उत्तर प्रदेश घुमन्तू विकास बोर्ड अनेक जातियों को चिह्नित कर उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करते हुए उनके जीवनस्तर को बेहतर बनाने का प्रयास करेगा।
—मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा आज ₹23,731 करोड़ की लागत से गोबरधन (GOBARdhan) योजना को स्वीकृति दिया जाना आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण समृद्धि की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहन देने, जैविक अपशिष्ट को 'वेस्ट टू वेल्थ' में बदलने के साथ ही निवेश को गति देने तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
इस दूरदर्शी, पर्यावरण हितैषी एवं जनकल्याणकारी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार।
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- कांग्रेस FCRA बिल का विरोध कर रही है,
- पाकिये FCRA बिल का विरोध कर रहे हैं,
- अमेरिका FCRA बिल का विरोध कर रहे हैं,
- UK FCRA बिल का विरोध कर रहे हैं,
- मिशनरी FCRA बिल का विरोध कर रहे हैं,
- चर्च, NGO, लिबरल, व सभी देश विरोधी तत्व इस FCRA बिल का विरोध कर रहे हैं,
इसलिब यह बिल निश्चित रूप से भारत के लिए बहुत अच्छा होगा !
मोदी जी और अमित शाह को यह पक्का कर रहे कि FCRA बिल पास हो
क्या पहले कोई सोचता था कि उत्तर प्रदेश के अंदर ट्राइबल म्यूजियम बनेगा? लेकिन आज वह बलरामपुर के इमिलिया कोडर में बन गया है।
हम मीरजापुर और सोनभद्र में भी बनाने की तैयारी कर रहे हैं...
🚨बड़ी खबर
कलकत्ता हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी
“अगर मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरे गाए जाएं, तो आसमान नहीं टूट पड़ेगा।”
यह टिप्पणी अदालत ने इस मामले की सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से की
PM मोदी ने अपने इंस्टाग्राम पर हैंडलूम को लेकर देश को संदेश दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से भारत की हैंडलूम विरासत को बढ़ावा देने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि लोग अपने पसंदीदा हैंडलूम उत्पादों के साथ वीडियो, जिसमें GRWM वीडियो भी शामिल हों, सोशल मीडिया पर साझा करें और #NationalHandloomDay का इस्तेमाल करें।
@MrMishra किसी भी स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के लिए पारदर्शिता कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्य शर्त है। 🇮🇳
विदेशी धन का उपयोग देश के विकास के लिए हो रहा है या देश विरोधी एजेंडे के लिए, यह जानना हर नागरिक का अधिकार है।
@MrMishra जय श्री राम 💐💐💐🙏
संविधान की गरिमा बढ़ाने का काम करते हुए, सदन में 🤔 सिर्फ #भाजपा को देखा 🚩🇮🇳 इसके लिए हम प्रणाम करते हैं। दिल से 🙏
बाकि की पार्टियों के लोगो को तो बस भारत का अपमान करते देखा हैं। 😡
क्या ये सच कह रहा हूँ ❓🙏
@MrMishra अगर नीयत साफ है, तो विदेशी फंडिंग की निगरानी और कड़े नियमों से किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए? जवाबदेही से भागना खुद में एक बड़ा सवाल है।
यह समय दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केवल और केवल राष्ट्रहित के बारे में सोचने का है। विदेशी प्रभाव से मुक्त, आत्मनिर्भर भारत ही हमारा भविष्य है।
@MrMishra सही कहा आपने बिल्कुल। विदेशी फंडिंग से अवैध धर्मांतरण किया जाता है?
सेवा के नाम पर सौदा (धर्मांतरण) किया जाता है?
धर्मांतरण मतलब राष्ट्रांतरण?
आज संसद में FCRA पर बहस सिर्फ एक कानून की नहीं, बल्कि भारत की नीति और संप्रभुता की भी बहस है।
आरोप-प्रत्यारोप अपनी जगह हैं,
लेकिन सवाल यह है कि क्या विदेशी फंडिंग पर पारदर्शिता और निगरानी किसी भी स्वतंत्र राष्ट्र का अधिकार नहीं होना चाहिए?
देश का विपक्ष इस मुद्दे पर पूरी ताकत से सरकार का विरोध कर रहा है। अब फैसला जनता को करना है कि वह किस तर्क को अधिक मजबूत मानती है।
इतिहास गवाह है कि विदेशी प्रभाव और राष्ट्रीय हित के बीच संतुलन हमेशा एक बड़ा विषय रहा है। इसलिए हर नागरिक, खासकर युवाओं को, संसद में होने वाली बहस और अपने नेताओं के तर्कों को ध्यान से सुनना चाहिए।
राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए।
युवाओं! आंखें खुली रखो, तथ्यों को समझो, फिर अपना निर्णय खुद लो।
झुकना मत...
