आपका नाम अश्विनी वैष्णव है।
आप रेल मंत्री हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर “रील मंत्री” के नाम से ज्यादा फेमस हैं।
अब आपने भरोसा दिलाया है कि IRCTC की खराब वेबसाइट 30 दिनों में अपडेट हो जाएगी।
वही IRCTC, जहां टिकट से पहले यात्री CAPTCHA से कुश्ती लड़ता है।
वही IRCTC, जहां तत्काल बुकिंग 10 बजे शुरू होती है और उम्मीद 10:01 पर दम तोड़ देती है।
वही IRCTC, जहां लॉगिन फेल, OTP लेट, पेमेंट हैंग, पैसा कट और अंत में नतीजा - वेटलिस्ट या रिग्रेट।
पिछले 3,037 दिनों से यात्री वेबसाइट पर बुलेट ट्रेन नहीं मांग रहे।
वे बस इतना चाहते हैं कि टिकट बुक करते समय सिस्टम इंसानों जैसा काम करे , सरकारी दफ्तर जैसा नहीं।
डिजिटल इंडिया में एक ट्रेन टिकट बुक करना अगर UPSC प्रीलिम्स जैसा लगने लगे , तो समस्या यात्री की नहीं , सिस्टम की है।
रेल मंत्री जी , सवाल बहुत सीधा है।
15 साल बाद भी ट्रेन लेट होने की समस्या जस की तस है।
तत्काल टिकट बुकिंग आज भी टिकट कम और डिजिटल जुआ ज्यादा लगती है।
IRCTC पर लॉगिन , CAPTCHA, OTP, पेमेंट और सीट - सब भगवान भरोसे चलते हैं।
स्टेशन और ट्रेनों में फूड वेंडर मनमानी करते हैं।
कभी ओवरचार्जिंग, कभी खराब क्वालिटी, कभी बिल नहीं - लेकिन कार्रवाई सिर्फ पोस्टर और ऐप में दिखती है।
देश की आबादी बढ़ती रही, यात्री बढ़ते रहे, लेकिन ट्रेन और सीटों का अनुपात उसी पुराने हिसाब में अटका पड़ा है।
त्योहारों पर जनता इंसान कम और मालगाड़ी का सामान ज्यादा महसूस करती है।
सवाल यह है कि जब ट्रेन समय पर नहीं चल रही , टिकट समय पर नहीं मिल रहा , खाना सही दाम पर नहीं मिल रहा और यात्रियों के लिए पर्याप्त ट्रेनें नहीं हैं, तो 2047 का विकसित भारत किस प्लेटफॉर्म से छूटेगा?
रेल मंत्री जी, देश को सिर्फ वंदे भारत की फोटो नहीं चाहिए।
देश को समय पर ट्रेन , आसान टिकट, साफ खाना, सुरक्षित सफर और पर्याप्त सीटें चाहिए।
कृपया बताइए - हम 2047 के बाद अचानक विकसित होंगे, या उससे पहले भी आम यात्रियों के अच्छे दिन आने का कोई chance है?
ये बिहार का पटना स्टेशन है 👇
जहां छात्रों का हुजूम किसी तरह ट्रेन पकड़ना चाहता है, ताकि एग्जाम सेंटर तक पहुंचा जाए।
वोट लेने के समय BJP सरकार युवाओं को ट्रेन से घर भेजती है, लेकिन काम निकलने के बाद युवाओं को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है।
यही BJP का चाल, चरित्र, चेहरा है।
Booked an Indane LPG cylinder on 27 May (2-005716007585). It was auto-cancelled on 6 June without any explanation. Rebooked immediately, yet no DAC code has been generated till date. Why are genuine customers facing such delays and lack of transparency?
@IOCL_UP@HardeepSPuri
वो सब छोड़ो,
1-ये बताओ रिचार्ज, 28 दिन की बजाय 30 दिन का कब होगा?
2- नेता अगर अपने वादे पूरे न करे तो जनता उसको बीच में पद से हटा दे, ये वाला अधिकार कब पास होगा?
पहली बार ऐसा दिखाई पड़ रहा है कि एक आदमी के चलते पूरी शिक्षा व्यवस्था खोखली होती दिख रही है।
Education system से लेकर Exam System तक, सब तमाम सवालों के घेरे में हैं। Special Protest सिर्फ एक आदमी के इस्तीफे को लेकर हो रहे हैं।
मगर ऐसा क्या है कि धर्मेंद्र प्रधान को नहीं हटाया जा सकता, चाहे देश का भविष्य दांव पर हो ,युवाओं के भविष्य के चलते!
