@yadavakhilesh ji ke liye 2027 Chunav ki Taiyari ke Kuch Zaroori Sujhav
1.)Har time tane marne ya troll krne se bachen. Jo bat kehni hai use direct aur clear words mein express krey Kabhi-2 light trolling shi hai, lekin har bar nahi , ho ske toh politely reply dey
सब कांग्रेसी पत्रकार एक ही भाषा बोल रहे हैं लेकिन ये लोग भूल जाते हैं कि देश आज जो कुछ भी भुगत रहा है, वो किया धरा भी कांग्रेस का ही है!
मंडल कमीशन की रिपोर्ट पर एक दशक तक कुंडली मारकर कांग्रेस बैठी रही,
2011 की जनगणना के आंकड़े कांग्रेस में सार्वजनिक नहीं किये,
2002 गुजरात नरसंहार में मोदी अमित शाह को दोषी कांग्रेस सिद्ध नहीं कर पायी,
पूरे देश में RSS का विस्तार कांग्रेस के शासन में हुआ,
बाबा साहब अम्बेडकर को भारत रत्न कांग्रेस में नहीं दिया,
भारत रत्न देने में कर्पूरी ठा��ुर व चौधरी चरण सिंह की अनदेखी हुई!
यूपी चुनाव नज़दीक आते ही कांग्रेस के वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह जी सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई कांग्रेस और राहुल गां��ी लड़े, अडानी से राहुल लड़े लाठी डंडे NSUI खाएं और मजा अखिलेश यादव उठाये।
तस्वीर 3 दिन पहले के बलिया के फेफना से सपा विधायक विधायक संग्राम सिंह यादव जी का है, जिन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दों पर जोरदार प्रदर्शन किया है।
आपको बता दें यूपी में भाजपा के सबसे मजबूत वोट बैंक ठाकुर लोगो का है, यूपी के 80%ठाकुर भाजपा को वोट देते है, 20%समाजवादी पार्टी को।
शीतल सिंह जी की इज़्ज़त है लेकि�� इनको ऐसा क्यों लगता है लड़ाई सिर्फ कांग्रेस ही लड़ रही हैं??
उनको सपा के धरना विरोध प्रदर्शन सपा के नेताओं का भाजपा द्वारा उत्पीड़न क्यों नहीं दिखाई देता??
EX -AAP नेता आशुतोष शर्मा और शीतल जी को लगता है अखिलेश यादव सिर्फ AC में बैठ कर ट्वीट करते है।
तो सुनिये महोदय आप लोग मै नहीं चाहता कांग्रेस और राहुल गांधी जी की बुराइयाँ निकालू क्यों हर इंसान में कुछ ना कुछ कमियां जरूर होता है।
इस समय पूरे देश की निगाहें अखिलेश यादव और सपा पर है और श्री अखिलेश अपनी लड़ाइ बखूबी लड़ रहें है,तो आप लोग उनपर आरोप लगाकर दबाव बनाकर चाहतें है कि सपा, यूपी में कांग्रेस को 200 सीट दे दे तो ऐसा नहीं होगा,सपा वही सीट देगी जहां कांग्रेस का जनाधार होगा।
‘रीजनल पार्टी का वोट बैंक नहीं होता है, वोट बैंक की पार्टी होती है’
ये बात यूपी की तुलना में काफी सटीक है, और जातिगत राजनीति का यही मजा है।
उससे बड़ी बात कि सपा के टूटने का सपना बीजेपी से ज्यादा कांग्रेसी देख रहे हैं।
जब सपा ने काम के नाम पर वोट मांगा, तब उनके 47 MLA और 5 MP बचे। नेताजी के बाद सबसे सीनियर नेता शिवपाल सिंह जी भी पार्टी छोड़कर चले गए थे।
लेकिन तब भी सपा को नहीं तोड़ पाए ✍🏻
उसके बाद फिर बीजेपी की वजह से वापस सपा को जाति की बात भी करनी पड़ रही है, हालांकि जाति की बात करना कभी छोड़ना नहीं चाहिए था।
लेकिन फिर भी सपा अभी भी काम के नाम पर भी वोट मांगती है।
राज्यसभा चुनावों के समय 8 विधायक गए भी, लेकिन सबकी सीट पर सपा ने लीड लिया, और उनमें कई वापस आने के जुगाड़ में लगे रहे लेकिन मना हो गया।
TMC और आम आदमी पार्टी पैसा, काफी ज्यादा एस्पिरेशनल, ग्लै��र और कुछ ज्यादा ही युवा लोगों को भेज दिए, जिसका उनको खामियाजा भुगतना पड़ा, लेकिन ये सपा के केस में सच नहीं है।
