एनडीए की २१ राज्यों में सरकारें हैं। इतनी विशाल राजनीतिक शक्ति के बावजूद मौजूदा सरकार घुटने पर है। कोर समर्थक नाराज हैं और मंत्रीगण मीडिया से बचते फिर रहे हैं। शायद ही किसी ने देश में ऐसी राजनीतिक स्थिति की कल्पना की होगी। देश व दल के लिए भस्मासुर साबित हो रहे हैं नरेंद्र मोदी।
2.65 लाख डॉक्टरों में से आधे न्यूनतम अंक (36%) नहीं ला सके। GC/EWS का कटऑफ 262 रहा। 256 को शून्य, अंतिम रैंक में इम्प्रूवमेंट रही। अब अंतिम रैंक पाने वाला -40 की जगह -19 पर आ चुका है। @narendramodi को नमन कीजिए क्योंकि उन्हीं की कृपा से यह सब संभव हो पा रहा है। दलीत-पीड़ीत डॉक्टर बन रहा है।
Farmer: I’m Pandey, and he’s Pasi.
Officer: Take him away. Charge him under SC/ST.
This is how the SC/ST Act is allegedly being misused, even over ordinary verbal disputes.
उत्तर प्रदेश के 4 मेडिकल कॉलेज में 91% आरक्षण लागू था। हमलोग यह खोज कर ले आए, तो कहा गया कि ये तो मायावती के समय से था।
फिर इलाहाबाद हाई कोर्ट से आदेश ले आए कि इसके आधार पर काउंसलिंग रोकी जाए, तो योगी जी सुप्रीम कोर्ट जाने का मन बना चुके हैं।
उधर मोहन यादव जी 73% के लिए जी जान से जुटे हुए हैं। लेकिन डर हमें राहुल गांधी का दिखाया जाता है कि आते ही 90% कर देगा।
ब्रो, हो रहा है 91%, इसी हिंदुत्ववादी सरकार में! चिल करो। मायावती के समय तो और भी बहुत कुछ था, उसको क्यों कंटिन्यू नहीं कर पाए?
क्या ये जो कॉलेज बने वो SC-ST के द्वारा दिए दान से बने थे? या यह सवर्णों के टैक्स से ही बना था? फिर उसके लिए 9% सीट का कोई मतलब है?
>दवा सैंपल में फेल हो जा रही है
>इंजेक्शन में पानी मिला के सप्लाई किया जा रहा है
>कहीं HIV ब्लड चढ़ा दिया जा रहा है
>90 से ज़्यादा अस्पतालों में कैंसर की फ़र्ज़ी दवाइयां बेच दी जा रही हैं
>कफ़ सिरप से बच्चे मर जा रहे हैं
> वेंटिलेटर और एक्सरे मशीन में घोटाला हो रहा है
> अस्पताल आयुष्मान योजना में घोटाला कर रहे
> डॉक्टर फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट लगा के MBBS बन जा रहे
>मेडिकल स्टोर वाले दूसरों की डिग्री किराए पे लेके दवाईयां बेच रहे हैं
> एंबुलेंस कहीं टाइम पे नहीं पहुँच रही।
विच्छगुलू🤡🤡
UP के उपमुख्यमंत्री @brajeshpathakup जी आजकल सवर्णों के लिए बहुत चिंतित हैं
इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए उनका ध्यान लखनऊ स्थित भागीदारी भवन की ओर दिलाना चाहूँगी, जहाँ free आवासीय कोचिंग सिर्फ SC/ST/OBCs के लिए है।
जल्द ही यहाँ सामान्य वर्ग के बच्चों के लिए भी सीटें जोड़ें।
नितिन गडकरी ने पिछले चार छः साल में जितनी बकचोदी (सही पढ़े बकचोदी ही लिखा) की है, उतनी बकचोदी राखी सावंत के अलावा किसी में करने की दम नहीं।
और हंसी तब आती है कि ये बड़बोला बेगैरत वाहियात आदमी अभी भी नरेंदर मोदी सरकार में मंत्री पद है।
अगर चावल के एक दाने को चख कर पूरे भगौने की तहरी का स्वाद जान लेने वाले उदाहरण की बात करें, तो मात्र इस मंत्री को देख के समझ आ जाना चाहिये कि नरेन्द्र मोदी सरकार कैसे कैसे बेशर्म बेगैरत और बड़बोले लोगों का जमावड़ा है।
"Real GDP growth is 2.6%, not 7.8%. The government is good at revising the base-year data so that it can project GDP growth as high as 7.8%."
— Subash Chandra, Ex Finance Secretary
जैसा कि मैंने कहा है, हर आंदोलन के लिए जंतर मंतर नहीं चाहिए। वो भी जा कर हमने दिखा दिया, पर कई आंदोलन घर बैठे, केवल सूचित करने से भी होते हैं। आंदोलनों में गर्मी केवल जलती बस की आग से नहीं आती, गर्मी हम दूसरे तरह से भी उत्पन्न कर सकते हैं।
यह आंदोलन हमारा है ही नहीं, या आंदोलन हर उस प्रताड़ित व्यक्ति का है जो कभी SC/ST एक्ट, तो कभी UGC तो कभी आरक्षण के कारण घुटता रहता है। कानपुर, आगरा, प्रयागराज, नागपुर, दिल्ली आदि में जो भी सड़क पर हैं, मेरा पूर्ण समर्थन है आपको। जब तक जागरूकता नहीं आएगी, सरकार आपका चूतिया बनाती रहेगी।
निर्धन ब्राह्मण परिवार सरकारी योजनाओं से बाहर
फर्रुखाबाद जिले में एक ब्राह्मण परिवार को सरकारी राशन समेत कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा है।
तंज करते हुए लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब किसी परिवार को “क्रीमी लेयर” या संपन्न वर्ग मानकर योजनाओं से बाहर रखा जाता है, तो क्या वास्तव में उसे सरकारी राशन की जरूरत नहीं होती?
लगातार आप सब के विचारों के सुनने के उपरांत, हमने एक सरलीकृत माँग पत्र बनाया है। एक बार आम सहमति बन जाए, फिर डिजिटल से धरातल की योजना बनाई जाएगी। तब तक, नीति निर्धारकों के लिए यह पत्र हम सार्वजनिक कर रहे हैं ताकि उन्हें AI से हिन्दी लिखवा कर, उसमें प्राइवेट में आरक्षण जैसी बकलोली न करनी पड़े।
@JPNadda जी, कॉपी ही करना है, तो ठीक से करो। वैसे, आपको दोबारा झुका देख कर दुख हुआ।