पिस्टल लेकर खड़ा मुल्ला रिहान है एसिड डालेगा
डर से नाबालिग लड़की ने स्कूल जाना बंद कर दिया
पूरी दिल्ली से नगरसेवक शनिवार सुबह 10 बजे भलसवा डेरी थाना पहुचों @dcp_outernorth
लड़की का मेसेज पढ़ लो @gupta_rekha
Hlo sir main hu meri age 15 saal hai mein 10th standard mein padhti hu ek bar mene instagram per ek id banai thi us per mujhe ek ladka Mila rihan nam ka vo momdan tha meri usse thode time baat Hui fir vo mujhe bhout toxic karta tha baat baat per pareshan karta tha piche padh gya tha mere mene ghr mein ye baat batai to meri mmy ne uske ghr per phn Kiya tha uske papa ne sunaya bhout lekin vo is baat se chhidh gya ki tune mere papa ko call kaise ki or usne mujhe ye bola hai ki tere face per acid dal dunga jan se mar dunga meri mmy or papa ko mar dega jaan se mene use har jagah se block ker diya tha to usne meri dost ko msg karke bola hai ki use nhi chhodunga blackmail ker raha hai mere pas uske msg ke screen shot hai mere pas uske phn number hai uske papa ka bhi hai uska address hai pura vo kachhi khajuri A block gali number 21 mein rehta hai or mein bhalswa dairy Swami shardanand colony mein rehti hu usne mere papa ko bhi bhane se bulane ki koshish ki hai vo bhout gandi gandi galiya bhi bakta hai or mene police complain bhi ki hai uske khilaf but kuch sunwahi nhi hui ulta hume hi bola jaa raha hai whaaa
@swati_gs बात कीजिए बच्ची से और भी लड़की है जिन्होंने डर से स्कूल जाना बंद किया है
@CPDelhi@DelhiPolice@SachdevaAmita@AmitShah@ANI@PTI_News@ians_india@druditatyagi@neha_laldas@kajal_jaihind
@Rahulchetry1992 भाई यही तो मैच फिक्सिंग है आप लोग को दिख नहीं रही या आप लोग देखना नहीं चाह रहे ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और icc cricket control board सब मिलकर मैच कर रहे हैं और आप लोग सोच रहे हो बांग्लादेश टीम बड़ी मजबूत हो गई
सोनीपत @IndiaPostOffice । आर्टिकल नंबर E0790007012IN। पार्सल से सामान चोरी कर लिया इंडिया पोस्ट के कर्मचारियों ने।
घिनौनी सेवा। कभी भरोसा मत करो इन चोरों पर। स्टाफ कहता है कैमरे पर वीडियो बना लो, हमें फर्क नहीं पड़ता। शर्मनाक हरकत।
#Ghaziabad चेकिंग ठीक है लेकिन ड्राइवर के साथ मारपीट उचित नहीं है।।आरोप गम्भीर है। जब गाजियाबाद सीपी ने चीज लिया था तभी पुलिसवालों को शालीनता बरतने की सीख दी थी, लगता है फोर्स के लोग भूल गए है। वीडियो वायरल है।
समाज के रक्षक ही जब भक्षक बन जाए तो आम जनता क्या करे
“साहब, 2 घंटे कमाने आता हूं…” पुलिस के सामने गिड़गिड़ाया दुकानदार
दिल्ली के जनकपुरी इलाके में सड़क किनारे स्टॉल लगाकर खाना बेचने वाले एक व्यक्ति का सामान हटाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो में दुकानदार पुलिस के सामने अपनी रोज़ी-रोटी का हवाला देते हुए गुहार लगाता दिखाई देता है। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए बहस भी की
#delhi
@nishikant_dubey आपकी सरकार है आप सांसद हो तो अभी क्या नरेंद्र मोदी को अमेरिका का राष्ट्रपति बनाया तब जाकर वह खुद डिसीजन लेंगे कि उनका क्या करना चाहिए इस मामले में
खुला चैलेंज ।
4 दिन से पहले ख़ुशबू चली जाए तो पूरे पैसे रिफंड बिना अल्कोहल के इत्र (परफ्यूम ) जल्दी जल्दी बुक करें अगर अभी ऑर्डर नहीं कर सकते, तो कृपया इस पोस्ट को एक बार रिपोस्ट/शेयर कर दीजिए। आपका एक छोटा-सा सपोर्ट मेरे छोटे से कारोबार के लिए बहुत मायने रखता है। 🙏
279 me 6 इत्र
@dgpup@CMOfficeUP डीजीपीसाहब पहले अपनी पुलिस को कानून का पालन करना सिखाए की रोड पर किसी भी जगह वीडियो बनाया जा सकता है कृपया पब्लिक का मोबाइल छीनने की कोशिश ना करें
पनकी नहर किनारे सिंचाई विभाग अतिक्रमण सफाई अभियान चला था।
बड़े भाव से पहुंचे दारोगा ब्रजेश कुमार का किसी दुकानदार से बहस हो गई।
फिर तो दारोगा जी वर्दी का ताव दिखाते हुए आव न देखा ताव और दुकानदार को सरेआम थप्पड़ जड़ दिया।
कानपुर, उत्तर प्रदेश
UPPCL का नया प्रयोग... सुविधा या उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ ?
