भुवनेश्वर, ओड़िशा में आयोजित हो रही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में परिषद के गीतों का संग्रह ‘गीतधारा’, 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन, देहरादून का संक्षिप्त वृत्त एवं महामंत्री प्रतिवेदन तथा ‘अभाविप कार्यकर्ता निर्माण की एक कार्यशाला’ पुस्तिका का विमोचन राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा किया गया।
#ABVPNEC2026
नीट-यूजी 2026 परीक्षा में सामने आए कथित पेपर लीक एवं अनियमितताओं के प्रकरण की जांच केंद्र सरकार द्वारा सीबीआई को सौंपना एक उचित एवं आवश्यक कदम है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रारंभ से ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रही थी। सीबीआई जांच के दौरान जो भी साक्ष्य, नेटवर्क एवं दोषी व्यक्ति सामने आएं, उनकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि वर्षों से राष्ट्रीय परीक्षाओं में सक्रिय शिक्षा-माफिया एवं भ्रष्ट तंत्र का पूर्ण रूप से भंडाफोड़ हो सके। देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए तथा सभी दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
लगातार विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में सामने आ रही गड़बड़ियां राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। वर्षभर कठिन परिश्रम करने वाले विद्यार्थियों के साथ बार-बार इस प्रकार की घटनाएं होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं विश्वासघातपूर्ण है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए एनटीए के महानिदेशक को तत्काल अपने पद से त्यागपत्र देना चाहिए। साथ ही, ऐसी संस्थागत विफलताओं को देखते हुए एनटीए की भूमिका एवं संरचना की व्यापक समीक्षा आवश्यक है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद स्पष्ट रूप से मानती है कि विद्यार्थियों के हित, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था एवं दोषियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई हेतु इस पूरे नेक्सस को ध्वस्त करना अनिवार्य है, विद्यार्थी परिषद इस संघर्ष में देशभर के विद्यार्थियों के साथ निरंतर खड़ी रहेगी।
Just received this message from an @ABVPVoice karyakarta.
Todays' results is not merely an electoral victory, it is the win of karyakartas who stood steadfast for Bengal, Nationalism & Hindutva, even at a time when carrying the saffron flag could threaten life.
संघर्ष, त्याग, बलिदान और अपने विचार के प्रति अटूट विश्वास का परिणाम है।
आप सभी राष्ट्रवादी साथियों को बहुत-बहुत बधाई शुभकामनाएं।
जय हिन्दुस्तान जय बंगाल..
भारत माता की जय
150 वर्ष वंदे मातरम् के 🇮🇳
“परिसर-परिसर वंदे मातरम्” अभियान के अंतर्गत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्यभारत के जिला भेल इकाई, भोपाल महानगर द्वारा वंदे मातरम् का सामूहिक गान आयोजित किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय मंत्री श्री. @shravanbraj सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
#VandeMataram #ABVP
भगवान विष्णु के छठे अवतार शस्त्र और शास्त्र के ज्ञाता भगवान परशुराम जन्मोत्सव की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
पराक्रम के कारक एवं सत्य के धारक भगवान परशुराम जी के आदर्श हम सभी को युगों-युगों तक प्रेरित करते रहेंगे।
प्रेस विज्ञप्ति -
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यूजीसी के ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु विनियम, 2026’ का उद्देश्य महत्वपूर्ण, परंतु विनियमों में स्पष्टता और संतुलन आवश्यक : अभाविप
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी अधिसूचना “विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026” के मूल उद्देश्यों की सराहना करती है, परंतु इन विनियमों में स्पष्टता और संतुलन अत्यंत आवश्यक है।अभाविप का मानना है कि यूजीसी तथा सभी शैक्षणिक संस्थानों को लोकतंत्र में अंतर्निहित भावना को अक्षुण्ण रखना चाहिए, जहाँ प्रत्येक नागरिक के पास समान अधिकार हों और भारत भेदभाव मुक्त तथा समता युक्त बने।
अभाविप सदैव ही शैक्षिक परिसरों में सकारात्मक और समतायुक्त परिवेश बनाने की दिशा में कार्य करती रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन की पक्षधर रही है। आगामी वर्षों में ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को सिद्ध करने के लिए हम सभी को सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। वर्तमान में इस विनियम के कुछ प्रावधानों और शब्दावली को लेकर समाज, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बीच जो अस्पष्टता और भ्रांतियाँ उत्पन्न हो रही हैं, इनपर यूजीसी को त्वरित संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्यवाही करनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की विभाजनकारी स्थिति उत्पन्न न हो सके। ध्यातव्य हो, यह विषय वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है अतः अभाविप का मानना है कि यूजीसी को इस संदर्भ में अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए न्यायालय में शीघ्र हलफनामा दाखिल करना चाहिए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, “शैक्षणिक परिसरों में सौहार्द एवं समानता सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है, जिसके लिए अभाविप ने सदैव प्रयास किए हैं। शैक्षणिक परिसरों में सभी वर्गों के लिए सामाजिक समानता होनी चाहिए तथा परिसरों में किसी भी प्रकार के भेदभावों के लिए कोई स्थान नहीं हैं। इस विनियम को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं हितधारकों के मध्य भ्रांतियाँ व्याप्त हैं, जिन पर यूजीसी को सभी हितधारकों से संवाद करते हुए संबंधित भ्रांतियों को दूर करने हेतु तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए। लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने तथा सभी विद्यार्थियों के लिए भेदभाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने हेतु समाज के सभी वर्गों के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।”
