Train 12735 coach G9
2 out of 4 washrooms not working and remaining 2 has has limited or zero water supply . Please look into this @IRCTCofficial@irctc_app
Well done Hyderabd traffic police @HYDTP@hydcitypolice@GHMCOnline
Everyday this has become a norm at MJ bridge, city college.
1 bridge for pigeon feeding , 1 bridge now encroached by fruits seller and centre bridge is for people’s suffering. Thank you for mis-management
From couple of months, mosquitoes have increased by many folds in Hyderabad city causing trouble and diseases. It looks almost uncontrollable. Please take some steps to control this @GHMCOnline@CommissionrGHMC@TelanganaHealth
Definition of a Hindu:
The one who throws away his/ her religion for 1 lakh rupee
So my dear proud Hindus - now you know why Muslims ruled you and Christian convert you.
You are an embarrassment - shame on you
My Indigo flight 6E-426 from Hyd to Pune on 14th Jan 2024 is cancelled by the airline. From past 5 hrs, I am trying to cancel my ticket but it is constantly showing below error. Also I am not getting my call connected to Customer Support. I don’t expect @IndiGo6E.
BIG BREAKING NEWS - UP CM Yogi Adityanath decides to build a cricket stadium in Mohammed Shami's village after Shami’s fabulous performance in the Semi Final🔥🔥
Shami is from Sahaspur village of Amroha. Officials have been told to conduct surveys. Massive move by Yogi Adityanath Govt ♥️🔥
Egyptian civilisation was rich. Persians were richer. Today both don't exist, replaced by Islam.
Your economy won't protect your culture, but your culture will protect your economy.
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I live in Hyderabad city and this is the condition of my Jio network. We have raised multiple complaints and the answer we get is that we are installing new towers. And it’s not only me who is facing this, entire area is having the same issue. This is sad
@reliancejio@JioCare
भाग १/२
मीनाक्षीपुरम, तमिलनाडु के धर्मान्तरण की हृदयविदारक कहानी...
23 फरवरी 1981 का दिन था वह, जब तमिलनाडु के मीनाक्षीपुरम में डाॅक्टर नसरुद्दीन कमाल अपने साथियों के साथ एक दलित परिवार को बंधक बनाए हुए थे। घर के सभी लोगों ने इस्लाम कबूल लिया था, घर के लोग ही क्यों लगभग एक हजार दलित धर्मांतरण करके जबरन मुस्लिम बनाए चुके थे। इसलिए मीनाक्षीपुरम का नाम बदलकर रहमतनगर रख दिया गया था।
यह दलित गिने के घर की कहानी है। उसकी 8 वर्ष की पोत्री थी वैदेही... वह किसी भी कीमत पर मुस्लिम बनने को तैयार नहीं हुई।
‘मै मर जाऊंगी लेकिन कलमा नहीं पढ़ूंगी’, उसने अपने दादा से कहा था, ‘बाबा आपने ही तो मुझे गायत्री मंत्र सिखाया था ना... आपने ही तो बताया था कि यह परमेश्वर की वाणी वेदों का सबसे सुंदर मंत्र है, इससे सब मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं, फिर मैं उन लोगों का कलमा कैसे पढ़ सकती हूं, जिन्होंने मेरे सहपाठियों का कत्ल कर दिया, क्योंकि वे भी मुस्लिम नहीं बनना चाहते थे।
हम ऐसे मजहब को कैसे अपना सकते हैं? जिसे न अपनाने पर कत्ल का भय हो, मुझे तो गायत्री मंत्र प्रिय है जो मुझे निर्भय बनाता है।’
‘बेटी जीवन रहेगा तो ही धर्म रहेगा ना... जिद छोड दे और कबूल कर ले इस्लाम।’ बाबा ने अंतिम प्रयास किया था।
उसने बाबा से सवाल किया था, ‘बाबा आपने एक दिन बताया था कि गुरु गोबिंद सिंह के दो बच्चे दीवार में जिंदा चिनवा दिए थे, लेकिन उन्होंने इस्लाम नहीं कबूला था, क्या मैं उन सिख भाइयो की छोटी बहन नहीं? जब वे धर्म से नहीं डिगे तो मैं कैसे डिग सकती हूं?’
