ED पार्टी के पदाधिकारी ख़ुद पंजाब में नशा बेचते पकड़े गए। क्या ED पार्टी के साथ नशे के तार जुड़े हैं?
आज पंजाब में 70% ड्रग्स गुजरात के रास्ते आ रही हैं।
ED पार्टी की गठबंधन की सरकार में पंजाब के घर घर में चिट्टा पहुंचाया गया। बाकायदा सरकारी संरक्षण में सरकारी गाड़ियों में चिट्टा घर घर बांटा जाता था। पंजाब की जवानी बर्बाद करने की ज़िम्मेदार हैं ED पार्टी और चिट्टा पार्टी।
भगवंत मान ने चिट्टे पर वार करके पंजाब की जवानी को फिर से एक सुनहरे भविष्य की उम्मीद दी है।
यह वीडियो उत्तराखंड टिहरी का है जहां पर केतन लाल करके एक दलित लड़का था जिसने स्वर्ण कास्ट वाली लड़की से प्यार किया लड़की के घर वालों ने उसे घर पर बुलाकर उसके हाथ पैर के नाखून उखाड़ दिए और शरीर में कील ठोकर इतना बेड़नी से मारा कि उसकी मौत हो गई
अबूझमाड़ में जंगल काटे जा रहे हैं, पेड़ जलाए जा रहे हैं, आदिवासी इलाकों को उजाड़ा जा रहा है और जिम्मेदार विभाग सर्वेक्षण का बहाना बनाकर तमाशा देख रहा है! अगर यह सब खनन कंपनियों के लिए रास्ता साफ करने की तैयारी नहीं है, तो फिर क्या है? जंगल सिर्फ लकड़ी नहीं हैं, वे आदिवासियों की पहचान, संस्कृति और जीवन हैं। विकास के नाम पर अगर जंगलों को मिटाया जा रहा है, तो यह पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों दोनों पर सीधा हमला है।
राजस्थान में:
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव BJP सरकार की उपलब्धियां बताने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करने गए थे।
अजीब बात यह रही कि बिजली चली गई और प्रेस कॉन्फ्रेंस टॉर्च की रोशनी में करनी पड़ी।
यह BJP सरकार के दौर में भारत के असली अंधेरे को दिखाता है।
थाना बना कसाईखाना।
यूपी के बांदा में शिवानी चौहान एवं ललित वर्मा ने भय के
चलते घर से भागकर प्रेम विवाह कर लिया था। लड़की के पिता ने पुलिस से मिलकर लड़के पर फर्जी FIR दर्ज करा दी।
पूछताछ के नाम पर पुलिस दंपति को थाने लाई थी। लड़की के पिता ने थाने में ही लड़की की हत्या कर दी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि प्रदेश में जब लोग थाने में ही सुरक्षित नहीं हैं, तो बाहर कैसे सुरक्षित होंगे?
लड़का और लड़की दोनों बालिग थे। वे एक-दूसरे से प्रेम करते थे। चूंकि उनकी जाति अलग थी, अतः लड़की के पिता को यह रिश्ता उसके जातीय अभिमान के खिलाफ लगता था। इसी डर के कारण उन्होंने 18 मई को घर से भागकर रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी कर ली थी। इसी बीच लड़की के पिता ने लड़के पर फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया, जबकि पुलिस को सारी सच्चाई पता थी।
पुलिस ने अपनी कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पूछताछ के नाम पर लड़का और लड़की दोनों को मध्य प्रदेश से बरामद कर थाने लाया था। लड़की के मां-बाप को भी थाने बुलाया गया था। पिता बार-बार लड़के के दूसरी जाति का होने की दुहाई देता रहा। इससे उसका जातीय अभिमान आहत हो रहा था। लेकिन लड़की अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी। अतः अपने जातीय अभिमान को बचाने के लिए पिता ने बेटी पर चाकुओं से हमला करके उसकी जान ले ली।
एक तरफ ये दरिंदे जातीय दंभ में इस कदर अंधे हो गए हैं कि दो कौड़ी की झूठी शान के लिए अपनी ही बेटी अथवा दामाद की हत्या कर रहे हैं। दूसरी ओर, यह घटना इस बात का गवाह है कि इन जातिवादी हैवानों को कानून का भी कोई डर नहीं है। वे अब थाने में घुसकर हत्याएं कर रहे हैं। दरिंदे पिता के साथ-साथ थाने पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कब तक प्रेम विवाह करने वालों पर झूठी FIR दर्ज करके उन्हें प्रताड़ित किया जाएगा? जब पुलिस दंपति की सुरक्षा ही नहीं कर सकती थी, तो उन्हें थाने लाई ही क्यों?
