कितना स्पष्ट होता आगे बढ़ते जाने का मतलब
अगर दसों दिशाएँ हमारे सामने होतीं,
हमारे चारों ओर नहीं।
कितना आसान होता चलते चले जाना
यदि केवल हम चलते होते
बाक़ी सब रुका होता।
-कुंवर नारायण/अंतिम ऊंचाई
सारा क़सूर उस टेलर का है जो चुनाव आयोग के अफ़सरों के सूट सिलता है। अच्छा भी नहीं सिलता। लेकिन ख़राब सूट में भी लोग हैंडसम फ़ील करते हैं।। इन महिलाओं के सूट प्रेस कांफ्रेंस में सज धज कर आने वाले साहब की तरह चमकदार नहीं हैं लेकिन इन्होंने कितनी संस्थाओं की लाज रख ली। अच्छी अंग्रेज़ी वाले रिटायर होकर फ़ाइव स्टार में अड्डा लगाते हैं और जैसी तैसी हिन्दी वाली औरतें सड़कों पर लोकतंत्र बचाती हैं। समझे जज साहब।
मैं प्रेम की तलाश में इस बार
दूर तलक नहीं गई
इंतज़ार किया
वो आया भी
हमेशा जैसे
कुछ अलग लेकर,
कुछ नया नहीं।
मैं होश सँभाले बैठी रही
तकती रही
उसके ओझल हो जाने तक
वो चला गया
हमेशा जैसे
कुछ नया देकर,
कुछ अलग नहीं।
-दिव्यांशी सुमराव
कुछ मोदी भक्त तो कुछ मायावती के भक्त तो कुछ राहुल के तो कुछ अखिलेश के तो कुछ केजरीवाल के भक्त, लेकिन ये सब जनता के नौकर होते है लेकिन जनता इनको अपने मां बाप की तरह सर पर बैठा के रखती हैं क्युकी भारत की जनता अभी भी प्रजा ही है जनता नहीं हो पाई है
WhatsApp server down ho gya kisi ka bhi nhi chla raha shyad 😅📷 chlo es social media se kuch der ke liye hakikat ki दुनिया मे aa jao sab log or ji lo lamhe 📷📷#WhatsApp#instagram#facebook#metadown 😅😅
अगर ख़िलाफ़ हैं होने दो, जान थोड़ी है
ये सब धुआँ है कोई आसमान थोड़ी है
लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में
यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है
सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में
किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़ी है
- राहत इन्दौरी
2023 -1947 = 76वे स्वंत्रता दिवस की बधाई
Money is the worst discovery in human life
But he is the most trusted material to test human nature
अर्थात् इंसान के जीवन में पैसा सबसे खराब खोज हैं
लेकिन वह इंसान के स्वभाव को परखने के लिए सबसे भोरसेमंद सामग्री हैं