दबना मत...
सोचो, समझो और राष्ट्रहित में निर्णय लो।
एक लड़की देखी थी लैटेन्ट शो में, उसको मर्द-जात से नफ़रत थी।
वो कहती थी कि मुझे सारे मर्द एक से लगते हैं, सभी मुझे घिनौने और घटिया लगते हैं। इवन मैं अपने बाप से भी नफ़रत क्योंकि हूँ क्योंकि वो mens हैं।
ये लड़की जो तस्वीर में दिख रही है, इसका नाम अस्मिता दे है। ये त्रिपुरा से आती है।
इसका गाँव में टिपिकल माहौल था कि लड़कियाँ बड़ी हुईं तो उनकी सबसे बड़ी अचिवमेंट यही होनी चाहिए कि वो शादी कर लें। पर अस्मिता के पिताजी इस दकियानूसी सोच के बिल्कुल खिलाफ़ थे। उन्होंने अपना सारा ज़ोर और सारी पूँजी, इस बेटी में लगा दी कि अगर जूडो करना चाहती है तो करे, मैं हूँ तेरे सपोर्ट में।
अस्मिता बताती हैं कि जब वह दिल्ली में ट्रेनिंग के लिए आई थीं, तब उनके ज़रा बहुत चोट लगती तो भी पापा देखभाल के लिए तुरंत आ जाते थे। रिश्तेदार, परिवार मना करता रहता था कि क्या ज़रूरत है ये सब करने की... पर पापा नहीं माने।
2023 में अस्मिता को यूपी पुलिस में स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी मिली तो हालात थोड़े बेहतर होने लगे। बचे टाइम में प्रैक्टिस और बढ़िया होने लगी।
पर 2025 दिसम्बर में एक ब्रेन स्ट्रोक से पिताजी स्वर्गवासी हो गए। तब अस्मिता को लगा कि यार, सब खत्म हो गया।
पर यहाँ माँ ने उसे 10 दिन बाद ही ये कहकर भेज दिया कि अगर आज मैंने तुझे ट्रैनिंग से रोका, तो तेरे पापा बहुत नाराज़ होंगे, कहेंगे मेरे बाद मेरी बेटी का कोई ख्याल भी नहीं रख सकता?
अस्मिता ने भी इस दुख को अपनी ताकत बनाया और 2 महीने बाद हुए एशियन ट्रायल्स में टॉप किया और ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी शुरु कर दी।
आज ये लड़की भारत के लिए जूडो में पहला गोल्ड लेकर आई है। पहला गोल्ड यार... छोटी बात नहीं है ये। अस्मिता ने ये मेडल अपने कोच और अपने पिता को डेडिकेट किया है।
लैटेन्ट वाली लड़की का नाम मुझे याद नहीं, मैं याद करना भी नहीं चाहता। मैं चाहता हूँ कि अस्मिता का नाम हर पोस्ट, हर अखबार और हर भारतीय ट्वीट पोस्ट पर दिखाई दे।
ये हमारे देश के असली हीरोज़ हैं जो विश्व मंच पर काँधे पर तिरंगा रख देश का नाम रौशन करते हैं। बजाए किसी कुंठित लड़की के, अस्मिता की कहानी अच्छे से वाइरल होनी चाहिए।
ये है असली feminism
प्राउड ऑफ यू गर्ल।
🇮🇳🇮🇳
#commomwealthgames
#goldmedal
ऑपरेशन 37 क्या है?
और
आज भारत सबसे ज़्यादा ख़तरे में क्यों है?
