इतना ज्यादा जन समर्थन किसी नेता को नहीं मिलता है
ना सोनिया गांधी
ना नरेंद्र मोदी
ना राहुल गांधी
ना अखिलेश यादव
ना योगी आदित्यनाथ
यह जलवा बस बहन कुमारी मायावती जी का है।।
#9_अक्टूबर_चलो_लखनऊ
आज तक सिर्फ 5-6 भारतीय सचिव दलित हुए हैं और 90% सवर्ण हुए हैं, फिर मलाई किसने खाई? वैसे ही हाल सुप्रीम कोर्ट का है। वहाँ भी 5-7 न्यायाधीश दलित हुए हैं, बाकी 70-80% सवर्ण हुए हैं। भारतीय सेना का तो उससे भी खराब हाल है। फिर बताओ, मलाई किसने खाई? कंपनी को लाखों-करोड़ों का कर्ज माफ किया जाता है, उसका क्या? उसकी मलाई कौन खा रहा है?
दलित महिला के साथ ऐसी बर्बरता क्यों?
Sc St ACT के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए़।
गरीब दलित घरेलू कामगार महिला पर चप्पलों, डंडों और मुक्कों से हमला यह सिर्फ हिंसा नहीं, बल्कि जातिगत भेदभाव के गंभीर आरोपों का मामला है
@DINESHPATEL_up@Mayawati बिल्कुल,
जितनी बार बहन जी ने आकाश आनंद को निकाला पार्टी से उतनी बार मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव को निकालते तो धक्के की जगह क़त्ल हो कर देते।
@kishanrashtre बसपा को तुम्हारे अब्बू ,यानी मुलायम सिंह यादव,और अखिलेश यादव यानी पूरा PDA परिवार डेवलपमेंट ऑथरी नहीं मिटा पाई,
तो ये लौंडियाबाज चंदू क्या मिटाएगा।
@kishanrashtre कुछ समय बाद आप गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं- क्योंकि आप मे मानसिक तनाव अभी से दिख रहा है ?
2027 में बसपा सरकार बनने पर आप जैसों का क्या होगा?
आप हमेशा सकारात्मक सोचा करें- केवल नीच मानसिकता वाले लोग ही किसी दूसरे के अहित के बारे में सोचते होते हैं।
स्वस्थ सोच से-स्वस्थ शरीर।
उत्तर प्रदेश के एक सरकारी अस्पताल में मुसहर समाज की महिला को प्रसव होने से रोक दिया गया और आपने वायरल वीडियो देखा होगा..
यह रामराज का नमूना है और हम आपको दिखाते हैं मायावती राज का करिश्मा..
इस बच्चे को सिर्फ बुखार आ गया था और पूरा प्रदेश हिला दिया था @Mayawati जी ने..
मर्द जात हाय हाय करने वाली इलीट वर्ग की महिलाएं इसपे हाय हाय नही करेंगी क्योंकि यहाँ दलित महिलाओं के साथ मारपीट करने वाली उनकी ही जाति की है ।
@NCWIndia भी सिर्फ सवर्ण महिलाओं के मामले में ही जागती है बाकी दलित महिलाओं के साथ कुछ भी वो NCWI को फर्क नही पड़ता ।
आकाश आनन्द ने एक बार फिर बहनजी से सार्वजनिक माफी माँगी है। मेरा ऐसा मानना है कि;
1.बहनजी इसपर जो भी प्रतिक्रिया दे वो अंतिम रूप से होनी चाहिए। व्यक्तिगत भावनाओ में बहकर ऐसी कोई प्रतिक्रिया से बचना चाहिए जिसमे आकाश आनन्द के व्यक्तिगत व्यवहार या उसपर कोई नकारात्मक टिपण्णी हो क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति चाहे वो मेरा पुत्र, पुत्री, भाई, बहन या अन्य रिश्तेदार हो, कुछ सम्मान रखता है। बल्कि हमारे पास कोई सार्वजनिक जगह पर बैठा अंजान व्यक्ति तक इतना सम्मान व मानव अधिकार रखता है कि उसके उस अधिकार तक हम उसका सम्मान करें जो उसे नीचा न दिखाते हो। अपरिपक्व या अन्यं रूप से ऐसे शब्दों से बचे जो व्यक्तिगत डिग्निटी पर सीधा प्रहार करते है।
2.आकाश आनन्द के साथ इन सभी घटनाओं में एक अच्छी बात रही कि;
"उनके न होने पर उनकी स्वीकार्यता बढ़ी है। उन्हें कम से कम लोग महसूस करने लगे है, इसमे अगर वो अपना व्यवहार कॉरपोरेट स्टाइल को छोड़कर गरीब शोषित, वंचित समाज के साथ निकटता लाकर महसूस करेंगे तो ज्यादा अच्छा व और ज्यादा स्वीकार्यता बढ़ा सकते है।"
बाकी बहनजी ही एक अच्छा निर्णय ले सकती है, वो इसे बखूबी जानती है। उम्मीद है कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया उनकी रहेगी। और यह;
"अंतिम रूप से होनी चाहिए चाहिए"
विकास कुमार जाटव
@AnandAkash_BSP@Mayawati
दलित शोषित वंचित समाज के विकास आंकड़ों में निरंतर सुधार दिखता है। नीति आयोग एमपीआई अनुसार यूपी में 2015-21 में गरीबी तेज घटी, सबसे ज्यादा लोग निकले। बसपा काल में अंबेडकर ग्राम व आवास योजनाओं से दलित क्षेत्रों में सड़क-बिजली-पानी बढ़ा। सपा काल में पेंशन-लैपटॉप जैसी कल्याण योजनाएं चलीं। भाजपा काल में पीएमएवाई, छात्रवृत्ति डीबीटी, मुफ्त शिक्षा से बड़े पैमाने लाभ। विकास संचयी है, एक पार्टी को पूर्ण श्रेय कठिन।
समाजवादी पार्टी का छुपा हुआ चेहरा सामने आया है... अखिलेश यादव मोदी की कठपुतली बनकर पुंजीपति धनराज परिमल नाथवानी को राज्यसभा भेज रहे हैं। ये वही लोग है जो पीड़ित और पीडीए का नारा देते हैं लेकिन सारा खेल पैसे के लिए करते हैं।