आनंद दुबे को UGC और हिंदुत्व पर बोलना भारी पड़ गया है।
अंत में भारी दबाब के कारण उन्होंने ख़ुद शिवसेना से इस्तीफ़ा दे दिया है।
अगला नंबर प्रियंका चतुर्वेदी का भी हो सकता है ? 🤷🏻♂️
यहाँ @narendramodi जी कह रहे हैं कि “यदि किसी दलित महिला ने यह कह दिया कि फ़लाँ ने दुष्कर्मी किया तो मान लो किया, कोई जाँच, मेडिकल आदि नहीं होगा!”
यानि, अपराध हुआ हो या न हुआ हो लेकिन कह दिया तो तुम अपराधी हो।
If this is not Banana Republic, what is?
@BJP4India@RSSorg
Dear Surya Kant ? Look at the choice of words! Is this not a direct threat to the Chief Justice of India?
Demanding he resign and saying the party will “find his replacement” is not criticism. It is an insult to the Constitution.
Rahul Gandhi should instruct INC Kerala to delete this unless he means it too.
हिंदुत्व और प्रचंड राष्ट्रवाद के नाम पर वोट देने वाले सामान्य वर्ग को - मिला एससी एसटी एक्ट में फ़र्ज़ी केस
जिन्हें सब कुछ दिया वो माँ बहन की गालियाँ दे रहे है और तख्तापलट की तैयारी करती 🪳 की भीड़ है।
जो अपनों का सम्मान नहीं करता उस का यही होता है।
#ReformScStAct#UgcRollBack
ज्ञानियों और 'लेकिन मोदी, लेकिन योगी' करने वालों के नाम
दस महीने से बातें चल रही हैं। इन दस महीनों में कई ‘नेता’ बने। किसी ने कॉन्ग्रेस से पैसे ले कर आंदोलन को खराब करने का प्रयास किया, कोई भाजपा के नेताओं की गोद में बैठ गया ताकि आंदोलन में टूट पड़ जाए। कोई गाँव-गाँव भटक कर ₹40-50 लाख जुटा चुका है, पर स्टेज पर गाली सुनता है, गद्दार कहलाता है।
जैसे-जैसे चुनाव समीप आता जाएगा, पार्टियों के फंड बढ़ते जाएँगे। इनमें से कई ने यह तक कहा कि फलाना आ जाएगा, हमने बताया कि जिसका भय, जो कह कर दिखा रहे हो, वही सब तुम्हारी फेवरेट पार्टी कर चुकी है। यह नैरेटिव ध्वस्त हो गया।
अब नया चल रहा है: सारी बातें सही हैं, हर नीति जिस पर GC नकारात्मक लाइन ले रहा है, सब उचित है! लेकिन मोदी जी… लेकिन योगी जी…
कैंचो! ये कौन सी लाइन है बे? जब सारी नीतियाँ, जिस पर हम बोल रहे हैं, गलत ही हैं। सब समाज को विभाजित करने वाली ही हैं, तो हम बोलेंगे किसको? विरोध किसका करें? तिलचट्टा पार्टी का?
तुमने ये जो कुत्ते की विष्ठा समाज के आँगन में फेंकी है, उसका हम करें क्या? और उल्टा हम पर ही आक्षेप कि हम मोदी विरोध में राष्ट्र विरोधी हो गए? मेरे मुँह से निकला एक वाक्य बता दो जहाँ मैंने भारत के विरोध में कुछ बोला हो पिछले दस महीनों में!
