Members of right-wing organisations detained after they try to disrupt the Cockroach Janta’s Party’s protest at Jantar Mantar. Peek TV’s co-founder @agarwalvedanta confronts them.
My latest #TharoorThink column in the @IndianExpress is an open letter to the GenZ supporters of the #CockroachJantaParty. They don’t have to accept that label or be defined by it. Here’s what they can do:
17 year old student is flawlessly giving interview to a journalist while a 55 year old CM of a state started drinking water in front of the same journalist. 😭
कहीं पेपर लीक हो रहा है, कहीं परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं और अब JEE अभ्यर्थियों के डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ सामने आ रही हैं।
आखिर करोड़ों छात्रों का भविष्य और उनकी निजी जानकारी कितनी सुरक्षित है?
जब कोई छात्र किसी परीक्षा संस्था को अपना डेटा सौंपता है, तो उसकी गोपनीयता और सुरक्षा की जिम्मे��ारी भी उसी संस्था की होती है। लेकिन बार-बार सामने आ रही घटनाएँ यह सवाल खड़ा करती हैं कि जवाबदेही आखिर तय किसकी होगी?
समस्या सिर्फ एक घटना की नहीं है। सिस्टम में मौजूद खामियाँ इतनी गहरी होती जा रही हैं कि कहीं पेपर लीक हो रहा है, कहीं डेटा leak की खबरे देखने को मिल जाती है
'PM को करेंगी रिपोर्ट' ऐसे लिखा जा रहा है जैसे @narendramodi को शिक्षा मंत्रालय से कोई अंतर पड़ता है! IIT प्रोफेसर से सर्वर ठीक करवाएँगे, एयर फोर्स से प्रश्नपत्र पहुँचाएँगे, पूर्व ISRO चीफ से मिलेंगे, CBSE चेयरमैन का ट्रांसफर हो गया आदि जब नहीं चला, तो अब नया चूरन है PM मोदी को करेंगी रिपोर्ट।
रहन दे भाई! देख लिए कितना रिपोर्ट तुमलोग मँगवा रहे हो। केवल छवि प्रबंधन चल रहा है। ऐसे कमिटी बनायी जा रही है, जैसे इन्हें साक्ष्य ही ना मिले हों कि 'ब्लैकलिस्टिंग' को नियम से हटाया गया; 6 लाख कर्मचारी वाले TCS की जगह 'स्कैन करने के पूर्व अनुभव' के कारण 200 कर्मचारी वाले Coempt को दिया गया; साईट तुम्हारी चल नहीं रही, हर दिन हैक कर लेता है 19 साल का बच्चा, लॉगिन फेल हो रहा है; कॉलेज की कंसलिंग आरम्भ है, बच्चों के मार्क्स नहीं फाइनल हुए...
और तुम्हें लगता है ये संसदीय कमिटी की बैठक में सार्थक को बुला कर, ये राधा चौहान को हेड बना कर, दो ट्रांसफर करवा कर तुम ये जनता को मूर्ख बना दोगे?
पैसे का कोई उत्पादन थोड़ी होता है|
सरकारें Tax के रूप में जनता से पैसा लेती हैं।
क्रिकेटर, उद्योगपति, अभिनेता, पत्रकार - सभी की आय का स्रोत अंततः जनता ही है।
लेकिन जब कोई शिक्षक 50, 100 या 500 रुपये लेकर लाखों छात्रों को पढ़ा दे और उसके बदले सम्मान, लोकप्रियता और आर्थिक सफलता हासिल कर ले, तो कुछ लोगों को तकलीफ़ है।
दिक्कत है- कि देश का शिक्षक महंगी गाड़ी से कैसे उतर सकता है, इस देश का शिक्षक इतने महंगे कपड़े कैसे पहन सकता है, और सबसे बड़ी बात, जो चुभ रही है, शिक्षक अब सिर्फ ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रहा।
वह अपनी बात भी रख रहा है।
छात्रों के हक़ की लड़ाई भी लड़ रहा है।
पेपर लीक पर सवाल भी पूछ रहा है।
व्यवस्था से जवाब भी मांग रहा है।
असल बेचैनी है कि शिक्षक की आवाज़ इतनी बुलंद कैसे हो गई कि लाखों लोग उसे सुनने लगे।
पैसा क��ाना अपराध नहीं है, अपने पेशे की आत्मा बेचकर पैसा कमाना समस्या है।
आज कई पत्रकार खुलेआम QR Code जारी करते हैं और कहते हैं कि हमें सहयोग दीजिए। इसमें कोई बुराई नहीं है। दुनिया की कोई भी व्यवस्था बिना पैसे के नहीं चलती। शिक्षक, पत्रकार, डॉक्टर, वकील, कलाकार - सभी अपने श्रम, समय और ज्ञान के बदले आय अर्जित करते हीं हैं|
हमने कभी ग���ीबी, ज़मीर, भावनाएँ और सपने नहीं बेचे। हमने सिर्फ ज्ञान दिया, मेहनत करवाई और लोगों को उनके सपनों तक पहुँचाने की कोशिश की।
SSC के चेयरमैन साहब इंटरव्यू में कह रहे हैं कि वेंडर का चुनाव टेंडर के नियमों के तहत हुआ है… लेकिन टेंडर डॉक्युमेंट में तो साफ लिखा है कि कोई भी ब्लैकलिस्टेड कंपनी बोली में हिस्सा ही नहीं ले सकती।
फिर सवाल ये है — जब नियम ही साफ था, तो उस कंपनी को टेंडर मिला कैसे? कौ��� ज़िम्मेदार है?
अगर सब कुछ पारदर्शी था तो इतना विरोध होने के बाद भी वेंडर क्यों नहीं बदला जा रहा है ?
क्या सच में ये सब यूं ही हो गया या फिर अंदर ही अंदर कुछ बड़ा खेल चल रहा है?
क्या वाकई में नियम सबके लिए बराबर हैं?
या फिर कुछ कंपनियों और कुछ अफसरों को कानून से भी ऊपर समझा जा रहा है?
आप क्या सोचते हैं — गलती हुई है या गलती को जानबूझकर अनदेखा किया गया है? 👇
#SSC_System_Sudharo
#SSC_VENDOR_FAILURE
SSC’s chaos—cancellations, glitches, & distant centers—are crushing dreams. Support the #SSCVendorFailure protest! Let’s amplify the youth’s voice for accountability & a just system. #SSCReforms#SSC_System_Sudharo ✊🏻