नीचे पढ़ें👇
यह बिल्कुल सच है। मोदी सरकार को गिराने के लिए ऑपरेशन 37 "डीप स्टेट" शुरू हो चुका है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी जी को हटाने के लिए CIA और डीप स्टेट को 12 महीने का समय दिया है। जिसके हथियार होंगे डिवीज़न, डायवर्सन और डिसेप्शन। जिसमें वोट चोरी और ऑपरेशन 37 भी शामिल है। इसका एक उदाहरण आप जगदीप धनखड़ के साथ देख ही चुके हैं। उनका लक्ष्य कम से कम 37 भाजपा सांसदों को तोड़कर भाजपा में फूट डालना है - कभी टैरिफ के नाम पर, कभी आरक्षण के नाम पर, कभी दलाल किसान नेताओं के ज़रिए, और यौन-धार्मिक आंदोलन खड़ा करके बांग्लादेश जैसी अराजकता फैलाकर सरकार गिराने की कोशिश की जाएगी। दक्षिण और महाराष्ट्र में हिंदी विरोध प्रदर्शन, कुछ नेताओं का जन्माष्टमी पर गोमांस खाने का ऐलान - इसका एक और उदाहरण है।
डायवर्सन का मतलब है भाजपा के मूल वोटरों पर हमला करके उनके वोटों को दूसरी तरफ़ ले जाना। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के चुनावों की तरह, जो पहले कभी पता नहीं चला, "अगला प्रधानमंत्री कौन होगा?" - अमित शाह या योगी, ऐसे सवाल उठाकर देश के हिंदुओं को बाँटने की कोशिश। साथ ही, पाकिस्तान को उकसाकर और भारत को यूक्रेन-रूस जैसे लंबे युद्ध में उलझाकर अर्थव्यवस्था को तबाह करने की कोशिश भी होगी।
यह तय है कि अगर विपक्ष, डीप स्टेट और ट्रंप 12 महीनों में मोदी जी को गिरा नहीं पाए, तो उन पर जानलेवा हमला करने से भी पीछे नहीं हटेंगे, क्योंकि भारत की प्रगति अमेरिका के पतन का कारण बन रही है। आज अमेरिका सबसे ज़्यादा कर्ज़दार देश है और वह भारत को प्रगति करते नहीं देखना चाहता।
भारत आज सबसे मुश्किल दौर में है। आज हिंदुओं को देश और खुद को बचाने के लिए और ज़्यादा एकजुट होने की ज़रूरत है। दूसरा वर्ग कभी आपके साथ खड़ा नहीं होगा, क्योंकि उसका लक्ष्य गजवा-ए-हिंद को पूरा करना है।
*हिंदुओं जागो, एकजुट रहो, सावधान रहो और अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों को भी सावधान रखो।*
*जय हिंद भारत माता की जय। वंदे मातरम।🌹🙏*
आपसे अनुरोध है कि इसे पढ़ें और अपने सभी दोस्तों, ग्रुप्स, परिचितों और उनसे जुड़े लोगों को भेजें। प्रत्येक व्यक्ति कम से कम 1000 लोगों को लक्षित करे। आपके इस प्रयास का डोमिनो प्रभाव यह होगा कि एक सप्ताह में यह 10 करोड़ लोगों तक पहुँच जाएगा और तीन सप्ताह में यह 100 करोड़ लोगों तक पहुँच जाएगा।
● अमेरिका, कनाडा, यूरोप खालिस्तानी ब्रिटेन, तुर्की पाकिस्तान चीन चाहते हैं भाजपा हारे
● हथियार लॉबी, दवा लॉबी चाहती है भाजपा हारे
● कट्टर इस्लामी कम्युनिस्ट ईसाई चाहते हैं भाजपा हारे
● मुस्लिम चाहते हैं भाजपा हरे
हर शक्तिशाली देश चाहते हैं कि भारत में भाजपा हार जाए क्योंकि भारत उनके हथियार निर्यात बाजार और उत्पादन आधार को खा रहा है।
वे नहीं चाहते कि भारतीय रक्षा आयात-स्वतंत्र हो।
वे केंद्र में एक कठपुतली सरकार चाहते हैं, जिसे वे नियंत्रित कर सकें।
विपक्ष चाहता है कि भाजपा हार जाए क्योंकि उसने अपने वादे पूरा किया...
● राम मंदिर
● सीएए/एनआरसी
● नई शिक्षा नीति
● अनुच्छेद 370
● रक्षा को मज़बूत किया
● एनजीओ पर लगाम लगाई
● नक्सलियों पर लगाम लगाई
● मिशनरियों पर लगाम लगाई
● पत्रकारों को मुफ़्त उपहार बंद किए
● फ़र्ज़ी पैन और आधार कार्ड के ज़रिए नेताओं/नौकरशाहों की नकद सब्सिडी बंद की
● पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
● कोरोना टीकाकरण
● काशी कॉरिडोर
● अंतरिक्ष में विजय प्राप्त की
● गुलामी के निशान मिटाए
● बुनियादी ढाँचा
● आईआईटी
● एम्स
● मंत्री स्तर पर शून्य भ्रष्टाचार
● जीएसटी
● नोटबंदी
● शून्य बम विस्फोट
● कश्मीर में शांति
● मोबाइल निर्माण में दूसरे स्थान पर
● रेलवे का 100% विद्युतीकरण
● रेल फाटकों का पूर्ण खत्मा
● वंदे भारत ट्रेन
● बिना गोली चलाए पाक को तबाह कर दिया
● चीन को काबू में रखें
● हर घर में पानी
● आयुष्मान भारत के तहत चिकित्सा बीमा
● वरिष्ठ नागरिकों के लिए चार धाम यात्रा और...
