M.A. (Geography) Bed, Orientation Training CCRT New Delhi (K.R.P. Social Science RMSA)Teacher G.I.C Kandakhal(Jaiharikhal) Pauri Garhwal Uttarakhand INDIA
@anitavladivoski 1- नई शिक्षा नीति 1986 ! जो आगे चलकर शिक्षा जगत की नीव बनी ?
2- पंचायती राज एक्ट ! गांव की छोटी सरकार को मजबूत किया गया ?
3- कम्प्यूटर शिक्षा ! एक वैज्ञानिक सोच !
21 वीं सदी के विकसित भारत का एक सपना था ! एक डिजिटल क्रान्ति का सपना ! जिसके सहारे आज अंधविश्वास परोसा जा रहा है ?☝️
कांग्रेस पार्टी अब लगभग खत्म ���ोने के कगार पर है । कोई भी रणनीतिकार पार्टी में नही रह गया है । विपक्ष जो भी चक्रव्यूह बना रहा है उसमें फंस जा रही है । विहार के कीचड़ में धीरे धीरे फंसने लगी है, देखना l जितना ��ीचड़ होगा, उतना कमल खिलेगा बार बार हारने पर भी कोई सबक नही !
@kanhaiyakumar एक्स पर अपने विचार व्यक्त करने वाले,अपने संस्कारों का प्रदर्शन अपने लेखों के माध्यम से कर देते हैं। आज भारत का अधिकांश मानव संसाधन जो,चुगलखोरी में व्यस्त है। यदि अपना अपना काम करने लग जाये तो,देश की उन्नति को कोई नहीं रोक नही सकता। इतिहास को मत कोशो ? वर्तमान देखो वर्तमान !
हाल ही में सड़क चौड़ी करने के चक्कर में शासन प्रशासन की सहमति पर लाखों करोड़ो छोटे बड़े हरे पेड़ काटे गए ।चिपको आंदोलन के इस राज्य में लोगों द्वारा कोई आन्दोलन नही किया गया । लोग तमाशा देखते रहे । हां पत्ती चारा और जलाने के लिए अवशेष लकड़ी समेटते गये । अब मानव दानव बना है दानव ?
पृथ्वी अपने आप में पूर्णतः संतुलित थी । लेकिन इस दुष्ट मानव नें अपनी सुख सुविधाओं के चक्कर में अन्य समस्त जीवों का भी जीवन संकट में तो डाला ही, अब अपने बनाये कुचक्र में फंसता जा रहा है । अब तो एक मानव एक पेड़ की बात करनी होगी । वह एक पेड़ दिखना भी चाहिए धरती पर, कागजों में नही !
कई वर्षों से पृथ्वी दिवस विज्ञान, कला, तकनीकि और मीडिया का ���हारा लेकर, विभिन्न प्रकार के स्लोगन गढ़कर प्रतियोगिता आयोजित करवाकर समारोहपूर्वक मनाया जा रहा है । लेकिन हकीकत देखी जाय तो- मानव द्वारा ही आज पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों का अति विदोहन कर लगातार संकट लाया जा रहा है
@AamAadmiParty@ArvindKejriwal@narendramodi हम���रे मुस्लिम भाई लोग अपनी धार्मिकता के लिये हमेशा नेक रहते हैं! वहां दिखावा कुछ भी नहीं!कोई धार्मिक मुस्लिम सीरियल नहीं!भारतीय रिर्जव बैंक ��ो भी नये नोट छापती है,उसमें से 786 पाक नम्बर बाजार में कहीं उपलब्ध है! शायद नहीं! कारण-उस नम्बर पर अल्लाह की पवित्रता को मुहर लगाई गई है 🙏
@BBCHindi हमारे मुस्लिम भाई लोग अपनी धार्मिकता के लिये हमेशा नेक रहते हैं! वहां दिखावा कुछ भी नहीं!कोई धार्मिक मुस्लिम सीरियल नहीं!भारतीय रिर्जव बैंक जो भी नये नोट छापती है,उसमें से 786 पाक नम्बर बाजार में कहीं उपलब्ध है! शायद नहीं! कारण-उस नम्बर पर अल्लाह की पवित्रता को मुहर लगाई गई है 🙏