वो नहीं निकाल पाओगे। हाँ, तुम्हें यदि लगता है कि मोदी या योगी ही राष्ट्र हैं, तो मैं बता देता हूँ कि मोदी एक छपास का भूखा, निकृष्ट स्तर का जातिवादी हो चुका है। या, पहले ही था, हमें दिखा नहीं कभी।
योगी भी राष्ट्र नहीं हैं। राष्ट्र न मैं हूँ, न तुम हो, राष्ट्र हम सब हैं। नेता उतना ही अच्छा होता है जितनी उसकी गवर्नेंस। बाकी चीजें फ्लफ हैं। योगी जी के नाक के नीचे यूपी में जो भ्रष्टाचार, जातिवाद चल रहा है वह किसी को क्यों नहीं दिखता? सब भूल जाएँ क्योंकि वो भाजपा के हैं और हमारे पास कोई विकल्प नहीं! तो हम विकल्प बनाएँगे, समय लगेगा, लेकिन बनाएँगे। और कोई चारा नहीं है।
ध्यान रहे कि 2024 के बाद, हिन्दू समाज ‘बँटेंग तो कटेंगे’ पर एकजुट हो कर भाजपा को लगातार वोट दे रहा था। फिर इनके मलद्वार में UGC का कीड़ा घुसा कि राहुल गाँधी क्या ‘रोहित वेमुला एक्ट’ लाएगा, हम उस एक्ट से भी विकृत चीज ले कर आएँगे और OBC को बताएँगे कि तुम्हें भी सुरक्षा दे दी गई है। अब शत्रु केवल एक है: सवर्ण!
सरकार की अपनी रिपोर्ट में अब उच्च शिक्षा के कॉलेजों में SC/St/OBC की संख्या 62% हो चुकी है, सवर्णों (मुस्लिम आदि समेत) के बच्चे EWS समेत केवल 38% में हैं। जहाँ मुस्लिम, दलित का एनरोलमेंट 200% से अधिक बढ़ा है, अनारक्षित की संख्या, 2020-21 से 2023-24 में 37 लाख से घटी है! जी हाँ, प्रतिशत ही नहीं, संख्या भी घटी है!
हम अंधे नहीं हैं। हमें ओडीशा, मध्यप्रदेश समेत सब दिख रहा है। हमें कर्नाटक में वेमुला एक्ट पर तुम्हारी चुप्पी भी दिखी। हमें ओबीसी में मुस्लिम को घुसाना भी दिखा। हमें भर्तियों में लगातार कम होती सवर्ण सीटें भी दिख रही हैं।
हमारा माय-बाप अब हमारे घर वाले ही बचे हैं। हमने वह आउटसोर्सिंग अब बंद कर दी है। हम नहीं जानते कि यूपी चुनाव में क्या होगा, लोकसभा चुनाव कैसा बीतेगा, पर हम बिना लड़े नहीं मरेंगे। और जो हमारे साथ नहीं है, जो हमें शर्तें गिना रहा है, वह सब ही शत्रु है।
मेरे मन में ऐसे किसी भी व्यक्ति को ले कर कोई सम्मान नहीं है जो 'किंतु-परंतु' में उलझा हुआ है और किसी अस्तित्वहीन 'RW' की दुहाई दे रहा है। RW जैसी कोई भी सुसंगठित व्यवस्था ना कल थी, ना आज है।
मैंने फ़रवरी में ही यह सब सुना था कि 'अब बस कर दो भाई, कितना UGC करते रहोगे'। मैं तब भी नहीं रुका था। और जब आज भी तुम सब वही कह रहे हो कि 'ये साला पागल हो गया है, सबसे लड़ रहा है, एक ही बात हर दिन बोलता है', मैं आज भी नहीं रुकूँगा। क्योंकि फ़रवरी में न रुकने का परिणाम हमे सितंबर में दिखा, और आज ना रुकने का मार्च में दिखेगा।
मैं लाखों की भीड़ में अकेला भी एक तरफ़ रहूँ और मैं कनविंस्ड रहूँ कि मैं सही हूँ, तो मुझे भीड़ ना तो दिखाई देती है, ना उसकी ध्वनि सुनाई देती है। मैं जो कर रहा हूँ, और जो करता रहूँगा उसका एक कॉस्ट है जो मैंने इन किसी भी 'मठाधीशों' से नहीं माँगा।
आज ये ज्ञान देने लगे, तो बताया कि ये कितने बड़े दोगले हैं। आगे और भी बहुत कुछ बताऊँगा कि किसके लिए कोई विषय केवल एक विषय है, और किसके लिए फण्ड उगाही का एक मार्ग। डेढ़ हज़ार लोग को जोड़ नहीं सकते और 'चार लोग नहीं आएँगे सड़क पर' का ज्ञान देते थे ये सब। हमने कितने उतार दिए, वो सबको दिख गया।
अभी हमारी लड़ाई का पहला चरण है। और इसकी टाइमलाइन छः महीने की नहीं, छः वर्ष की है। तुम्हें हमारी भीड़ नहीं दिखेगी क्योंकि हम भीड़ जुटा ही नहीं रहे। बाक़ी, समय सबको उत्तर देता है। बड़े-बड़े सिंहासनों को इन्हीं ब्राह्मणों ने उठाया और गिराया है।
जो सत्ता अपने समाज की प्रतिभा का सम्मान नहीं करती, वह मिट्टी में मिल जाती है।
4 केस SC-ST एक्ट के लगे, खेत-ट्रैक्टर सब बिका... अब माँग कर पहनते हैं कपड़े
कहा- मेरे बेटों की गलती है तो फाँसी दिलवा दो, वरना न्याय कर दो
अलीगढ़ के परिवार ने क्या सच्चाई बयाँ की, जानिए @Keshavmalan93 की ग्राउंड रिपोर्ट में
It’s obvious why General Category isn’t supporting this government in a time of crisis.
