कल्याण बनर्जी को आज दिन में पत्थर लग गया तो लोकतंत्र खतरे में दिखाई देने लगा। लेकिन 3 नवंबर को यही कल्याण बनर्जी कह रहे थे कि सुवेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार बिना सुरक्षा के आएं, तो जिंदा वापस नहीं जा पाएंगे।
तब न लोकतंत्र खतरे में था, न राजनीतिक हिंसा पर कोई चिंता दिखाई दी।
कल्याण बाबू, कर्म आपका पीछा नहीं छोड़ता। जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे। दूसरों के लिए जो माहौल तैयार किया जाता है, एक दिन वही माहौल अपने दरवाजे पर भी आ खड़ा होता है।
मध्य प्रदेश के खंडवा मे एक मुस्लिम युवक ने बकरीद की कुर्बानी से आहत होकर सनातन धर्म स्वीकार कर लिया। युवक ने बाकायदा अपना सिर मुंडवाकर अनुष्ठान के माध्यम से सनातन धर्म को स्वीकार किया और अपना नाम बिलाल से 'विशाल' कर लिया है।
उसका कहना है कि उसने अपने जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत की है।