Caste census is dead.
Killed by a Modi Govt, despite its assurance.
जातिवार जनगणना की इति श्री हो गई।
मोदी सरकार ने चालाकी ���े इसे ख़त्म कर दिया है। नाम के वास्ते कास्ट सेन्सस हो जाएगा। लेकिन कुछ भी नहीं होगा।
This is the essence of today’s report by @IndianExpress
@akhileshsharma1 साहब पढ़ा लिखा क���जिए। इतने बचकानी तर्क काम नहीं करते। आप जैसे चमन ने मिलकर ही सही और गलत की सारी समझ खत्म की है। इधर से या उधर से सोचने वाला बर्बाद नागरिक पैदा किया है। तो थोड़ा अपने काम और संस्थान का भी मूल्यांकन कर लीजिए।
इसीलिए मैं अक्सर कहता हूं कि भारतीय चुनावी राजनीति पूरी तरह से जनता से कटी हुई है। अगर ये सचमुच जनता के नेता होते, तो ऐसे स्वार्थी और बेईमान नेता सांसद और विधायक नहीं बनते। किसी दूसरी पार्टी में पाला बदलने से पहले ये सौ बार सोचते; क्योंकि इन्हें डर होता कि अगर ऐसा किया, तो जनता इनकी खटिया खड़ी कर दे���ी।
फिलहाल जो तमाशा TMC या अन्य दलों में दिख रहा है, वह इसी बात का सबूत है कि चुनावी राजनीति से अब असली जन-प्रतिनिधि गायब हो चुके हैं। सिस्टम पर उन नेताओं का कब्ज़ा है जो बंपर पैसे और बाहुबल के दम पर चुने जाते हैं। वे इस पाले में रहें या उस पाले में, आम आदमी की ज़िंदगी पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर सौदेबाजी न हो तो इन बेईमान नेताओं के पीछे गिनती के लोग नहीं खड़े होंगे।
दरअसल, कॉरपोरेट मीडिया ने बहुत ही बारीक और शातिर तरीके स��� जनता के बीच से 'विवेकपूर्ण जनमत' को ख़त्म कर दिया है। अब जो बचा है, वह सिर्फ एक भेड़चाल है—जहां लोग किसी न किसी के झांसे या नैरेटिव में फंसकर बस इसको या उसको वोट दे आते हैं।"
#MamataBanerjee
देश के कई मझोले शहरों में मेट्रो की जरूरत न होने के बावजूद मेट्रो का प्रोजेक्ट जाना हमारे जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में ज्यादा सरकारी निवेश के लिए तरसते देश के लिए किसी बड़े घोटाले से कम नहीं! ऐसे शहरों में कम खर्चीली व तेज गति की इस्तांबुल जैसी ट्रेनें चलाई जा सकती थीं.
@SamarRaj_ सबसे ज्यादा निराश तो आप जैसे पत्रकारों ने किया है, जो इस मुद्दे पर बिना समझे और बिना तथ्यों के कुछ भी अनाप शनाप लिखते रहे...
कम से कम बिल को ही सही से पढ़ लेते
@SamarRaj_ आप संजीदा पत्रकार हैं,फिर भी बिना तथ्यों के कुछ भी अनाप शनाप लिख रहे हैं।
कृपया अवग�� कराएं कि विधेयक में कहां पर लिखा है कि राज्यों की सीटें इसी प्रकार बढ़ेंगी।
आप संजीदा पत्रकार हैं,फिर भी बिना तथ्यों के कुछ भी अनाप शनाप लिख रहे हैं।
कृपया अवगत कराएं कि विधेयक में कहां पर लिखा है कि राज्यों की सीटें इसी प्रकार बढ़ेंगी।
साउथ के इन 5 राज्यों का आबादी में शेयर है 23.60%
1971 में इन्हें हिस्सा मिला 23.76%
2011 के आधार पर किया जा रहा है 23.90%
आबादी से बढ़कर हिस्सा मिला था, इससे ज्यादा हिस्सा अब और मिल रहा है।
नॉर्थ इंडिया के बिकाऊ इंटेलेक्चुअल ज्ञान ऐसे दे रहे हैं जैसे साउथ के साथ अन्याय हो रहा है।
अरे मूर्ख मित्रों, संभल जाओ, समझदारी दिखाओ।
देश की 70% आबादी अगर नॉर्थ और पूरब पश्चिम में रहते हैं, तो मेजॉरिटी मेकिंग में बड़ा हिस्सा क्यों नहीं होगा?
