लेकिन पेपर लीक होते रहेंगे तो कितना भी पढ़ लो क्या फ़ायदा???
प्रोटेस्ट तो लीक के खिलाफ है ताकि जो मेहनत कर रहे उन्हें परेशान न होना पड़े, न की स्कोर बढ़ाने के लिए!!!
@IRCTCofficial@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
I a booking a ticket on Humsafar Express which does not have dynamic fare.
From my account final amount showing is ₹1246 but from other account it is showing ₹1209
Could you provide clarity why is it so??
अमेरिका का Justice Department गौतम अडानी के खिलाफ चल रहे आपराधिक फ्रॉड केस को हमेशा के लिए खत्म करने पर सहमत हो गया है।
न्यूज एजेंसी Reuters के अनुसार, 275 मिलियन डॉलर के settlement के साथ अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने अडानी पर लगे चार्ज खत्म करने पर मुहर लगा दी है।
नाम नहीं लूंगा, आप लोग गूगल कर लेना।
ज्यादा पुरानी बात नहीं है-एक युवा राज्यसभा सांसद आम लोगों के मुद्दे उठाने के लिए जाने जाते थे। एयरपोर्ट पर समोसे की कीमत तक को लेकर फिक्रमंद रहते थे।
Gen Z जनता उनसे इंस्टाग्राम पर खूब जुड़ी हुई है।
लेकिन अभी NEET पेपर लीक, जो Gen Z का इतना बड़ा मुद्दा है, उस पर न जाने क्यों चुप हैं। पता नहीं क्या वजह है। उन्हें पता तो होगा ही कि पेपर लीक हो गया है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल प्रभाव से 3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है।
प्रधानमंत्री द्वारा पेट्रोलियम खपत में कमी लाने की अपील और पेट्रोलियम मंत्री के उस बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि पेट्रोलियम कंपनियों को लगभग प्रतिदिन 1000 करोड़ का नुकसान हो रहा है और अब चुनाव भी खत्म हो चुके हैं, इसका अंदाजा तो था ही कि पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम बढ़ेंगे।
खबर आई है कि ट्रंप प्रशासन अब अडानी के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों को वापस लेने की तैयारी में है।
यह वही मामला था, जिसमें बाइडन प्रशासन के अंतिम समय में अमेरिकी prosecutors ने अडानी पर अमेरिकी निवेशकों के साथ धोखाधड़ी और भारत में सोलर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए रिश्वत देने के आरोप लगाए थे।
इस मामले जो खबरें बाहर आई हैं, उनमें इस मामले को खत्म करने से जुड़ी शर्तें काफी दिलचस्प बताई जा रही हैं।
पहली बात तो यह सामने आई कि इस मामले में अडानी ने डोनाल्ड ट्रंप के निजी वकील Robert Giuffra Jr. की भी सेवाएं ली हैं।
इसके अलावा, अडानी की तरफ से यह प्रस्ताव भी रखा गया कि अगर केस खत्म किया जाता है, तो वह अमेरिका में 10 बिलियन डॉलर का निवेश और 15,000 नौकरियां पैदा करने को तैयार हैं।
अडानी से जुड़ी इस खबर पर भारत में विपक्ष की तरफ से भी तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आई हैं।
भ्रष्टाचार की बारीक इंजीनियरिंग की यह खबर आपने पढ़ ही ली होगी।
भोपाल के गुराड़ी घाट इलाके में करीब 50 like minded अफसरों ने 2022 में 5.5 करोड़ रुपए में जमीन खरीदी, जिसकी बाजार कीमत करीब 7.8 करोड़ रुपए बताई गई।
जब यह खरीद हुई, उस समय जमीन कृषि भूमि थी।
खरीद के करीब 16 महीने बाद वहीं से 3200 करोड़ का वेस्टर्न बायपास मंजूर हुआ और फिर कुछ महीनों बाद उस जमीन का लैंड यूज भी बदल दिया गया। इसके बाद जमीन की कीमतें कई गुना बढ़ गईं।
सोचिए, उन 50 अफसरों की किस्मत कितनी जबरदस्त थी।
भ्रष्ट व्यवस्था किस तरह काम करती है, यह मामला उसी की झलक दिखाता है। जिन लोगों के पास सिस्टम की अंदरूनी जानकारी होती है, वही पहले से मौके पर मौजूद मिलते हैं।
खबर में यह मामला इसलिए आ गया क्योंकि इसमें 50 अफसर शामिल थे… शायद कोई 51वां भी शामिल होना चाहता होगा, नहीं हो पाया होगा, इसलिए पूरे देश में यह बात फैल गई।
सुबह कमर्शियल और मिनी सिलेंडर के दाम बढ़ने की खबर से शुरुआत हुई, और शाम होते-होते सूत्रों के हवाले से पेट्रोल, डीजल और घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ने की खबर भी आ गई।
खैर, चुनाव होने के बाद हर कोई यही मानकर बैठा था। अब बस देखना है कि कितना और कितनी बार बढ़ता है।
कमर्शियल सिलेंडर लगभग 1000 रुपये महंगा हुआ।
आज से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद दिल्ली में एक 19 किलोग्राम का सिलेंडर अब 3071 रुपये का हो गया है।
इसका सीधा असर होटल-रेस्टोरेंट में आप जो खाना खाते हैं, उस पर पड़ेगा-बाहर की थाली महंगी पड़ेगी।
चुनाव के बाद अंदेशा था कि फ्यूल के दामों में बढ़ोतरी होगी। अभी कमर्शियल सिलेंडर बढ़े हैं, देखना है पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस का क्या होता है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घोषणा कर दी है कि राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा के अनुरूप 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे (ET) से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात पर ब्लॉकेड लागू किया जाएगा। यह कदम राष्ट्रपति की घोषणा के अनुरूप उठाया जा रहा है।
CENTCOM के अनुसार, यह नाकाबंदी सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होगी, जो ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों-जिसमें अरब सागर और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी पोर्ट शामिल हैं-में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं।
हालांकि, ईरान के अलावा अन्य देशों के लिए आ-जा रहे जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रहेगी।
लीजिए ,जिसका अंदेशा था वही हो रहा है।
ईरान ने कह दिया है हॉर्मूज स्ट्रेट तब तक नहीं खुलेगा जब तक इजरायल लेबनान में अपने फायर न सीज कर ले।
और इजरायल लेबनान पर लगातार स्ट्राइक किए जा रहा है।