फूलन देवी का जन्म यूँ ही नहीं हुआ था! दबंगों ने जमीन कब्जाने के लिए झोपड़ी ही जला डाली!
ये सब पुलिस और लेखपाल के सामने हुआ सब भाग गए ! अब ये गरीब सिर्फ चिल्ला सकते हैं रो सकते हैं!
वोट का फैसला क्यों समझदारी से लेना है 👇
अगर आज़ाद समाज पार्टी आएगी तो कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक हर जाति धर्म के बच्चों को शिक्षा फ्री मिलेगी वो भी "quality education "
माननीय सांसद @BhimArmyChief जी का बड़ा ऐलान।
Delhi 📍
दिल्ली जंतर मंतर प्रोटेस्ट के दौरान एक पुलिस वाले का वीडियो सामने आया है।
जिसमे वह डिटेन किए गए छात्र के नाम पर मुक्का मारता है और आराम से निकल जाता है।
अमित शाह की पुलिस अब पूरी तरह चड्डी गैंग के कंट्रोल में है।
जो अब अपना फ़र्ज़ भूलकर आम नागरिकों की दुश्मन बन चुकी है।
जनपद हरदोई मे गले मे फंदा कुर्सी से बाधकर पीटा जा रहा है l
कसूर केवल चोरी का शक है तो जांच भी हो सकती है किसी की बेटी को इस तरह पीटने का अधिकार नहीं l
जांच कर fir दर्ज कर कारवाई होना जरुरी @Uppolice
अतिक्रमण हटाना अधिकारी का कानूनी दायित्व हो सकता है, लेकिन नागरिकों से तू-तड़ाक और अभद्र भाषा में बात करना किस नियम के तहत जायज़ है?
अधेड़ उम्र के व्यक्ति से भी इस तरह बात करना क्या प्रशासनिक मर्यादा है?
ये अधिकारी जहाँ का भी है, अनेकों ऐसे वीडियो इस व्यक्ति के हैं जब ये लोगों के साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार करता नजर आया है, ऐसे व्यक्ति को कतई भी किसी पोस्ट पर रहने का अधिकार नहीं है!
कोई कितना ही बड़ा अधिकारी क्यों ना हो, है वो जनता का नौकर, हमारे टैक्स के पैसे से पलने वाले हमें ही इतना घुर्राके दिखायेंगे!
विशाल जनसभा में नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद का दमदार संदेश भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की ताकत और एकजुटता का कोई मुकाबला नहीं।
@BhimArmyChief@ASP4UP
जय भीम | जय संविधान
सोशल मीडिया से सामने आई जानकारी के मुताबिक एक गर्भवती महिला को जिस समय सुरक्षा, सम्मान और चिकित्सा सहायता की सबसे ज्यादा जरूरत थी, उसी समय उसे सड़क पर बच्चे को जन्म देने की नौबत आ गई—यह तस्वीर झकझोर देने वाली है।
भदोही के ज्ञानपुर में वनवासी समुदाय की 20 वर्षीय महिला के सड़क किनारे प्रसव के मामले में परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि महिला को जाति और बदबू का हवाला देकर निकाल दिया गया, अस्पताल में महिला को भर्ती नहीं किया गया।
यदि जांच में जातिगत भेदभाव या किसी भी स्तर पर लापरवाही की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कार्रवाई ऐसी हो कि भविष्य में किसी गरीब, वंचित या वनवासी महिला को ऐसी पीड़ा से न गुजरना पड़े।
पीड़ित महिला और उसके नवजात बच्चे को बेहतर इलाज, सुरक्षा और हर संभव सहायता दी जाए तथा जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
@priyankagandhi@smritiirani@AnupriyaSPatel
कौशाम्बी के शिवाजी इंटर कॉलेज में आखिर बच्चों को सड़क पर क्यों उतरना पड़ा?
