📢 HEIs are requested to disseminate information regarding the Prime Minister Internship Scheme (PMIS), which offers structured internship opportunities and real-world business exposure to youth.
🔗 For more details, read the UGC letter:
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अमेरिका का राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प भारत का हितैषी न कभी रहा है, न है और नाही रहेगा। वो नहीं चाहता कि भारत को कहीं से भी कोई लाभ हो।
ऐसे मित्र से मित्रता तोड़ देनी चाहिए जो फायदे के बजाय नुकसान की तरफ धकेले।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए गैस कंपनियों द्वारा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
➡️भारत गैस - 1800-22-4344
➡️इंडेन गैस - 1800-2333-555
➡️एचपी गैस - 1800-2333-555
इन नंबर पर गैस सिलेंडर से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं।
#Bhopal
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"���ारत में जाति आधार पर सबसे गरीब सवर्ण समाज के लोग लेकिन कोई भी राजनैतिक दल #सवर्णों की बात नहीं करेगा"
"भारत में #सवर्ण होना एक श्राप की तरह हो गया है अब तो"
बड़ी खबर... नहीं, असल में पुरानी खबर का नया अध्याय!
MP में GC के स्टूडेंट्स आखिरकार जाग गए। माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी में उन्होंने ट्राइबल वेलफेयर मंत्री विजय शाह को घेर लिया और सीधा सवाल ठोंक दिया:
"भाई साहब, हॉस्टल, रेंट अलाउंस, स्टेशनरी... ये सब स्कीम्स सिर्फ SC/ST के लिए क्यों? गरीब जनरल कैटेगरी के लड़के-लड़कियां क्या भिखारी हैं? OBC का भी तो कुछ हाल है, या सिर्फ वोट बैंक की ���ादर ओढ़कर सो रहे हो?
और फिर कमाल की लाइन: "हम ये मामला सीधे CM मोहन यादव के सामने उठाएंगे!
अब देखिए मज़ा... 75 साल से "सबका साथ, सबका विकास" का नारा लगाते-लगाते जनरल कैटेगरी को लगातार "सबका शोषण" मिल रहा है। आरक्षण का ढोल पीट-पीटकर वोट ले लिए, अब स्कॉलरशिप-हॉस्टल तक में भी "केवल विशेष वर्ग"। बाकी सब चुपचाप टैक्स भरते रहें और सपने देखते रहें।
शाबाश GC के बच्चों! अब जागो, सवाल पूछो, घेर लो इन मंत्रियों को। क्योंकि ये लोग तभी सुनते हैं जब कुर्सी हिलने लगे। वरना "सबका साथ" सिर्फ भाषणों में रहता है, हकीकत में "कुछ का खास साथ" चलता है।
ये मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह हैं, जो एक स्कूल में SC-ST छात्रों को किताबें और स्टेशनरी देने आए थे। जनरल और OBC वर्ग की छात्राओं ने कहा कि “आप हमें भी दीजिए, क्या यह स्कूल केवल SC-ST छात्रों के लिए है?”
छोटी-छोटी उम्र की बच्चियों को यह नीच राजनेता जातिवाद सिखा रहे हैं। उनके दिमाग में जातिवाद की घृणा भरी जा रही है। क्या फर्क पड़ता अगर 10, SC-ST बच्चों को आपने कॉपी और किताबें दी हैं, तो 20 गरीब General /OBC बच्चियों को भी दे देते.. 😡
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