But why aren’t SC/STs coming out in full support after decades of government appeasement?
मोदी सरकार ने SC/ST एक्ट को कितना खरनाक बनाया है विष्णु शंकर जैन जी से समझिये
एंटिसिपेटरी बेल में कोर्ट आरोपी का जाँच में सहयोग, पिछला आचरण, क्रिमिनल रिकॉर्ड और आरोप की गंभीरता देखती है
लेकिन इस एक्ट मे एंटिसिपेटरी बेल का अधिकार ही खत्म कर दिया गया है..
YFE के कई लोगों से मिल चुका हूँ। उनके कार्य करने का तरीका जानता हूँ। निःस्वार्थ भाव से, बड़े वकीलों को इंगेज कर के, अपनी जेब से भी पैसा लगा कर, डेटा निकाल कर, लोगों को चेज कर के, उनके प्रतिनिधि बन कर समाज में आरक्षण के कोढ़ की लीगल लड़ाई लड़ रहे हैं।
मेरे लिए इतना ही अधिक है। और जो लोग फंडिंग पर प्रश्न उठाते हैं, उन सालों ने जीवन में एक चवन्नी किसी को न दी होगी। केस लड़ने में पैसे लगते हैं। और वह पैसा समाज से ही लिया जाएगा क्योंकि काम समाज का है।
आज तक कितने लोग स्वयं को YFE का बोल कर, उस कारण फुटेज खाते मिले? हमेशा संस्था का नाम आगे रहा। किसी व्यक्ति विशेष को आप नेतागीरी करते नहीं पाओगे। बीस वर्षों से वो लड़ रहे हैं।
जिन चिरकुटों ने जीवन में कुछ नहीं किया, नकारे बन कर, किसी के द्वारा हाँके जाने पर दो ट्वीट कर लेते हैं, उन्हें हर ऐसे कार्य से समस्या होगी।
मैं YFE द्वारा आरक्षण को ले कर किए कार्यों की सराहना करता हूँ। मैं इस विषय पर इनके साथ हूँ।
सारे RHA समर्थकों से अनुरोध है कि ऐसी किसी मूर्खता का हिस्सा न बनें। यह पूरा आंदोलन इसी बात पर टिका हुआ है कि आपको वहाँ गुंडा बनाया जा सके। सरकार को बस एक कारण चाहिए @RHAreforms को छिन्न-भिन्न करने के लिए।
मैंने चंद्रशेखर वाले प्रोटेस्ट के लिए भी मना किया था। आज भी कर रहा हूँ। देशभक्ति या हिन्दुत्व का चूरन न फाँकें। डंडे आपको पड़ेंगे। आपकी फोटो लोग लगा कर प्रश्न करेंगे, उससे न तो आपका घाव भरेगा, न आत्मसम्मान लौटेगा।
उचित दूरी बनाए रखें।
कब तक बचेगा अमित शाह का बेटा जेल तो तुझे जाना पड़ेगा !!
