अपने 'अधिकार/सम्मान' के लिए लड़ो।
लड़ नही सकते तो लिखो।
लिख नही सकते तो बोलो।
बोल नही सकते तो साथ दो।
साथ भी नही दे सकते तो जो लिख, बोल और लड़ रहे है, उनका 'सहयोग' करें।
ये भी न कर सको तो उनका मनोबल न गिरायें,
क्योकि वो आपके हिस्से की लड़ाई लड़ रहे हैं।
जय युवा ,जय संविधान
हम देख रहें बहुत लोग इस राय से सहमत हैं
होना भी चाहिए इससे अच्छा मैसेज जाएगा लोग
कनेक्ट होंगे
आदरणीय अखिलेश जी को इस पर विचार करना चाहिए @yadavakhilesh
बड़े काम की सलाह,
@yadavakhilesh
आप जिस रास्ते से भी गुजरते हैं, उस रास्ते पर पड़ने वाले सरकारी विद्यालयों (प्राइमरी से पीजी तक) का औचक निरीक्षण कीजिए।
विद्यालय में जाकर साफ-सफाई, भवन की गुणवत्ता, शौचालयों की व्यवस्था, खासकर छात्राओं के लिए उचित सुविधाएँ हैं या नहीं, इसकी जांच कीजिए।
मिड– डे मील में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच स्वयं उसे चखकर कीजिए।
विद्यालयों में बच्चों और शिक्षकों के अनुपात सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी स्वयं ज़मीन पर उतरकर आकलन कीजिए और उसे सार्वजनिक कीजिए।
ऐसा करने से सरकार बैकफुट पर आएगी, जनता आपसे सीधे जुड़ेगी, व्यवस्था में भी सुधार होगा और आप लगातार अगले दिन के अखबारों की सुर्खियों में भी बने रहेंगे।
औचक निरीक्षण को आपको अपने रोज़मर्रा के सार्वजनिक जीवन की आदत बना लेना चाहिए।
@samajwadiparty@mediacellsp@UDhakre
"हमें चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करनी होगी"
◆ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा
#AbhijeetDipke | @abhijeet_dipke | Abhijeet Dipke | CJP Protest | #CJP | Cockroach Janta Party
ये 2020 UPSC का रिजल्ट है।
- OBC वर्ग से आने वाले शुभम कुमार ने टॉप किया था। उन्हें रिटेन में 878 मार्क्स आए लेकिन इंटरव्यू में केवल 176 नंबर दिया गया।
- पांचवे नंबर पर ममता यादव को रिटेन में 855 नंबर आए लेकिन उन्हें इंटरव्यू में केवल 187 नंबर दिए गए। जबकि 816 नंबर लाने वाली अल्पा मिश्रा को इंटरव्यू में सबसे अधिक 215 नंबर दिए गए हैं।
- रिटेन में 839 नंबर लाने वाली अंकिता जैन को इंटरव्यू में 212 नंबर दिए गए हैं।
हर साल UPSC के परिणाम में ऐसी ही तस्वीरें रहती है। इसीलिए, बात धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े तक की नहीं होनी चाहिए। भारत की शिक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व बदलाव मांग रही है। रेवोल्यूशन से ही व्यवस्था में बैठे दुष्ट द्रोणाचार्यों का मनोबल टूटेगा।
@Profdilipmandal चलिए मानता हु यदि हमारे एल्गोरिदम का कंट्रोल किसी और के पास जो चिंता की बात है
लेकिन ये कंट्रोल भारत सरकार के पास होता तो भी तो चिंता की बात है क्योंकि जो सरकार में होगा हम उसके कंट्रोल में होंगे आज भाजपा है कल को कांग्रेस होगी मतलब जो सरकार उसका कंट्रोल
ये भी तो नहीं होना चाहिए
अभी तक पोर्टल नहीं बना था
अब पोर्टल भी बन गया अधियाचन भी मिल गया
ऐसे ही एक दिन 11508 पदों का विज्ञापन भी जारी हो जाएगा ,और हम लोग बस देखते रह जाएंगे
अब तो जग जाओ डीएलएड के सूरमाओं🙏
वरना बहुत देर हो जाएगी फिर कुछ नहीं कर पाओगे
@VoiceSuren_X@RajatsinghAU@VishuYadav01
🚨 शिक्षक भर्ती 🚨
प्राथमिक के 11508 पदों का अधियाचन शिक्षा सेवा चयन आयोग के e-अधियाचन पोर्टल पर अपलोड हो चुका है
अब विज्ञापन के कार्यवाही भी तीव्र गति से आगे बढ़ेगी
लेकिन हमें समझ नहीं आता कि सब लोग इतना सुस्त क्यों पड़े हैं
आखिर इतने पदों पर भर्ती आने से कितनों का भला होगा ?
