इतने पत्रकार कोरोना की बलि चढ़ गए । कइयों को इलाज ढंग से नहीं मिला। और ये सब सरकार की आपराधिक लापरवाही से ।मगर मजाल है के इक्का दुक्के को छोड़ कोई अब भी सरकार को कटघरे में रखने को तैयार है ? मजाल है ? हक़ीक़त ये है के चैनल ,इनके एंकर और संपादक सरकार के रहमोकरम पर हैं । बेबस है ये
कल्पना कीजिये एक हवाई जहाज़ में आग लग जाये और उसके अंदर बैठे यात्री उसे बुझाने की कोशिश कर रहे हों। मगर पायलट सो रहा है और जब उठे तो मानने से इनकार कर दे के प्लेन में आग लगी है। कुछ वैसी वाली feeling है।
आज का बेबाक । किसान को गाली मत दो बीजेपी। @rameshbidhuri
जैसे सांसदों पर हो कार्रवाही मोदीजी । साथ ही जम्मू कश्मीर के स्थानीय चुनावों क�� नतीजों के मायने और फिर शर्मिंदा हुआ अर्नब। 280 बार मांगी माफी। देखें
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