‘दो टके की लड़की, कलमा पढ़ने से इंकार करती है,’ डाॅक्टर नसरूद्दीन कमाल के साथ खड़े मौलाना नुरूद्दीन खान ने उसके बाल पकड़ते हुए चूल्हे पर गर्म हो रहे पानी के टब में उसका मुंह डूबा दिया था। पानी भभक रहा था, इतना गर्म था कि बनती भाप धुंए के समान नजर आ रही थी। बालिका के चेहरे की चमड़ी निकल गई थी एक बार ही डुबोते, चीख पड़ी थी, ‘भगवान मुझे बचा लो?’
‘तेरा पत्थर का भगवान तुझे बचाने नहीं आएगा, अब तो इस्लाम कबूल ले लड़की, नहीं तो इस बार तुझे इस खोलते पानी में डुबा दिया जाएगा।’ मौलवी ने कहा था, फिर उसके दादा ने भी कहा, ‘कबूल कर ले बेटी इस्लाम, हम भी सब मुसलमान बन चुके, तू जिंदा रहेगी तो तेरे सहारे मेरा बुढ़ापा भी कट जाएगा।’
मौलवी ने चूल्हे के पास से मिर्च पाउडर उठाकर उसकी आंखों में भरते हुए और चेहरे पर मलते हुए कहा, ‘दूध के दांत टूटे नहीं, और इस्लाम नहीं कबूलेगी।’
एक बार फिर तड़प उठी थी वह मासूम, पर इस बार भी यही कह रही थी, ‘नहीं मैं इस्लाम नहीं कबूल करूंगी।’
मौलवी को भी क्रोध आ गया था, इस बार तो उसका सिर जलते हुए चूल्हें में ही दे डाला था। परंतु प्राण त्यागते हुए भी उस बालिका के मुख से यही निकल रहा था, ‘मैं इस्लाम नहीं कबूल करूंगी।’
अंतिम बार डाॅक्टर नसरूद्दीन कमाल की ओर आशा भरी दृष्टि से देखा था, ‘मेरा धर्म बचा लो... डाॅक्टर साहब... पत्थर के भगवान नहीं आएंगे, आज से मैंने तुझे भगवान मान लिया...’
अब उसमें कुछ नहीं रहा था, वह तो मिट्टी बन चुकी थी, डाॅक्टर नसरूद्दीन कमाल भी तो धर्मांतरण करने वाले लोगों की मंडली में ही शामिल था, लेकिन उस बालिका ने पता नहीं उसमें क्या देखा कि विधर्मी से ही धर्म बचाने की गुहार लगा बैठी थी, उस असहाय बालिका का धर्म के प्रति दृढ़ निश्चय देखकर हृदय चीत्कार कर उठा था नसरूद्दीन कमाल का, ‘या अल्लाह ऐसे इस्लाम के ठेकेदारों से तो मर जाना अच्छा है।’
वह घर की ओर भाग लिया था और डाॅक्टर नसरूद्दीन कमाल पूरे दस दिन अपने घर से नहीं निकला, कुछ खाया पीया नहीं, बस उस बालिका का ध्यान बराबर करता और आंखों में आंसू भर आते उसके... गायत्री मंत्र का अर्थ जानने के लिए उसने एक किताब खरीदी, गलती से वह नूरे हकीकत यानी सत्यार्थ प्रकाश थी। उसने उसका गहराई से अध्ययन किया और 11 नवंबर 1981 को एक जनसमूह के सामने विश्व हिन्दू परिषद और आर्य समाज के तत्वावधान में अपने पूरे परिवार के साथ वैदिक धर्म अंगीकार कर लिया।
डाॅक्टर नसरूद्दीन ने अब अपना नाम रखा था आचार्य मित्रजीवन, पत्नी का नाम बेगम नुसरत जहां से श्रीमती श्रद्धादेवी और तीन पुत्रियों शमीम, शबनम और शीरीन का नाम क्रमशः आम्रपाली, अर्चना और अपराजिता रखा गया।
(१/२)
भाग २
https://t.co/uRKgJvlGuC
Today while driving I saw this board, what is the pt to have this corporation which is not able to develop the riverfront from past 15 years. As a citizen, I have right to ask a question about this. When will we have Musi River front??? Irony is Musi becoming more polluted :(