इस चापड़गंज को अपना नोट्स बेचने की बड़ी जल्दी है
चापड़गंजे mc 8 साल में भर्ती नहीं आई
11 हजार की बात सामने आने में 8 साल लग गए
और अभी बोल रहा चुनाव के पहले ग्रामीण के पद पर फिर भर्ती आएगी
तुम लोग असली लंद भक्त हो bsdk mc
मिल जाओ तो जूता भिगो के मरूँगा
यदि हम आपको बुद्धिमान बोले तो इसका मतलब क्या हम मूर्ख हो बोले जाएंगे...?
ये कैसा लॉजिक है...?
देश की कोई एक पार्टी बताइए जो किसी एक वर्ग को लेके चलती हो
📢 युवा बेरोजगारों की आवाज 📢
🚨 हमारी मांग – हमारी हक की बात 🚨
📑✍️विधानसभा में सरकार ने स्वीकारा
📊60,000+ पद खाली हैं – इंतजार कब तक ?
✊ हमारी प्रमुख मांगें
✅ प्राथमिक शिक्षक के 60000 पदों पर तुरंत भर्ती निकाली जाए
✅ पारदर्शी और समयबद्ध चयन प्रक्रिया हो
@thisissanjubjp
प्राथमिक में 90 क्वेश्चन सब्जेक्ट से होगा ये क्या बकलोली है yr
जैसे पूछने वाले होते हैं वैसे बताने भी धतूर खाए रहते है
ये बकलोल अध्यक्ष, सचिव बन गए है लेकिन इन बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में अंतर ही नहीं पता
एक तरफ़ सरकारी स्कूल बंद या Merge हो रहे हैं, दूसरी तरफ़ बच्चों को पढ़ाने के लिए 1 लाख से ज़्यादा शिक्षक पद खाली हैं।
शिक्षक ही पर्याप्त संख्या में नहीं होंगे, तो शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के भविष्य को मजबूत कैसे किया जा सकेगा?
आज Student भी #UP_एक_लाख_शिक्षक_भर्ती के साथ सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि इन रिक्त पदों पर जल्द भर्ती होनी चाहिए और सरकारी स्कूलों को मजबूत किया जाना चाहिए।
क्योंकि शिक्षा मजबूत होगी, तभी प्रदेश के बच्चों का भविष्य मजबूत बनेगा। और यही बच्चे आगे चलकर भविष्य के निर्माण में सहभागी बनेंगे।
बच्चों की शिक्षा पर आज का निवेश ही प्रदेश के कल की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।
भाजपा सरकार ने 10 साल में 26 हजार + स्कूल बंद किए हैं ।
'मर्जर' के नाम पर प्रदेश में 26 हजार से अधिक सरकारी प्राइमरी स्कूल बंद किए गए, जिसका परिणाम यह हुआ कि 28 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन घट गया। इनमें 25 लाख से अधिक बच्चे पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज से थे।
भाजपा सरकार में स्कूल बंदी के इसी दौर में उत्तर प्रदेश में सरकारी प्राइमरी शिक्षकों की संख्या 62 हजार से अधिक घट गई, जबकि आज भी प्रदेश में 81 हजार से अधिक शिक्षक पद खाली हैं।
यदि अभी भी उम्मीद बची है ,तो तुम हो नादान
सुबह उठकर नित्यक्रिय, फिर करो जलपान
8 वर्षों से युवा झेल रहा अपमन
निर्दयी सरकार ने छीन ली चेहरे की मुस्कान
#upprt_संयुक्त_विज्ञापन_दो#UP_एक_लाख_शिक्षक_भर्ती
न हाथ में नौकरी है,
न चेहरे पर मुस्कान।
बस एक उम्मीद बची है,
सरकार करेगी सम्मान।
1 लाख प्राथमिक शिक्षक भर्ती का संयुक्त विज्ञापन जारी कर लाखों युवाओं को अवसर दीजिए।
#UP_एक_लाख_शिक्षक_भर्ती#UP_एक_लाख_शिक्षक_भर्ती