िल तक पानी की बाल्टियाँ। फिर जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में जूडो की ट्रेनिंग। दादी चाहती थीं कि लड़कियाँ घर से बाहर न निकलें, पर सुचिका रुकी नहीं।
आठ बार की राष्ट्रीय जूडो चैंपियन, 2019 कॉमनवेल्थ जूडो में गोल्ड, 2024 में JJIF जू-जित्सु वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड। पैसों की तंगी में विदेशी टूर्ना���ेंट के लिए खुद खर्च उठाया, लोन लिया। पति कपिल हुड्डा हर कदम पर साथ खड़े रहे।
जब जू-जित्सु का रास्ता बंद हुआ, तो उन्होंने MMA चुना। और 36 की उम्र में नागोया एशियन गेम्स में इतिहास रच दि��ा: भारत की पहली MMA पदक विजेता। 🇮🇳
सेमीफाइनल सिर्फ़ 700 ग्राम वज़न के फ़ासले पर हाथ से निकल गया। मैट पर उनके आँसू हर उस खिलाड़ी के थे जिसने दिल से लड़ा। पर कांस्य सिर्फ़ पदक नहीं, 24 साल के संघर्ष का जवाब है।
2 अक्टूबर को, Weekend With Master में, सुचिका ने पहली बार सार्वजनिक रूप से यह कहानी आचार्य प्रशांत जी के साथ साझा की। पदक के बाद भी पूछा गया, “खुशखबरी कब दे रही हो?” एक स्पॉन्सर कह चुका था, “32 की है, अभी भी खेल र���ी है?”
आचार्य प्रशांत जी का जवाब सीधा था: “32 में ताना सुना, 35 में मेडल जीता। ये रहा ताने का जवाब।”
सेमीफाइनल के उस फैसले पर उन्होंने गीता के निष्काम कर्म से समझाया: मेहनत परिणाम खरीदने के लिए दिया गया भुगतान नहीं होती। सही दिशा में लगातार ��ेहतर बनते रहना ही असली बात है। परिणाम अपने आप आ सकते हैं।
दर्द को ताकत बनाने वाली इस बेटी को सलाम। उम्र सीमा नहीं थी। ताना अंतिम शब्द नहीं था। 🙏
पूरा संवाद:
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महिलाओं की उम्र और समाज की संकीर्ण सोच पर Acharya Prashant जी की दो टूक
35 वर्षीय एशियन गेम्स पदक विजेता सुचिका टडियाल (Suchika Tariyal) के साथ पॉडकास्ट में जानिए उम्र, करियर और समाज की सोच पर आचार्य प्रशांत जी के विचार।
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क्या वाकई उम्र सपनों की राह में रुकावट बनती है? देखिए पूरा वीडियो और जानिए समाज महिलाओं की उम्र को लेकर क्या सोचता है।
Source: Navbharat Times
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🏆 A champion’s journey doesn’t end with a medal.
Suchika Tariyal made history in MMA. But her conversation with #AcharyaPrashant raises a deeper question:
"Can we win the world and still remain strangers to ourselves?"
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@thekiranbedi हमारे भोगने की अंधी कामना पूरी पृथ्वी को बर्बाद किए दे रही है हम अभी भी इस पर बात करना नहीं चाहते पता नहीं क्यों और फिर दावा भी करते हैं कि हमें अपने बच्चों और परिजनों से प्रेम है सच में
With warming of the earth due to unrestricted exploitation and abuse—or use of it out of compulsions of increasing population in greed or need of development of infrastructure
It’s not the flood but—-
Glaciers every where, which will crack and break and fall below—-Causing obstructions in rivers below.
Sweeping away all below.
It can now be anywhere and every where.
Humanity is at risk. Whoever survives only nature know. Listen to @Advait_Prashant
नेपाल: बाढ़ कैसे आई? || आचार्य प्रशांत https://t.co/ij9s6Wla01 via @YouTube