राघव चड्डा ने पार्लियामेंट में कंज्यूमर अधिकार से जुड़ा बेहद अहम और बुनियादी मुद्दा उठाया.
राघव चड्डा ने कहा, यूजर अपने मोबाइल फ़ोन पर जब डेली डाटा रिचार्ज कराता है, तो रिचार्ज प्लान के हिसाब से डाटा यूज लिमिट मिलती है,
यूजर का 1.5 GB, 2 GB या 3 GB डाटा रात को 12 बजे EXPIRE हो जाता है, यूजर का बचा हुआ डाटा कैरी फॉरवर्ड नही होता.
राघव चड्डा ने कहा, यूजर हर डाटा या प्लान पूरा पैसा देता है. अगर 3 GB में 1 GB डाटा बच जाता है तो उसे यूजर को दूसरे दिन मिलना चाहिए.
Monthly प्लान में कंपनी किस तरह डाटा लूट रही है, राघव चड्डा जी का पूरा वीडियो सुनिए. अक्सर हम सबका 30% या 40% तक डाटा बच ही जाता है. इस बचे हुए डाटा पर यूजर का ही अधिकार होना चाहिए.
🚨Handling #LPGCrises: FAILED
🚨Black money return : FAILED
🚨15 lakh promise : FAILED
🚨Make in India : FAILED
🚨Fuel price control : FAILED
🚨MSP guarantee : FAILED
🚨Ganga cleaning : FAILED
🚨Bullet train promise : FAILED
🚨2 crore jobs per year : FAILED
Be honest, why are still so many andh bhakts eager to vote BJP?
Come on guys, just because Modi surrendered and ceasefired and removed tariffs & signed pro-USA trade deal & stopped buying Russian oil & left Chabahar port, that doesn’t mean you should disrespect him like this.
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आज भारत में Compromised PM के राज में शांतिपूर्ण विरोध करना ही सबसे बड़ा “अपराध” बना दिया गया है।
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को धीरे-धीरे ऐसी दिशा में धकेला जा रहा है, जहां असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साज़िश बताया जाता है।
सोचिए - मुद्दा कोई भी हो, अगर आप सत्ता के खिलाफ संवैधानिक तरीके से आवाज़ उठाते हैं, तो लाठी, मुकदमा और जेल - यह लगभग तय है।
पेपर लीक से त्रस्त युवाओं ने अपने भविष्य के लिए आवाज़ उठाई - जवाब मिला लाठियों से।
देश की गौरवशाली महिला पहलवानों ने BJP के प्रभावशाली नेता पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जाँच की मांग की। उनकी पुकार को बदनाम किया गया, आंदोलन को कुचला गया, और उन्हें सड़कों से जबरन हटाया गया।
एक बलात्कार पीड़िता के समर्थन में इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ। न्याय की माँग को व्यवस्था के लिए “असुविधा” मानकर हटा दिया गया।
युवा कांग्रेस ने देश का अहित करने वाले US Trade deal का शांतिपूर्ण विरोध किया तो उन्हें "देशविरोधी" बताकर गिरफ्तार कर लिया।
जब आम लोग जहरीली हवा के खिलाफ खड़े हुए, तो पर्यावरण की चिंता को भी “राजनीति” कहकर दबा दिया गया।
जब किसानों ने अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया, तो उन्हें देशविरोधी करार दिया गया। आँसू गैस, रबर की गोलियाँ, पानी की बौछारें और लाठियाँ - यही संवाद का माध्यम बना।
जब आदिवासी अपने जल, जंगल, जमीन के हक के लिए खड़े हुए, तो उन पर भी शक की नज़र डाली गई - मानो अपने अधिकार माँगना अपराध हो।
यह कैसा लोकतंत्र है, जहां Compromised PM सवालों से डरते है? जहां असहमति को कुचलना शासन का स्वभाव बनता जा रहा है?
शांतिपूर्ण विरोध अपराध नहीं - लोकतंत्र की आत्मा है। सवाल पूछना लोकतंत्र की कमजोरी नहीं - उसकी ताकत है। लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब सरकार आलोचना सुनती है, जवाब देती है और जवाबदेह रहती है।
मोदी जी, ये North Korea नहीं, भारत है। जब सत्ता खुद को राष्ट्र समझने लगे और असहमति को दुश्मन - तब लोकतंत्र मर जाता है।
@shashank_ssj No. This is not from Indonesia. The images are of the burial of martyred students in Minab, Iran, by US-Israeli attacks. Here are more images
“When the targeted killing of a foreign leader draws no clear defence of sovereignty or international law from our country, and impartiality is abandoned, it raises serious doubts about the direction and credibility of our foreign policy. Silence, in this instance, is not neutral.”
Congress Parliamentary Party Chairperson Smt. Sonia Gandhi ji writes at this critical global juncture, emphasizing that India must stand for sovereignty and peace, and rediscover our moral strength.
मैं दुनिया के सभी यहूदियों को मार सकता था, लेकिन मैंने कुछ को ज़िंदा छोड़ा ताकि तुम समझ सको कि मैंने उन्हें क्यों मारा!
: एडोल्फ हिटलर (1945)
आज वास्तव में दुनिया समझ गई हिटलर ने यहूदियों क्यों मारा था!
#IranIsraelWar
शेर था इसलिए अपने मुल्क के लिए शहीद होना चुना!
वर्ना लंबी चौड़ी हांकने वाले इजराइल और अमेरिका के सामने ठुमके लगाकर अपनी जान बचाते हुए भी इसी सदी में देखे गए!
We pay homage to Abul Kalam Azad, India’s first Education Minister, and remember his visionary leadership and commitment to inclusive education.
His contributions laid the foundation for a strong, modern and progressive India.