उत्तर प्रदेश के चुनाव से पहले तुझे जेल ना भेजा तो मेरा नाम भी रोहिणी नहीं !!!
तुने जितना ग़लत किया है दलित बेटियों के साथ उसकी सज़ा तो तुझे मिलेगी !!
श्री @narendramodi की सरकार ने एक और व्यवसाय जो अच्छा चल रहा था, उसकी रेड मार दी है। एक नया कानून लाए हैं ताकि आपका ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ तेल लेने चला जाए।
यदि आप कोई सामान या सेवा दे कर विदेशी मुद्रा अर्जित करते हैं, तो आपको अब एक नया फॉर्म भरना होगा, यदि किसी क्लायंट ने आपको पैसे नहीं दिए तो उसका कुछ नहीं होगा, आप दूसरे किसी क्लायंट को अपनी सेवा नहीं दे पाएँगे।
यदि आप विदेशी बच्चों को ट्यूशन देते हैं, फ्रीलान्स ग्राफिक्स, एडिटिंग आदि कार्य करते हैं, तो आपको बर्बाद करने के लिए यह नियम लाया गया है। आप फॉर्म भरते रहिए। कुछ भी मिसमैच हुआ तो आपका पैसा अटका रहेगा जैसे कि एक्सचेंज रेट।
अभी तक @RBI ने स्पष्ट नहीं किया है कि यूट्यूब आदि के माध्यम से धन अर्जित करने वाले इसमें कवर्ड हैं या नहीं? यदि हैं तो उनका क्लायंट कौन है? यदि उसके वीडियो पर चलने वाले विज्ञापन भारतीय लोग देखते हैं तो उसका क्या होगा? यदि विदेशों के लोग देखते हैं तो उसका क्या?
यह सरकार लाइसेंस राज का बाप बन चुकी है। @nsitharaman जी, यदि यह आपके कार्यालय का कार्य है तो थोड़ी बहुत स्पष्टता आवश्यक है। क्या ऐसे विचित्र नियम बनाने से पहले AI से बने पोस्टर डालने के अलावा और कोई स्पष्टीकरण आप लोगों ने कहीं दिया है?
After the ‘ease of doing business’ hit us in the form of EDF rules by our brilliant @RBI and @FinMinIndia, I asked my banker if he knew what needs to be done, or are we covered as YouTube/X/PayPal/Patreon earning journalists?
He said, “Sir, for last one week, we are all struggling to find ways to calm down our customers. We have not been trained on this new rule. We don’t know what details needs to be matched. But we have till October 31, should be able to figure out.”
The RBI is silent if we receive money from some patrons via Patreon/PayPal, do we need to file it? Do we need to file each one separately? Will YouTube/X that pays in foreign currency, be called an importer of our services?
What about online teachers? Freelancers? They need to create invoices for each of their posters they made? If a client doesn’t pay money, your whole business goes bust! What logic is this?
This govt goes after 95% of honest taxpayers, who maintain books, records. They are unable to catch the 5%, so they come with ridiculous rules that make your life hell. More forms, more headache. When the bank gets the ‘purpose code’, when it verifies from the company, why do we need an extra form?
Anyway, thank you @narendramodi ji. This is the ‘ease of business’ we voted for.
Yesterday @GoogleDeepMind made a toxin-degrading enzyme from scratch. Today @OpenAI solved 370 of the most difficult mathematical problems.
AI has removed intelligence as a differentiator between humans. We are back to living in (modern) caves gazing at stars with nothing to do.
He was 14 when the first SC/ST Act case was filed against him.
Since then, he has faced 13 more & spent his teenage years in jail for crimes he never committed.💔
His family lost their wealth & land fighting his case.
Meanwhile, the man who filed the case received ₹46 lakh.🫡
एक ही दिल है मोदी जी! पत्नी केस करे मोदी एक्ट का, पति गवाही दे दे, दलाल बात करे और प्रति केस ₹2.5 लाख की कमाई!
ओ हो हो हो, ओ हो हो हो, ओ हो हो, हो हो
इक्स तेरा तड़पाबे…