खबर ये हैं की UPPCL ने अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से 46.68 लाख उपभोक्ताओं का सैंक्शन लोड स्वतः बढ़ा दिया। विभाग का दावा है कि यह पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान दर्ज हुई अधिकतम बिजली खपत के आधार पर किया गया है।
UPPCL का तर्क है कि इससे उपभोक्ताओं को अलग से लोड बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं करना पड़ेगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या किसी उपभोक्ता के कनेक्शन की मूल शर्तें उसकी स्पष्ट सहमति के बिना बदली जा सकती हैं?
जबकि बिजली आपूर्ति संहिता (Electricity Supply Code) के प्रावधानों के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता लगातार निर्धारित अवधि तक स्वीकृत लोड से अधिक बिजली का उपयोग करता है, तो उसे पहले एक माह का नोटिस देकर लोड बढ़ाने की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
दूसरी ओर UPPCL का कहना है कि नए टैरिफ आदेश के तहत संशोधित लोड की सूचना उपभोक्ताओं को लोड संशोधन के बाद SMS के माध्यम से दी जा रही है।
यहीं सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है...
क्या पहले उपभोक्ता को नोटिस दिया जाना चाहिए था या पहले लोड बढ़ाकर बाद में सूचना देना ही पर्याप्त है?
खबर के अनुसार इस फैसले से UPPCL को फिक्स्ड चार्ज के रूप में हर महीने लगभग 40 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है।
इसलिए यह केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि उपभोक्ता अधिकार, नियामकीय प्रक्रिया और राजस्व तीनों से जुड़ा गंभीर विषय है।
यदि यह निर्णय पूरी तरह नियमों के अनुरूप है तो उसकी स्पष्ट कानूनी व्याख्या सार्वजनिक होनी चाहिए। और यदि कहीं प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है, तो लाखों उपभोक्ताओं के हित में उसकी निष्पक्ष समीक्षा भी होनी चाहिए।
बिजली विभाग का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना जरूर हो सकता है, लेकिन उपभोक्ता का विश्वास बनाए रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है।
अब समझ में ये नहीं आ रहा हैं की ये निर्णय विभाग के चेयरमैन साहब ने स्वयं लिया हैं की इस बार भी बिना ऊर्जा मंत्री को विश्वास लिये सीधे उपभोक्ताओं पर लाद दिया हैं..
ऊर्जा मंत्री @aksharmaBharat जी को इसपर ध्यान देना चाहिये 😊
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को भी इस मामले में जानकारी लेनी चाहिये.. चुनावी वर्ष में ये बिजली विभाग कुछ ज्यादा सक्रिय हो गया हैं.. क्योंकि जनता के प्रति जवाबदारी तो सरकार की ही हैं इनका क्या हैं ये फिर केंद्र चले जायेंगे.. 😊
@HemantSorenJMM@DC_Ranchi काबिले तारीफ बात यह है कि मुख्यमंत्री जी के x पर मैसेज का जवाब डीसी रांचीने कुछ दिया ही नहीं या डीसी रांची अपने आप को मुख्यमंत्री जी से भी बड़ा समझते हैं इसलिएजवाब देने में अपनी तोहीन समझ आई
@myogiadityanath@CMOfficeUP@PMOIndia@HMOIndia @dmkanpurnagar
माननीय मुख्यमंत्री जी और प्रधानमंत्री जी कृपया कानपुर नगर में आए तो अपनी मोटर बोट साथ में लेकर आए यह रात में 2 घंटे की बारिश के बाद यह हाल है माननीय मुख्यमंत्री जी सरकार चाटुकार ips और ias नहीं बन वाते जनता बनवातेहै
@myogiadityanath@CMOfficeUP@PMOIndia@HMOIndia @dmkanpurnagar
माननीय मुख्यमंत्री जी और प्रधानमंत्री जी कृपया कानपुर नगर में आए तो अपनी मोटर बोट साथ में लेकर आए यह रात में 2 घंटे की बारिश के बाद यह हाल है माननीय मुख्यमंत्री जी सरकार चाटुकार ips और ias नहीं बन वाते जनता बनवातेहै
कैसी विडंबना है ये।
15 दिन से पूरा शहर जानता है — किसका बेटा है, कहां का रहने वाला है। अखबारों ने नाम, पिता का नाम, घर का पता, सब छाप दिया।
पर जब इंसाफ की पहली सीढ़ी, FIR लिखी गई, तो कलम कांप गई। सब "अज्ञात" हो गए।
न पिता का नाम रहा, न घर का ठिकाना। जैसे कभी थे ही नहीं।
सिवाय एक के। "टिन्नू"।
पूरी लिस्ट में बस उसी एक नाम के आगे हाथ जोड़कर "श्री" लिख दिया गया।
जबकि उर्फ़ का कॉलम खाली पड़ा रहा। पुलिस ने अदब दिखाना था, सो नाम में ही दिखा दिया।
सोचता हूं — कानून की किताब में सब बराबर हैं, फिर कागज़ पर ये भेदभाव क्यों?
शायद इसलिए कि कुछ नामों के पीछे ताकत बोलती है, और बाकी नाम सिर्फ फाइलों में गुम हो जाते हैं।
टिन्नू जी, आपकी पहुंच को सलाम। और सिस्टम, तुम्हारी मजबूरी पर अफसोस।