@HardikPatel_ जिनकी दादी जी ने इमर्जेंसी के दौरान संविधान की धज्जियाँ उड़ायी ��र संवैधानिक संस्थाओं का दमन किया, वो आज संविधान की दुहाई दे रहे हैं। भारत की न्यायपालिका की तुलना पाकिस्तान से करना बेहद शर्मनाक और हास्यास्पद है। ये बयान उनकी समझ-बूझ पर एक बार फिर से सवाल उठाता है!