मैं मंदिर को चमत्कार की जगह नहीं मानता
मेरे लिए ये बस एक ठहराव है।
पत्थर वही हैं, घंटी की आवाज़ वही
पर अंदर का शोर धीरे-धीरे कम हो जाता है।
मैं यहाँ कुछ माँगने नहीं आता,
बस खुद को शांत करने आता हूँ।
महादेव की ये भव्यता मुझे बस इतना याद दिलाती है
ज़िंदगी में सबसे ज़रूरी चीज़ सुकून
उसे खुश देखकर मैंने
रोना छोड़ दिया,
उसे याद करने के लिए
मैंने सोना छोड़ दिया,
और आना तो बहुत लोग
चाहते थे मेरी जिंदगी में...
पर उसके बाद मैंने
किसी का होना छोड़ दिया
#love
आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा
पत्थर मुझे कहता है मिरा चाहने वाला
मैं मोम हूँ उस ने मुझे छू कर नहीं देखा
#love
परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता
किसी भी आइने में देर तक चेहरा नहीं रहता
बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता
मोहब्बत एक ख़ुशबू है हमेशा साथ चलती है
कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हा नहीं रहता -
बशीर बद्र