रामपुर में दलित किशोरी के साथ रेप।
मुक्तसर, पंजाब में दलितों को रस्सी से बांधकर पीटा गया।
कुरुक्षेत्र, हरियाणा में दलित बच्ची के साथ रेप।
हांसी, हरियाणा में दलित को रस्सी से बांधकर पीटा गया।
देवरिया में दलित बच्ची को रस्सी से बांधकर पीटा गया।
ये सब इसी महीने में घटित जातीय आतंक की कुछ घटनाएं हैं, लेकिन इन सभी मामलों में दलित समुदाय के किसी भी नेता ने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी। समाज के अधिकांश नेताओं को लगता है कि ये सब दलित हैं, हमें छोड़कर कहां जाएंगे? इसी भ्रम में मदमस्त होकर वे दिन-रात अन्य समुदायों के मामले उठाते रहते हैं। उन्हें उम्मीद होती है कि इससे उस समाज के लोग उनकी तारीफ करेंगे और वे धन्य हो जाएंगे। इसी को हीन भावना कहते हैं। अफसोस, दलित समुदाय के अनेक नेता इस हीन भावना से भयंकर रूप से ग्रसित हैं।
मुझसे जितना हो सकता है, मैं रात-दिन एक करके समाज के न्याय की आवाज उठाता रहता हूं। अपराधी किसी भी समाज से हों, हम उसकी परवाह नहीं करते। बिना किसी एजेंडे से ग्रसित हुए समाज की आवाज उठाते हैं। इसी कारण हर समाज के जातिवादी लोग हमें गालियां और धमकियां भी देते रहते हैं। अफसोस की बात यह है कि तमाम दलितों को भी बुरा लगता है कि उनके बहुजन फ्रेमवर्क वाले फलां-ढेकां जाति के अपराधियों के खिलाफ क्यों लिखते हैं। उन्हें लगता है कि इससे उनकी बहुजन एकता टूट जाती है। बस इसी हीन भावना और भ्रम में समाज घिरा हुआ है। न तो जाग रहा है और न ही समाज के नेता।
अपनी मर्दानगी एक लड़के पर निकालते हुए उत्तर प्रदेश के ये जवान लेटे हनुमान मंदिर परिसर में हैं।
आरोप है कि भाई-बहन दोनों मंदिर गए थे। तभी एक पुलिसवाले ने लड़की पर कुछ टिप्पणी कर दी, जिस पर भाई नाराज़ हो गया और पुलिसवाले से बहस कर बैठा।
उसके बाद पुलिसवालों ने बता दिया कि हम उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान हैं। हमें "कानून" ज्यादा नहीं पता, हमें बस लाठी बजाना सिखाया गया है..
@Uppolice
44 सेकंड में बच्चे को 10 छड़ी मारी गई है..
मध्यप्रदेश में महर्षि संदीपनी वेद विद्या प्रतिष्ठान में
टीचर नामदत्तादास शेवड़े एक बच्चे को सिर्फ इसलिए पीट रहे हैं क्योंकि वह किसी दूसरे के बिस्तर पर जाकर सो गया
बच्चों को डराना था समझाना था तो दो बार मार लेता लेकिन यह तो जानवरों की तरह पीट रहा है
ईरान ने एक अरब डॉलर के अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट को मार गिराने के लिए 150 डॉलर कीमत वाले हथियार का इस्तेमाल किया।
पहली बार, अमेरिका का सामना अपने असली दुश्मन से हुआ था।🚀🔥🇺🇸
ओडिशा की सिजीमाली पहाड़ियों में कोंध आदिवासी समुदाय 311 मिलियन टन बॉक्साइट के लालच में अपनी जल, जंगल और जमीन पर हो रहे कॉर्पोरेट हमले का डटकर मुकाबला कर रहा है। 1,549 हेक्टेयर की इस खनन परियोजना के लिए जंगलों को उजाड़ने और ग्राम सभाओं की सहमति पर सवाल उठने के बावजूद सरकारें और कंपनियाँ आगे बढ़ रही हैं। 2023 से जारी विरोध 2026 में हिंसक टकराव तक पहुँच गया, लेकिन आदिवासियों का संघर्ष जारी है। विकास के नाम पर आदिवासियों का विस्थापन, जंगलों का विनाश और संविधान प्रदत्त अधिकारों की अनदेखी कब तक? सिजीमाली सिर्फ एक पहाड़ी नहीं, बल्कि आदिवासी अस्तित्व, संस्कृति और प्रकृति की रक्षा की लड़ाई है।
“जांच करने वाले खुद बेइमान। ये क्या करेंगे जांच?
