@ABPNews की ये ख़बर देखिए.
ये चैनल मुझे वेश्या और कॉल गर्ल बताना चाहता है.
मैं सरकार से सवाल पूछूँगी तो ये बिके हुए चैनल मुझे इस तरह से अपमानित करने का प्रयास करेंगे.
इस देश का महिला आयोग मर गया है क्या? @NCWIndia
इन गोदी चैनलों का भाजपा की दलाली से पेट नहीं भर रहा है. इन्हें अब बेटियों का सम्मान खाना है.
@narendramodi इस देश को आपने बेटियों के लिए नर्क बना दिया है.
2009 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग के अंदर निष्पक्षता, अधिकार और नवीन चावला को हटाने की मांग को लेकर एक गंभीर विवाद पैदा हुआ था. तत्कालीन चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी और चुनाव आयुक्त नवीन चावला के बीच विवाद संक्षेप में:
* एन. गोपालस्वामी ने नवीन चावला को हटाने की सिफारिश राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से की थी
* आरोप था कि चावला निष्��क्ष नहीं हैं और कांग्रेस के प्रति झुकाव रखते हैं।
* गोपालस्वामी और चावला के बीच चुनावों की तारीखों और आयोग के फैसलों को लेकर मतभेद थे
* मामला इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण था क्योंकि 2009 लोकसभा चुनाव करीब थे और गोपालस्वामी अप्रैल 2009 में रिटायर होने वाले थे।
* केंद्र सरकार ने गोपालस्वामी की सिफारिश का समर्थन नहीं किया और राष्ट्रपति ने बाद में इसे खारिज कर दिया। इसके बाद चावला के अगले मुख्य चुनाव आयुक्त बनने का रास्ता साफ हुआ।
मलबे में छात्र जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, और ABVP के पदाधिकारी AC में बैठकर पिज्जा-बर्गर खा रहे हैं।
जब छात्र सवाल पूछ रहे हैं तो उनके साथ मारपीट कर रहे हैं ।
शर्म आती है या नहीं?
इस देश मे सत्ता से सवाल पूछना अपराध बन गया है क्या?
ये भी किसी क�� बहन और बेटी है..
एक मुख्यमंत्री से सवाल पूछने पर ऐसा बर्ताव किया गया..
क्योंकि उस बहन के नाम के पीछे खान लिखा हुआ था😡😡
क्या मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अब इतना बड़ा अपराध हो गया है कि पत्रकार को पुलिस बेरहमी से पीटेगी?
आज दिल्ली में 4PM की पत्रकार शाहीन के साथ जो हुआ, वह बेहद गंभीर और डराने वाला है.
शाहीन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने की कोशिश कर रही थीं. शाहीन का आरोप है कि इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और मारते-पीटते थाने ले गई. उनका यह भी आरोप है कि जब पुलिसकर्मियों ने उनका नाम पूछा और नाम में ‘खान’ सुना, तो उनके साथ मारपीट और बढ़ गई.
अगर एक पत्रकार को सिर्फ इसलिए पीटा जाता है क्योंकि वह मुख्यमंत्री से सवाल पूछ रही है, तो यह मामला सिर्फ शाहीन या 4PM का नहीं है. यह देश की पूरी पत्रकारिता और प्रेस की आजादी का सवाल है.
पिछले दिनों 4PM ने दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जुड़े मामलों पर लगातार गंभीर सवाल उठाए और खबरें प्रकाशित की थीं. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या आज की कार्रवाई का उन खबरों और सवालों से कोई संबंध है?
मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अपराध कब से हो गया?
पत्रकार का सवाल सत्ता के लिए इतना खतरनाक कब से हो गया?
और किसी पत्रकार के नाम में ‘खान’ होना क्या उसके साथ मारपीट की वजह बन सकता है?
दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए.
हम मांग करते हैं कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो. घटनास्थल और थाने के CCTV सहित उपलब्ध सभी वीडियो फुटेज तत्काल सुरक्षित किए जाएं. यदि किसी पुलिसकर्मी ने शाहीन के साथ मारपीट या उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर दुर्व्यवहार किया है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
4PM सवाल पूछता रहा है और सवाल पूछता रहेगा.
पुलिस की ताकत से पत्रकार की आवाज दबाई नहीं जा सकती.
#Shaheen #PressFreedom #DelhiPolice #RekhaGupta #4PMNews #JournalismIsNotACrime
@priyanka2bharti बिहार ��रकार के एक कैबिनेट मंत्री जी , दिल्ली के एक 5 सितारा होटल मे चप्पल और जूतों से पीटे गए...
महिलाओ का सम्मान क्या होता है.. उनको आज समझ मे आ गया होगा😡!
@Kanchanyadav000
@priyanka2bharti
प्रवक्ता जी को सोशल मीडिया हेड बनना था. इसके लिए तमाम तिकड़म भिड़ाई.
सोशल मीडिया हेड के खिलाफ खूब लिखवाया. नेगेटिव कैंपेन पर पैसा बहाया.
लेकिन प्रवक्ता जी ठहरे मुसलमान, सोशल मीडिया हेड का पद कैसे मिलता.
बेचारे झोला उठाकर चल दिए
दिल्ली के जंतर मंतर पर ज़ब छात्र धरने पर बैठे थे... तब ये चमन चोपड़ा कहाँ था?
उस टाइम से स्ट���डियो मे बैठकर
सरकार का एजेंडा चला रहा था..
तुम्हारे पेट मे इतना दर्द क्यों हो रहा है?
अमन चोपड़ा से रांची पुलिस पूछताछ कर रही है……..उनके होटल पहुँची है।
ये कैसा लोकतंत्र है भाई? ये कैसी अभिव्यक्ति है? अमन चोपड़ा प्रोटेस्ट कवर करने ही तो गए हैं। फिर किस बात की पूछताछ?
देश में अभिव्यक्ति की आजादी भी अब सेलेक्टिव हो चुकी है? इस तरह से की जाएगी संविधान की रक्षा? झारखंड सरकार पा सब चुप क्य���ं हैं?
@Pankaj___Sharma@ArvindKejriwal@SanjayAzadSln Sir कोई जरुरत नहीं है... इस संघी के प्रति संवेदना रखने की.... इनकी जो डील थी भाजपा से....राहुल गाँधी के सहासिक कदम के बाद उस पर पानी फिर गया..
अन्ना आंदो��न RSS और विवेकानंद ट्रस्ट की देन था... जिससे ये बने...
या सहानुभूति दिखानी सर इनके प्रति... ��े संघ के छोटे रिचार्ज है!