ये बात एकदम समझ से परे है। हर अति का अंत है और जल्दी ही सरकार को इन्हे हटाना होगा। कोई शिक्षित आदमी ही अब देश की शिक्षा की जिम्मेदारी लेगा।
अगला नंबर रेल मंत्री और वित्तमंत्री का आना है |
विकसित भारत क़ि दिशा देश का युवा तय करेगा |
जो भी मजबूर, असहाय और व्यवस्था के सताए लोगों की निंदा कर रहे हैं, इसे भी इतिहास में लिखा जाएगा...और एक दिन आएगा जब आपको या आपकी किसी पीढ़ी को आपके इस वक्तव्य के लिए अफसोस होगा...लिख कर रख लीजिए...
कुमार विश्वास आप तो एक धार्मिक कथावाचक है, और आपके लिए कॉकरोच भी ईश्वर की बनाई इस सृष्टि का हिस्सा होना चाहिए था...आपको तो समभाव ही रखना था...आप क्यों बहक गए...आश्चर्य कि आपने यह तक समझने का प्रयास नहीं किया कि किसने किसे कॉकरोच कहा है...!!
आप जैसे लोगों के कारण त्याज्य तो शबरी और अहिल्या भी थी @DrKumarVishwas पर राम ने उन्हें सम्मान दिया, आपने राम की केवल कथा कही पैसे के लिए उन्हें आचरण में नहीं उतार पाए |
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं।
लगातार भर्ती परीक्षाओं में loopholes, कमजोर सिस्टम और धांधलेबाजों पर सख्त कार्रवाई न होने का ही परिणाम है कि आज कोई भी परीक्षा बिना संदेह और विवाद के पूरी नहीं हो पा रही।
लाखों मेहनती छात्रों का भरोसा टूटता जा रहा है। @UPGovt
~NEET पेपर लीक - कोई आवाज नहीं
~पेट्रोल डीजल मंहगा - कोई आवाज नहीं
~रुपया की गिरावट - कोई आवाज नहीं
~भयानक मंदी की आहट - कोई आवाज नहीं
~नौकरी पर खतरा - कोई आवाज नहीं
लेकिन "मेलोडी टॉफी" पर सुबह से हंगामा काटे हुए हैं।
पता नहीं क्या मजबूरी है इनकी, जो इनको शर्म भी नहीं आती है?
गाड़ियाँ hybrid आ रही हैं…
Office में काम hybrid mode में हो रहा है…
तो परीक्षाएँ hybrid mode में क्यों नहीं हो सकतीं?
आज के दौर में परीक्षाएँ hybrid mode में होनी चाहिए
मतलब प्रश्न सीधे NTA/SSC/RRB/State Boards द्वारा Computer या Tablet की screen पर आएँ,
और उत्तर OMR Sheet में offline भरवाए जाएँ।
इससे printing press, paper transport और storage से जुड़ी leak की सबसे बड़ी संभावनाएँ खत्म हो सकती हैं।
साथ ही computer hacking करके भी कोई OMR नहीं भर सकेगा।
यानी यह परीक्षा करवाने का सबसे सुरक्षित माध्यम बन सकता है।
क्या आधुनिक भारत 20-25 लाख Computers/Tablets की व्यवस्था भी नहीं कर सकता?
और अगर पर्याप्त devices नहीं हैं, तो multiple shifts में परीक्षा करवाई जा सकती है।
लेकिन समस्या तकनीक की कमी नहीं…
इच्छाशक्ति और भ्रष्ट तंत्र की है।
@narendramodi@dpradhanbjp@ArvindKejriwal@msisodia@RahulGandhi@myogiadityanath
विपक्ष नकारा हो तो सत्ता पक्ष आजाद रहता है -
1- गैस के दाम 993 रुपए बढ़े
2-छोटू सिलेंडर 261 रुपए बढ़ा
3- पेट्रोल डीजल के दाम बढ़े
4- सीएनजी के दाम बढ़े
5- सोना चांदी बढ़ा
6- डॉलर के मुकाबले रुपया गिरा
लेकिन फिर भी विपक्ष दबाव नहीं डाल पाया, इससे घटिया विपक्ष आज तक नहीं देखा।