#ABVP #UGC
प्रेस विज्ञप्ति -
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उच्चतम न्यायालय का यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026 पर स्थगन का आदेश स्वागत योग्य, सभी वर्गों से सौहार्द बनाए रखने की अपील: अभाविप
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानो में समता संवर्धन हेतु) विनियम, 2026 पर स्थगन आदेश का स्वागत करती है। यह आदेश वर्तमान में देशभर में यूजीसी समता नियमों में अस्पष्टता को लेकर चल रही भ्रांति को रोकते हुए संवैधानिक समता और समानता के अंतर्निहित मूल्यों के पक्ष में महत्वपूर्ण है और यह आदेश अभाविप द्वारा उक्त विषय पर जारी वक्तव्य में यूजीसी नियमों पर स्पष्टीकरण की मांगों के भी अनुरूप है। इस विषय संबंधी वर्ष 2012 के विनियम पूर्ववत जारी रहेंगे।
अभाविप का मानना है कि यूजीसी और सभी शैक्षणिक संस्थानों को लोकतंत्र की उस अंतर्निहित भावना को अक्षुण्ण रखना चाहिए, जहाँ प्रत्येक नागरिक के पास समान अधिकार हों और भारत भेदभाव मुक्त तथा समता युक्त बने। यह बात अभाविप ने अपने पूर्व वक्तव्य में भी स्पष्ट करते हुए जारी किये गए विनियम पर स्पष्टता और संतुलन बनाए रखने की मांग की थी। माननीय उच्चतम न्यायालय की खंडपीठ द्वारा इस निर्णय की काफी आवश्यकता थी क्योंकि वर्तमान परिदृश्य में इस विनियम को लेकर काफी भ्रांति भी फैली थी, जिससे विभिन्न सामाजिक वर्गों के मध्य वैमनस्य पैदा होने की आशंका थी। अभाविप का यह स्पष्ट मत है कि शैक्षिक परिसर में सदैव ही सकारात्मक, भेदभावमुक्त एवं समतायुक्त परिवेश रहे और लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा मिले।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, "माननीय उच्चतम न्यायालय का यूजीसी रेगुलेशन पर स्थगन का आदेश स्वागतयोग्य है। अभाविप सदैव से शैक्षणिक परिसरों में समता, सौहार्द एवं समान अवसरों की पक्षधर रही है। यूजीसी द्वारा जारी किए गए विनियमों में स्पष्टता एवं संतुलन का अभाव छात्रों के बीच भ्रम और असंतोष को जन्म दे सकता है। न्यायालय का यह हस्तक्षेप समयोचित है और इससे संवाद व विमर्श के लिए एक सकारात्मक वातावरण बनेगा। अभाविप सभी वर्गों, छात्रों एवं शिक्षण संस्थानों से अपील करती है कि वे शांति, संयम और सौहार्द बनाए रखें तथा राष्ट्रहित में रचनात्मक संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ें।"
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बस्तर द्वारा 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद जी के जन्म जयंती के निमित्त स्वामी विवेकानंद जी...एक परिचय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विभिन्न परिसरों में जाकर स्वामी विवेकानंद जी के जीवनी से विधार्थियों को अवगत कराया गया।
बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
ज्ञान, विद्या, कला और संगीत की देवी माँ सरस्वती से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाएँ, विवेक और संस्कार प्रदान करें तथा प्रगति, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करें। आप सभी के जीवन में यह बसंत नई ऊर्जा, नई आशाएँ और नई उपलब्धियाँ लेकर आए।
भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने वाले महान युग प्रवर्तक, प्रखर राष्ट्रचिंतक, समाज सुधारक और युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
उनका ओजस्वी विचार, “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए”, आज भी युवाओं को आत्मविश्वास, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर अग्रसर करता है। स्वामी जी का जीवन और विचार हमें राष्ट्रभक्ति, सेवा, चरित्र निर्माण और सामाजिक दायित्व का मार्ग दिखाते हैं।
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों, युवा शक्ति को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
#NationalYouthDay
बांग्लादेश में हिंदु अल्पसंख्यकों के विरुद्ध लगातार हो रही हिंसा और अत्याचार के विरोध में दिल्ली प्रांत में अभाविप कालकाजी विभाग द्वारा शहीद भगत सिंह कॉलेज के समक्ष बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जोरदार एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान बांग्लादेश सरकार का पुतला दहन कर रोष प्रकट कर स्पष्ट संदेश दिया गया कि धार्मिक स्वतंत्रता कोई विकल्प नहीं, यह हर व्यक्ति का मूल अधिकार है।
विद्यार्थी परिषद यह मांग करती हैं कि बांग्लादेश सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे।
#ABVP
अभाविप मेरठ प्रांत– 66वाँ प्रांत अधिवेशन
📍 24–26 दिसंबर, ग्रेटर नोएडा
युवा तरूणाई का ग्रेटर नोएडा में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन
#66thAbvpMeerutConf#AbvpMeerutPrant