पप्पू यादव नीतीश कुमार के हिजाब खींचने को "पितातुल्य व्यवहार" बता रहे हैं, यह सिर्फ शर्मनाक नहीं, बल्कि पूरी तरह घिनौना है।
अगर यह सच में पिता जैसा था, तो पहले अपने घर की महिलाओं को उसी मंच पर खड़ा करके ऐसे ही उत्पीड़न का शिकार होने दें, हमारी मां, बहन और बेटियों को सार्वजनिक अपमान सहने के लिए नहीं है।
जो भी इसे सही ठहरा रहा है, वह सिर्फ़ मुस्लिम दुश्मनी में ऐसा कर रहा है। खैर, हिजाब छूने का कोई अधिकार किसी को नहीं, कोई भी पद, सत्ता या नाम आपको ऐसा करने की छूट नहीं देता।
बिहार में एक समारोह में पत्र वितरण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक लड़की का जबरन हिजाब खींच लिया
सुरक्षाकर्मी को उस लड़की क��� पीछे खींचना पड़ा
इतनी घटिया हरकत पर इतना सुई टपक सन्��ाटा क्यों?
एक CM ने यह किया पर कोई आक्रोश नहीं?
TV पर कोई डिबेट नहीं?
हद है
ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन का आर्काइव फुटेज।
तारीख? शायद 1942? या, शायद बाद में।
कुछ लोग कोई अजीब गाना गा रहे हैं और उस पर नाच रहे हैं, जबकि दूसरे भारतीय वंदे मातरम और इंकलाब जिंदाबाद गा रहे थे।
1942 में RSS नाच रहा था — जब भारत इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगा रहा था, तब वे सचमुच राज के लिए कोरियोग्राफी कर रहे थे। इतिहास के पास सबूत हैं, और वे हिलते-डुलते हैं।
जबतक हमारी सांसें चलती रहेंगी, हम #बाबरी_मस्जिद का ज़िक्र करते रहेंगे, बाबरी मस्जिद की शहादत की दास्तां अपनी आने वाली नस्लों को सुनाएंगे।
उन्हें दिखाएंगे/बताएंगे कि देखो कैसे सरकार, अदालत, संविधान, क़ानून के ��ामने हमारी ईबादतगाह को रेज़ा रेज़ा कर दिया गया
@asadowaisi
हज़रत मौलाना महमूद असद मदनी साहब अपना बयान वापस नहीं लेंगे
न अपने बयान पर कोई सफाई पेश करेंगे, अल्हमदु लिल्लाह
मौलाना महमूद असद मदनी साहब को सावरकर मत समझें
भारत जिंदाबाद, इस्लाम जिंदाबाद
जमीयत-उलमा-ए-हिंद जिंदाबाद।
Maulana Mahmood Madani sb gave the best reply to NDTV’s anchor’s misbehavior. Everyone should respond in this way. During interviews, anchors from pro government media channels start forcefully pushing their agenda onto people.
मौलाना महमूद मदनी ने NDTV की एंकर की बदतमीज़ी का सबसे बेहतर जवाब दिया है। सबको इसी तरह जवाब देना चाहिए। इंटरव्यू के दौरान गोदी मीडिया की एंकर्स अपना एजेंडा ज़बरदस्ती लोगों के मुँह में ठूँसना शुरू कर देती हैं।
वंदे मातरम् देशभक्ति नापने का थर्मा मीटर है? जिसे पढकर ही देशभक्ति साबित होगी? अजीब आदमी हो! वंदे मातर���् जिस ‘आनंद मठ’ से लिया गया है वह आनंद मठ क्या है?
वह बंगाल से मुस्लिम शासकों की शहादत का जश्न मनाता है। वह बंगाल सल्तनत के खात्मे के बाद देश पर काबिज़ होने वाले अंग्रेज़ों को ‘दोस्त’ बताता है। वह आनंद मठ मुसलमानों के प्रति हिंसा को सेलिब्रेट करता है। ऐसे विवादित उपन्यास से वंदे मातरम् को लिया गया है, जिसे तुम देशभक्ति का पैमाना मान रहे हो। और सुनो! मौलाना महमूद मदनी साहब को देशभक्ति साबित करने की ज़रूरत ��हीं है, बल्कि मदनी साहब से देशभक्ति का सर्टिफिकेट मांगने वालो को देशभक्ति साबित करने की ज़रूरत है। मदनी परिवार और उनके द्वारा बनाए गए जमीयत उलमा ए हिंद का शानदार इतिहास है। उनके दादा उनके पिता महान स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। रेश्मी रूमाल आंदोलन उन्होंने ही चलाया था। तुम्हारे परिवार से कितने स्वतंत्रता सेनानी हुए हैं?
वसीम अकरम त्यागी ✊