प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अपमानजनक भाषा लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।
मुद्दों पर बहस कीजिए, व्यक्तिगत अभद्रता से किसी आंदोलन को सम्मान नहीं मिलता।
अब इसके लट्ठ बजने चाहिए बहुत हो गया भारत में रहकर भारत के कानून से खुद को ऊपर समझने वाला कोई भी इंसान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा..
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट के उस रुख पर ही सवाल खड़ा कर दिया, जिसमें पहले से आपराधिक रिकॉर्ड वाले प्रदर्शनकारियों को संरक्षण नहीं देने की बात कही गई है।
दास ने कहा, “अगर सुप्रीम कोर्ट पहले से FIR वाले प्रदर्शनकारियों को रिहा करने से इनकार करता है, तो हमें सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला स्वीकार नहीं होगा।”
रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों में कुछ हिस्ट्रीशीटर और POCSO व हत्या जैसे गंभीर मामलों के आरोपी भी बताए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल और गंभीर हो जाता है कि क्या आंदोलन के नाम पर ऐसे आरोपियों की रिहाई की मांग भी जायज ठहराई जाएगी?
सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी मंजूर नहीं, आपराधिक रिकॉर्ड वालों पर कार्रवाई भी मंजूर नहीं, तो फिर कानून चलेगा किसके हिसाब से? आंदोलन में शामिल होने भर से किसी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड मिट नहीं जाता। छात्रों की आड़ में गंभीर आरोपियों के लिए ढाल खड़ी करना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हो सकता।
यह कैसे प्रदर्शनकारी हैं, जो लोकतांत्रिक जनादेश से चुने गए प्रधानमंत्री के लिए ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं?
दरअसल, ये छात्रों के भेष में अराजक तत्व हैं, जो देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ज़रा सुनिए इनकी भाषा।
Company handlers Rakesh Sharma (8708808754) and proprietor Amit Kumar took down https://t.co/oL4uLeSVoW after being reported. Goods loaded from Sector 91 Gurugram. #Grievance#HarSamay@police_haryana@gurgaonpolice
The Cockroach Janta Party protest echoed with chants of "Allah Hu Akbar."
But the moment a young woman urged the crowd to also chant "Jai Shri Ram," chaos erupted.
For the Cockroach Janta Party, “secularism” is clearly a one-way street!!