पुरानी हिंदी फिल्में ध्यान से देखिए।
ज्यादातर फिल्मों में आपको कई बार लगेगा की निर्देशक को ना तो उसका काम ठीक से आता है और ना ही उसके मन में अच्छा काम करने की कोई चाह है।
इस तरह की खामियां अधिकतर एक्शन सीक्वेंस में दिखाई देती है।
मिसाल के तौर पर दृश्य है कि एक बच्चा नदी में डूब रहा है और हीरो उसे बचाता है। अब जब इस दृश्य को फिल्माया जाएगा तो ना तो आपको ठीक से डूबता हुआ बच्चा दिखाई देगा ना उसे बचता हुआ हीरो दिखाई देगा। इसकी बजाय आपको लोंग शॉट दिखाई देंगे। और आसपास खड़े लोगों के क्लोजअप दिखाई देंगे। पीछे से बहुत तेज आवाज में ड्रैमेटिक म्यूजिक बजा दिया जाएगा। चीख पुकार और शोरगुल होगा। कुल मिलाकर माहौल क्रिएट किया जाएगा जैसे बहुत बड़ा एक्शन चल रहा है लेकिन सच में कुछ समझ ना आने की स्थिति होगी।
इंकॉम्पटेंसी छिपानी की इसी शैली को मोदी शाह की बीजेपी ने राजनीति में इंट्रोड्यूस कर दिया है।
होगा कुछ नहीं, आप बस शोर सुनेंगे। और खुश रहेंगे।
हो क्या रहा है इसका सही-सही पता कभी नहीं चलेगा।
यह नजारा हसदेव जंगल का बताया जा रहा।
बताइए राष्ट्र निर्माण के लिए हमारे आदिवासी भाई बहन अपना जंगल नहीं काटने दे रहे, अपना घर बर्बाद नहीं करने दे रहे हैं, अब इनको भी राष्ट्र विरोधी का तगमा दे दिया जाएगा, किसानों के बाद अब आदिवासियों को भी विकास के रास्ते का रोड़ा बुलाया जाएगा।
Baaki Sab Theek Hai
📌Trade Deficit widened to $29.7 bn in August from $24.2 bn a year ago...Baaki Sab Theek hai
📌India's merchandise exports declined to $34.7 bn in August from $38.3 bn a year ago...Baaki Sab Theek hai
📌Growth in India’s GST collections slumped to a 40-month low of 6.5% in September, with revenues at ₹1732 bn...Baaki Sab Theek hai
📌India's manufacturing PMI hit 8-month low in Sept at 56.5 from 57.5 in August...Baaki Sab Theek hai
📌Services PMI in India decreased to 57.7 points in September to hit a 10-month low from 60.9 points in August of 2024...Baaki Sab Theek hai
Credits and Source: Aequitas Newsletter Oct 2024
"Indian spies were kicked out of Australia after being caught trying to steal secrets about sensitive defence projects & airport security, as well as classified information on Australia's trade relationships"
When was this discussed on Indian Lapdog TV?
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दस सालों से मीडिया का सिर्फ़ एक टॉपिक है- मुसलमान… मुसलमान… मुसलमान। कोई ग़लत के ख़िलाफ़ बोले वो भी मुसलमान। कोई सरकार के विरुद्ध बोले वो भी मुसलमान। किसी नेता के ख़िलाफ़ बोले- वो भी मुसलमान। पूरी की पूरी नस्ल, मूढ़ बना दी गई है। क्या ऐसा देश विज्ञान और प्रगति हासिल कर सकता है?
इतनी बुरी हालत थी। नौकरी नहीं। दाल रोटी का बेहतर इंतज़ाम करने की कोशिश कर रहा होगा।
लेकिन धार्मिक नफ़रत का नशा नसों में उतारकर सब नष्ट कर लिया। माँ-बाप-पत्नी बेसहारा हो गये…
Shouting “Jai Shri Ram” in a mosque isn’t insult to religious sentiments: K’taka HC, while quashing FIR against 2 Hindu men who entered a mosque and shouted slogans.
Justice Nagaprasanna held that the incident lacked intent to incite religious animosity
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बाबा सिद्दीकी की हत्या बॉलीवुड को एक चेतावनी है कि जैसे चुप हो, वैसे चुप रहो।
सुपरस्टार से लेकर जूनियर आर्टिस्ट तक सबको पता होगा कि यह हत्या किसने करवाई है, फिर भी कोई मुंह नहीं खोल रहा महाराष्ट्र की कानून व्यवस्था को लेकर।
एक टाइम था जब फिल्म वाले कैंडल मार्च निकलते थे।