“भगवान ही करेंगे जांच।”
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास का,
राम मंदिर दान चोरी पर बड़ा बयान।
“जो कभी साइकिल पर चलते थे, वे आज बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूम रहे हैं और आलीशान भवनों में रह रहे हैं।”
पहले लगा कि यह किसी मूवी का सीन है बाद मे पता चला कि इतना ताबड़तोड़ एक्सन पुलिस ले रही है गेट तोड़ कर एक महिला के साथ मारपीट हो रही है बचाने आने पर महिला की लड़की को धक्का दिया जा रहा है वीडियो देखिए दंग रह जाएंगे।
बहुत अफसोस की बात है। जब भी शिक्षा की बात होती है उसके केंद्र में कुछ बड़े शहरों की तस्वीर होती है। लेकिन इसका ढांचा हिन्दी प्रदेशों में ध्वस्त हो गया है। पढ़ाई का हाल पहले चरण से ही इतना बुरा हो चुका है कि लोग ठीक से लिख नहीं पाते। सुन नहीं पाते कि क्या बोला गया है। नतीजा सबको लगता है कि नकल करो, किसी तरह पास हो जाओ। समाज भी इस चोर रास्ते पर चल पड़ा है। बच्चे तो स्कूल जाते ही हैं। गिनती के शिक्षक हैं जो दिल लगा कर पढ़ाते हैं। बाकी सब व्हाट्स एप फॉरवर्ड करने में लगे हैं।
मैनपुरी के कुर्रा थानाक्षेत्र के अंतर्गत रैपुरा गांव में यादव समाज के लोगों के द्वारा दलित परिवार की जमीन पर कब्जा किया गया। जब भीम आर्मी की टीम वहां पहुंची तो खुलेआम उन दबंग यादवों ने फायरिंग की👇🏼
माननीय @myogiadityanath जी, क्या उत्तर प्रदेश में यही कानून का राज है जो ये गुंडे खुलेआम फायरिंग कर रहे हैं?
मैं @Uppolice@dgpup महोदय से निवेदन करता हूं मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करें व जमीन पर जबरन कब्जा करने वाले भू-माफियाओं पर कार्यवाही करें 🙏🏻
@NCSC_GoI@CMOfficeUP@mainpuripolice
दलितों पर आतंकी हमला!
पंजाब के मुक्तसर में मोबाइल चोरी की शक में गुंडों ने दो
दलित युवकों को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया, रस्सी से बांधकर खेतों में घसीटा और फिर बुरी तरह पीटा।
दलितों पर हो रहे ऐसे हमले किसी आतंकी वारदात से कम नहीं हैं। दलितों को चुन-चुनकर मारा-काटा जा रहा है।
नेताओं के बच्चे विदेशों की यूनिवर्सिटियों में पढ़ते हैं, लेकिन जनता के बच्चों को भारत की शिक्षा व्यवस्था का गुणगान सुनाया जाता है।
अगर भारत का Education System इतना ही शानदार है, तो देश चलाने वाले अपने बच्चों को यहीं क्यों नहीं पढ़ाते?
क्या उन्हें भारतीय स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों पर भरोसा नहीं?
क्या आम जनता के लिए एक सिस्टम और नेताओं के लिए दूसरा?
जिस शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की ज़िम्मेदारी थी, उसी पर सबसे कम भरोसा सत्ता के गलियारों में क्यों दिखता है?
यह सिर्फ़ सवाल नहीं, करोड़ों छात्रों और अभिभावकों की आवाज़ है।