जिस उम्र में छात्र-छात्राओं के हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, उस उम्र में उन्हें अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा—यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
शिवाजी इंटर कॉलेज, नेवादा के छात्र-छात्राओं ने विद्यालय में साफ-सफाई, गंदे शौचालय, पीने के पानी, पंखों, बैठने की व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई से जुड़ी अन्य समस्याओं को लेकर आवाज उठाई। रिपोर्टों के मुताबिक, विद्यार्थियों ने इन समस्याओं को लेकर ब्लॉक परिसर पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं।
सवाल सिर्फ एक स्कूल का नहीं है। सवाल उन बच्चों के भविष्य का है, जो बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण के अधिकार के साथ स्कूल पहुंचते हैं।
अगर विद्यालय में पर्याप्त स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बैठने की व्यवस्था, पंखे और जरूरी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
और अगर छात्र-छात्राओं को अपनी समस्याएं बताने के लिए सड़क पर उतरना पड़े, तो स्थानीय शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की जवाबदेही तय क्यों नहीं होनी चाहिए?
@myogiadityanath@UPGovt@CMOfficeUP @dmskaushambi
सरकार और जिला प्रशासन से मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविकता सामने लाई जाए और जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी में लापरवाही के दोषी पाए जाएं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बच्चों को प्रदर्शन नहीं, बेहतर विद्यालय चाहिए।
नारे नहीं, किताबें चाहिए।
आश्वासन नहीं, बुनियादी सुविधाएं चाहिए।
सरकार सुनिश्चित करे कि किसी भी बच्चे को अपनी शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत न पड़े।
माननीया बहिन जी द्वारा आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग, EVM और नगीना लोकसभा चुनाव के संबंध में मेरे बारे में कही गई बातों को मैंने सुना।
खैर, बहनजी का लिखित प्रेस नोट कहीं से भी लिखकर आया हो, लेकिन मुझे खुशी इस बात की है कि जो लोग कभी कहते थे, “कौन चंद्रशेखर?”, उन्हें इस देश की जनता ने बता दिया कि हमारे लिए लड़ने वाला, सड़क पर संघर्ष करने वाला चंद्रशेखर कौन है।
मुझे खुशी है कि अब माननीया बहनजी ने यह मान लिया है कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एक बड़ी ताकत बन गई है।
माननीया बहिन जी के प्रति मेरे मन में सदैव सम्मान रहा है। उसी सम्मान के साथ उनसे कहना चाहता हूं कि
नगीना की जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मुझे 5,12,552 वोट देकर अपना प्रतिनिधि चुना। मेरे लिए यह केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि नगीना की जनता के भरोसे और प्रेम की जिम्मेदारी है। इस जनादेश के लिए मैं नगीना की जनता का सदैव ऋणी रहूंगा।
चुनाव प्रक्रिया और EVM की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाना लोकतंत्र में सभी का अधिकार है। मैं स्वयं भी चुनाव प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता और मतपत्र से चुनाव की मांग करता रहा हूं। लेकिन नगीना की महान जनता ने जिस प्रेम और विश्वास के साथ मुझे अपना प्रतिनिधि चुना, उस जनादेश को किसी षड्यंत्र से जोड़ने से उन लाखों मतदाताओं की भावना भी आहत होती है, जिन्होंने अपने विवेक से मतदान किया।
मेरी राजनीति किसी व्यक्ति के विरोध पर नहीं, बल्कि बहुजन समाज के सम्मान, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के संघर्ष पर आधारित है। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन बहुजन समाज के बीच संवाद, सम्मान और भाईचारा बना रहना चाहिए।
माननीय बहिन जी के प्रति मेरा सम्मान कल भी था, आज भी है और आगे भी सदैव रहेगा। आपके आशीर्वाद की प्रतीक्षा हमेशा रहेगी।
बस अंत में इतना कहना चाहता हूं कि माननीया बहिन जी आपके आशीर्वाद से हमारी पार्टी का नाम आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) है, आजाद समाजवादी पार्टी नहीं।
सादर जय भीम! जय भारत!
महापुरुषों के आश्रम हमारे सर का ताज़ है सरकार अगर मिट्टी भी छू के दिखाय गलत फेमि मे मत रहना इतने हाथ पैर नी कमजोर है हमारे।
देर रात माननीय सांसद @BhimArmyChief जी पहुंचे गुरु गद्दी शुक्रताल।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने गोंडा के मृतक सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ता विनोद साहनी की पत्नी को दिया चुनाव लड़ने का खुला ऑफर, बोले @AzadSamajParty तन, मन, धन से लड़ाएगी चुनाव
@BhimArmyChief