कोन कोन देगा मध्य प्रदेश के कर्मचारियों का आज साथ।
आज ट्विटर अभियान है Mp के कर्मचारियों की तरफ़ से।
उनसे काम पूरा लिया गया और वेतन अधूरा दिया गया।
कर्मचारी कोर्ट गए थे तो कोर्ट ने पूरा वेतन एरियर देने के निर्देश के निर्देश दे दिए है।
न्यायलय विभाग ने उन के 100% वेतन देने के आदेश जारी कर दिए हैं लेकिन अन्य विभाग ने नहीं किए है।
आज रात 8PM से 10PM तक उनका ट्विटर अभियान है हमे उनका साथ देना हैं।
कोन कॉन देगा उनका साथ।
@Airtel_Presence आपका डेटा पैक साल भर का रिचार्ज करवाने वाल क्या गलती करता हे, सुबह सुबह सामान्य उपयोग में ही 50%डेटा उपयोग का msg, और शाम होते 100%क्या हो रहा हे जबकि न मोबाइल में इंस्टा, न , कोई दूसरी सोशल साइड ये क्या हो रहा हे
@airtelindia
आपका डेटा पैक साल भर का रिचार्ज करवाने वाल क्या गलती करता हे, सुबह सुबह सामान्य उपयोग में ही 50%डेटा उपयोग का msg, और शाम होते 100%क्या हो रहा हे जबकि न मोबाइल में इंस्टा, न , कोई दूसरी सोशल साइड ये क्या हो रहा हे
@airtelindia
श्रीमान दैनिक भास्कर संपादक महोदय जी ,
मध्य प्रदेश ,
आप इस प्रकार की अगर खबरें सरकारी शिक्षकों के विषय में छाप रहे हैं ,तो क्या आपके पास इसके पुख्ता प्रमाण या कोई पुख्ता सर्वे रिपोर्ट है ??जिसके आधार पर आप कह रहे हैं कि सरकारी शिक्षक दिनभर मोबाइल चलाते हैं कार्य नहीं करते,,क्योंकि आपकी इस प्रकार की खबरों से सरकारी स्कूल की छवि धूमिल होती है और मध्य प्रदेश की जनता और पालक फिर सरकारी स्कूलों में बच्चों को एडमिशन नहीं करवाते हैं। इस प्रकार की नेगेटिव न्यूज़ से समाज पर बुरा प्रभाव पड़ता है सरकारी स्कूल बंद करना पड़ते हैं, यदि आपके पास इसके पुख्ता प्रमाण है कोई रिपोर्ट है तो कृपया उसको भी खबर के साथ प्रकाशित करें और यदि नहीं है तो इस प्रकार केवल खबर बनाकर सरकारी स्कूल और सरकारी शिक्षकों की सभी धूमिल करना उचित नहीं.!!
E-Attendance की अनिवार्यता के कारण जल्दबाजी के चक्कर में हो रही है दुर्घटनाए
आदरणीय शिक्षा मंत्री @udaypratapmp जी
E-Attendance की जल्दबाजी के कारण आज पुनः कई शिक्षकों के साथ दुर्घटनाएं हुई हैं
वर्तमान में बारिश का मौसम चल रहा है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा E-Attendance का अनिवार्य आदेश जारी किया गया है।
शिक्षकों के रहने के लिए आवास की कोई भी व्यवस्था नहीं है
बारिश/नेटवर्क/मोबाइल खराब होने की स्थिति में E-Attendance न लगने पर शिक्षक का वेतन न काटा जाए।
E-Attendance की व्यवस्था को अस्थाई रूप से स्थगित किया जाए।
माननीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 ji से निवेदन है कि शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था में बंद किया जाए।
पहले भाजपा सरकार ने ई अटेंडेंस के नाम पर शिक्षकों को डराया, अब 90% ई अटेंडेंस पूरी न होने पर शिक्षकों को निलंबित करने जैसे तानाशाही फरमान जारी किए जा रहे हैं।
शिक्षक भविष्य का आईना होता है। वह पालकों के बाद सबसे महत्वपूर्ण स्थान रखता है और बच्चों का भविष्य संवारता है।
शिक्षकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें विद्यालय के प्रांगण और शिक्षा व्यवस्था से आत्मीय रूप से जोड़ना सरकार का दायित्व है।
इस तरह के अव्यावहारिक दृष्टिकोण से शिक्षकों की भावनाओं को ठेस पहुँचती है।
इसका सीधा असर शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ता है।
@DrMohanYadav51 जी,
कोई विधि का विधान करो,
लेकिन शिक्षक का सम्मान करो।
इस तरह की तानाशाही से नहीं,
सम्मान और विश्वास से शिक्षा का उत्थान करो।
एक मुर्गा रोज़ सुबह बांग देता और दिन भर दाने चुगता।इस तरह आराम से दिन बीत रहे थे।
एक दिन मालिक ने कहा यदि तूने बांग दी, तो तू कटा। बेचारे मुर्गे ने सोचा बांग ही तो नहीं देना है, ठीक है। कुछ दिनों बाद मालिक ने बोला यदि तूने दोपहर तक एक भी दाना खाया तो तू कटा। फिर मुर्गे ने सोचा दोपहर बाद दबा कर खा लूंगा। कुछ दिनों बाद मालिक ने बोला अगर तूने चोंच खोली तो तू कटा। अब तक मुर्गे कि आदत पड़ चुकी थी मालिक की बात मानने की। फिर कुछ दिनों बाद मालिक ने बोला अगर तूने अंडा नहीं दिया तो तू कटा। अब मुर्गा जोर जोर से रोने लगा, सभी मुर्गे मुर्गियों ने कहा रो क्यों रहे हो यह तो होना ही था। मुर्गा बोला में कट रहा हूं इसका दुःख नहीं है। दुःख इस बात का है कि काश में पहले ही बांग देते हुए मरता।
*कहानी का शिक्षक और ई-अटेंडेंस के नियमों से कोई लेना देना नहीं है।*
@udaypratapmp @CMMadhya Pradesh
@ZeeNews@Bansal NewsMPCG
@Etv_MP@cnnbrk
sir please revoke this order...
If salary is deducted due to any external or technical problem, many teachers will not be able to get their monthly EMI deducted on time...