VIDEO | Delhi: As Union Education Minister Dharmendra Pradhan posts a letter, saying he has sent his resignation to PM Modi, CJP founder Abhijeet Dipke says, “Dharmendra Pradhan has resigned. This is the proof that if you don’t get scared, if you don’t bow down in front of this government, you can take anyone’s resignation. Don’t be scared in democracy.”
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)
“Not another headline. Not another child. 💔
A 4-year-old deserved toys, laughter, and love — not fear.
Silence is no longer an option.
We need accountability, faster justice, and a nationwide mission to protect every beti.
Not just outrage for a day, but action every day. ⚖️
महाकुंभ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के साथ इस तरह की घटना बेहद दुखद है। लोगों की सुरक्षा की ना केंद्र सरकार को कोई फ़िक्र है और ना ही आगे यूपी सरकार को। न��� प्रयागराज में कोई व्यवस्थाएं हैं और ना ही देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यातायात के कोई ठोस इंतज़ाम हैं।
रेलवे विभाग से मेरी विनती है कि लोगों को जल्द से जल्द मदद पहुँचाएँ।
ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो लोग महाकुंभ में फँसे लोगों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था कर रहे है उनके सद्प्रयासों के ऊपर राजनीतिक विद्वेषवश मिट्टी डाल दी जा रही है।
जनता संज्ञान ले!
और शांतिपूर्वक अपनी तीर्थयात्रा संपन्न करें। सरकार आज की घटना से सबक लेते हुए श्रद्धालुओं के रुकने, ठहरने, भोजन-पानी व अन्य सुविधाओं के लिए अतिरिक्त प्रबंध करे।
हादसे में आहत हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना।
महाकुंभ में अव्यवस्थाजन्य हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने का समाचार बेहद दुखद है। श्रद्धांजलि !
हमारी सरकार से अपील है कि:
-गंभीर रूप से घायलों को एअर एंबुलेंस की मदद से निकटतम सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटलों तक पहुंचाकर तुरंत चिकित्सा व्यवस्था की जाए।
@myogiadityanath@UPGovt@dgpup
- मृतकों के शवों को चिन्हित करके उनके परिजनों को सौंपने और उन्हें उनके निवास स्थान तक भेजने का प्रबंध किया जाए।
- जो लोग बिछड़ गये हैं, उन्हें मिलाने के लिए त्वरित प्रयास किये जाएं।
- हैलीकाप्टर का सदुपयोग करते हुए निगरानी बढ़ाई जाए।
- सतयुग से चली आ रही 'शाही स्नान' की अखण्ड-अमृत परंपरा को निरंतर रखते हुए, राहत कार्यों के समानांतर सुरक्षित प्रबंधन के बीच 'मौनी अमावस्या के शाही स्नान' को संपन्न कराने की व्यवस्था की जाए।
श्रद्धालुओं से भी हमारी अपील है कि वो इस कठिन समय में स��यम और धैर्य से काम लें
अव्यवस्था सिर्फ़ श्रद्धालुओं को ही नहीं महाकुंभ प्रशासन और प्रबंधन में दिनरात लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को भी थका रही है। उप्र की सरकार से सविनय निवेदन है कि हमारे अनुरोध को आलोचना न समझे बल्कि आस्थापूर्ण आग्रह मानते हुए तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास करे। भाजपा सरकार महाकुंभ को आत्म-प्रचार का स्थान न मानकर, सेवाभाव से देखे जिससे शांति की कामना लेकर आए आध्यात्मिक पर्यटकों की यात्रा बिना किसी संघर्ष के शांतिपूर्ण रूप से सुसंपन्न हो सके।
अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति भी मानवीय दृष्टिकोण से देखा ज���ए, उनके उचित विश्राम व भोजन-पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, जिससे व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।