इंसान को इंसान का दर्जा दिलाने ��े लिए,समता व सामाजिक न्याय के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले,शोषितों,वंचितों के मसीहा,अर्थशास्त्री,कानूनविद,लेखक,दार्शनिक,��हिला अधिकारों के प्रबल समर्थक,महानतम मानवाधिकार कार्यकर्ता व संविधान बाबासाहब डा0भीमराव अम्बेडकर को जन्मदिवस पर सादर नमन🙏
कुछ लोग "केजरीवाल V/S राघव चड्ढा" की बहस चला रहे हैं. बिल्कुल बेवजह! समय की बर्बादी है! संजय सिंह को छोड़कर इस पार्टी में सब केजरीवाल या राघव ही हैं-अराजनीतिक, व्यक्तिवादी व मौकापरस्त! यह बात मैं उस समय से कहता रहा हूं, जब ये सब 'अन्ना' वाले थे. दूसरी या तीसरी क्रांति कर रहे थे!
गैर बराबरी, छुआछूत, आडंबर, पाखंड उन्मूलन के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले महान समाज सुधारक, शिक्षा व समता के प्रबल पैरोकार महान संत गाडगे साहब को जन��मदिन पर सादर नमन....
UP में ' SIR' का नोटिस लाखों लोगों की मुसीबत बना हुआ है .
मेरठ तहसील में आज एक बुजुर्ग अम्मा मिली . उनके पास सारे कागज़ हैं लेकिन नोटिस आ गया है . अपने दस्तावेज लेकर सुनवाई के लिए पहुंचीं थीं. उन्हें ��गा मैं कोई सरकारी अधिकारी हूं . मुझसे मिलकर रो पड़ी.
ऐसे ही परेशान लोगों पर मेरठ से ग्राउंड रिपोर्ट मेरे यूट्यूब चैनल पर
प्रख्यात लेखक, आलोचक, हिंदी साहित्य में हाशिए के समाज की मु��र आवाज वीरेन्द्र यादव जी के निधन की खबर व्यथित करने वाली है 😭.....
सादर नमन🙏.... विनम्र आदरांजलि
स्त्री मुक्ति,स्त्री शिक्षा,समता के लिए आजीवन संघर्ष करने वाली आधुनिक भारतीय पुनर्जागरण की अग्रदूत,प्रथम महिला शिक्षिका,महान समाज सुधारक माता सावित्रीबाई फुले के जन्मदिवस पर सादर नमन.
लड़कियों के लिए देश का पहला स्कूल खोलने वाली ऐसी महान शख्सियत का समाज व राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा!
@arvind_kumar__ बहस ��े किस हिस्से में जावेद साहब ने कहा नैतिकता तय करने के अधिकार समाज के बहुमत के पास होना चाहिए।....वीडियो एविडेंस....मैने भी वीडियो देखी...माइन तो ऐसा कहते सुना नहीं
If Election Commission of India really wants to understand what is happening on ground, why are BLOs being forced to take their own lives - they should go through this conversation. The BLO here not only highlights the problem with SIR implementation but also provides solution.
सीतापुर का रामपुर मथुरा इलाका। उफनाई घाघरा नदी अब तक कई गांव को अपने चपेट में ले चुकी है। सैकड़ों घर ताश के पत्तों कि तरह नदी में समा गए। स्कूल बह गया। कई गांव तो ऐसे हैं जहां पहुंचने के लिए दो बार नाव से जाना होता है। हालात बेहद गंभीर है।
कई जगहों पर बाढ़ कवर की, लेकिन यहां के लोगों की मुश्किलें बाकी जगहों से बहुत ज्यादा रही। प्रशासन की तरफ से मदद मिल रही लेकिन वह इनकी दिक्कतों के आगे कुछ भी नहीं है।
पूरी रिपोर्ट आप भास्कर पर पढ़ और देख सकते हैं: https://t.co/dWin295ejA