जो लोग एक फर्जी लिस्ट के सह��रे लोकसभा चुनावों के समय 2 घंटा यूट्यूब पर बैठकर बहस करते थे, वो लोग आज कांग्रेस के लिए बैटिंग करते हुए सपा और अखिलेश यादव को ज्ञान दे रहे हैं 😂
@saurabh_97298@Undoubtfulnerd kuch copy nhi kiya jab bhi foreign jate hai Tshirt aur jeans hi phnte hai aur yeh london se wapas aa rhe the tabhi ki clip hai
kuch logo ko kuch kam nhi hota toh har bat pe RR karte hain
ab unko AY ke baal se problem hai toh AY ka mandir ban rha hai, mannat maani hai unhone
Jab mandir ban jayega toh baal daan mein diye jayenge, isliye bade bade baal rakhe hue hain koi shaukh se bde nhi rkhe hain
yeh 4-5 youtubiye kukurmutte hain jo congress ke khne pr sp ke against likh rhe hain video dal rhe
yeh sab sudhar jai wrna jitni seat akhilesh soch rha hai uski adhi bhi nhi dega
bsdk booth pe sp ka neta mehant krega , SIR me sp ke log nam judwaye in salo ko seat dey do bus
अब बारी यूपी की है , अगर अब नहीं सुधरे तो गिनती गिन लीजिए,
राजद निपटी
DMK निपटी
TMC निपटी
आप निपटी
अब बारी यूपी की है , यही attitude रहा तो ऊपर की श्रेणी ��ें आ सकते हैं
शीतल जी को सुनिए 👇
कल इंडिया गठबंधन की मीटिंग में अखिलेश यादव ने सहयोगी दलों के नेताओं के बीच आपस में सोशल मीडिया में टीका टिपण्णी का मुद्दा उठाया!
यह बात बिलकुल सही है! इन सभी विपक्षी दलों के कुछ नेताओं पर बिलकुल सटीक बैठती है! इन दलों में नेताओं और सोशल मीडिया योद्धा का एक वर्ग है जिनका एकमात्र लक्ष्य टीवी डिबेट में बैठना, उनके लिए चारा देना,अपनी TRP बढ़ाना है जिनकी पार्टी के प्रति कोई कमिटमेंट नहीं है!
वे मौ��ा मिलने पर पहली बार पाला बदल सकते हैं! और ऐसे नेता सभी दलों में हैं! जब तक सभी दल ऐसे नेताओं को नियंत्रित नहीं करती है, बीच बीच में अविश्ववास का दौर आता रहेगा!
@sharyk76@mediacellsp@aashishsy@2kumarabhi na ashu malik ka toh sab jante hi hain altamas ko bhi whi laya hoga ,javed bhi pichle sal AY se mila tha sayad bat hui ho gane ki
is bar india alliance ka UP me campaign song Altamas faridi ya javed ali hi gaye
indono ne SP ke liye gana gaye javed ne man se hain mulayam aur altamas ne janta pukarty hai AY aiye
dono song me jo vibe hain voh unmatched is trh 27 ka bhi hona chahiye
@mediacellsp@aashishsy
As I said earlier that @samajwadiparty@mediacellsp must show the plight of infrastructure in up since 2018 and the work done by them in short span of Akhilesh era. @yadavakhilesh
In UP politics right now, it's simple:
If you want to remove the BJP government, you stand with Akhilesh.
If you're not with Akhilesh, you don't want BJP out.
Everything else is just noise.
Constant switching of regional party MLAs and MPs to the BJP has taught me one thing, I’ll never vote for a regional party again.
At this point, it’s better to vote for the BJP directly than to vote for a regional party whose leaders may eventually join BJP anyway.
~आने वाले विधानसभा चुनावों में नॉन-यादव ओबीसी/दलितों को ज्यादा टिकट मिलने की संभावना है
~सामान्य सीटों पर दलितों को टिकट देने में इज़ाफ़ा होगा
~यादव समाज के लोग विधायकी भूल जाएं
~सवर्णों में बहुत खास लोगों को ही टिकट मिलने की संभावना है