● भाजपा देश नहीं बेचेगी
● भाजपा चीन के साथ गुप्त समझौते नहीं करेगी
● भाजपा पाकिस्तान के प्रति नरम नहीं रहेगी
हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भाजपा बार-बार जीते।
2024 भाजपा🚩
2029 हाँ, केवल भाजपा🚩
2034 भाजपा🚩
और आगे......
अपने आस-पास कम से कम 11 लोगों को शिक्षित करें और गैर-भाजपाई के रूप में भाजपा को वोट दें, तब
हमारे बच्चे सुरक्षित रहेंगे
हम एक अच्छा जीवन जीएँगे।
हमें अगली पीढ़ी को एक
सुरक्षित समाज
सुरक्षित जीवन
सुरक्षित भविष्य देना होगा।
🇮🇳🇮🇳।
🚨 नितिन गडकरी -
"खामेनेई ने मुझे बताया कि फ़ारसी भाषा संस्कृत से उत्पन्न हुई है।
उन्होंने मुझसे पूछा, 'क्या आप जानते हैं कि हमारे पूर्वज कहाँ से थे?'
मैंने पूछा, 'कहाँ से?' 🤔
उन्होंने कहा, 'लखनऊ'"
जयशंकर ने भारत की नई विदेश नीति को बस एक वाक्य में बता दिया।
U.S. ने हाल ही में कहा कि वह भारत के साथ वो "गलतियाँ" नहीं दोहराना चाहता जो उसने चीन के साथ की थीं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक भी पल नहीं गंवाया।
"भारत का आगे बढ़ना भारत ही तय करेगा। यह हमारी ताकत से तय होगा, दूसरों की गलतियों से नहीं।"
यह सिर्फ़ एक जवाब नहीं है।
यह इस बात का ऐलान है कि भारत आज खुद को कैसे देखता है।
दशकों तक, बड़ी ताकतें भारत को अपने स्ट्रेटेजिक फ़ायदों के नज़रिए से देखती थीं।
वो दिन अब लद गए हैं।
भारत चीन की जगह नहीं ले सकता।
भारत किसी का मुकाबला नहीं कर सकता।
भारत मंज़ूरी के सर्टिफ़िकेट नहीं चाहता।
भारत अपनी शर्तों पर अपना भविष्य बना रहा है।
5,000 साल पुराना कोई देश इसलिए आगे नहीं बढ़ता क्योंकि कोई दूसरा देश नीचे गिर रहा है।
यह इसलिए आगे बढ़ता है क्योंकि यह अपने लोगों में इन्वेस्ट करता है, इंस्टीट्यूशन बनाता है, अपनी इकॉनमी को मज़बूत करता है, अपनी मिलिट्री को मॉडर्न बनाता है, टेक्नोलॉजी को अपनाता है, और अपनी सभ्यता का भरोसा बनाए रखता है।
यही भारत की स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी का सार है।
✅ सबके साथ पार्टनरशिप करें।
✅ जहाँ हित मिलते हैं, वहाँ एक साथ हों।
❌ किसी पर निर्भर न रहें।
इसीलिए भारत अमेरिका के साथ जुड़ सकता है, यूरोप के साथ रिश्ते गहरे कर सकता है, रूस के साथ रिश्ते बनाए रख सकता है, ग्लोबल साउथ को मज़बूत कर सकता है, और इंडो-पैसिफिक में अपनी जगह बढ़ा सकता है—बिना अपनी सॉवरेन चॉइस से समझौता किए।
दुनिया धीरे-धीरे एक नई सच्चाई को अपना रही है।
भारत अब टेबल पर सीट नहीं मांग रहा है।
भारत उन टेबल में से एक बन रहा है जहाँ भविष्य का ग्लोबल ऑर्डर बनेगा।
जैसा कि जयशंकर के शब्दों से साफ़ है:
भारत का आगे बढ़ना भारत की ताकत से तय होगा—किसी और की गलतियों से नहीं।
केजरीवाल एंड कंपनी हर रोज 1,500 मीट्रिक टन गोबर यमुना जी में डालती थी। अब दिल्ली सरकार NDDB से समझौता कर उसी गोबर से गैस और प्राकृतिक खाद बनाएगी। एक किलो गोबर भी यमुना जी में नहीं जाएगा।