भाजपा के शब्दकोश में जवाबदेही शब्द ही नहीं है। भाजपा ‘जन-तंत्र’ को ‘धन-तंत्र’ मानकर सिर्फ़ दोहन और दमन में विश्वास करती है।
उप्र के हमीरपुर में एक सड़क बनने को लेकर जब सालों से कोई सुनवाई नहीं हुई तो स्कूली बच्चों ने ज़िलाधिकारी के कार्यालय पर प्रभावशाली प्रदर्शन करके दिखा दिया कि ‘भाजपा का अहंकारी शासन-प्रशासन’ यदि जनता तक नहीं पहुँचेगा तो जनता उन तक पहुँच जाएगी।
भाजपाई ऊपर-से-नीचे का जो ‘एकतंत्र बनाना’ चाहते हैं, वो अब और नहीं चलेगा। जन-प्रतिनिधि हो या लोक सेवक, अब सबको ये समझना ही होगा कि ‘लोकतंत्र’ नीचे-से-ऊपर की ओर जाता है। अब हमारा यही समाजवादी मूल्य सबको अपनाना ही होगा कि ‘समाज के लिए सत्ता है’।
भाजपा हमेशा सत्ता के लिए समाज का दुरुपयोग करती है जबकि समाजवादी सिद्धांत कहता है : समाज के उत्थान और कल्याण के लिए सत्ता का सदुपयोग किया जाना ही शासन-प्रशासन के औचित्य को सिद्ध करता है।
यदि जन-कल्याण नहीं तो सरकार नहीं!
जिस देश-प्रदेश में स्वस्थ व्यंग्य और कटाक्ष के लिए स्थान न हो वहाँ समझ लेना चाहिए, दूसरों को डरानेवाली सत्ता, स्वयं डरी हुई है। ‘मदर ऑफ़ डेमोक्रेसी’ की बात इस माहौल में बेमानी जुमला लगती है। देश के प्रमुखतम संसदीय क्षेत्र में लोकतंत्र का ये हाल है तो बाकी देश में क्या होगा।
ये है भाजपा के गड्ढे मुक्त उप्र के दावे का ज़मींदोज़ सच।
बलरामपुर हॉस्पिटल के पास सड़क धसने से गंभीर दुर्घटनाएँ हो सकती हैं क्योंकि आम जनता के अलावा यहाँ से बसें और एंबुलेंस भी आती-जाती हैं, इसकी तुरंत पक्की मरम्मत करवा कर भ्रष्टाचारियों पर तत्काल कार्रवाई हो।
ग़रीबों के छप्परों को गिराकर… वो कहते हैं हमने लोगों को घर दिए।
जनता पूछ रही है : लखनऊ, बनारस और गोरखपुर में भाजपाइयों के अवैध घर-मकानों, दुकानों पर बुलडोज़र कब चलेगा?
निंदनीय!
उप्र में धार्मिक भावनाएँ आहत होने पर जगह-जगह लेखक-निर्देशक व प्रोड्यूसर के ख़िलाफ़ प्रदर्शन व विरोध हो रहे हैं। ऐसी फ़िल्में भारतीय संस्कृति का जो अपमान कर रही हैं, वो भारतीय समाज सहन नहीं करेगा। भाजपाई राजनीति प्राचीन धर्म व मान्यताओं को अपने फ़िल्मी प्रवक्ताओं से दूर ही रखे।
कन्नौज के भाजपा सासंद सुब्रत पाठक के ख़िलाफ़ पुलिस ने ही एफ़आइआर करवाई है और पुलिस ही कह रही है कि पुलिस की सुरक्षा में रहनेवाले सासंद जी ही लापता हैं। इसे कहते हैं… अंधेर नगरी चौपट राजा, नामज़द फिर रहा भागा-भागा!
उप्र के संभल में सांड के आक्रमण से घायल हुए व्यक्ति के इलाज के लिए उप्र की भाजपा सरकार तुरंत प्रबंध करें क्योंकि ऐसे हादसों के लिए उसकी नीतियों की ही जवाबदेही है।
बहन बेटियों की रक्षा सुरक्षा और सम्मान के दावे करने वाली योगी सरकार में योगी जी के स्वजातीय अधिकारी कर्मचारी योगी सरकार में एकदम बेलगाम हैं
योगी जी के स्वजातिवाद से मनबढ़ हो चुके जौनपुर TD कॉलेज के HOD प्रदीप सिंह छात्रा से अभद्र ,अश्लील भाषा का प्रयोग कर रहे
शर्मनाक है योगी जी
दिल्ली का अध्यादेश न्यायपालिका का अपमान है। ये भाजपा की नकारात्मक राजनीति का परिणाम है और लोकतांत्रिक-अन्याय का भी।
भाजपा जानती है कि लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सीटों पर उसकी करारी हार होगी, इसीलिए जनता से पहले से ही बदला ले रही है। अध्यादेश के नाम पर ये जनादेश की हत्या है।
कूना में तीसरे चीते की मौत दरअसल प्रशासनिक हत्या है। केवल राजनीतिक प्रदर्शन के लिए जो भाजपाई मजमा खड़ा किया था, उसका ये दायित्व भी बनता था कि विदेशी चीतों को बीमारी व आपसी संघर्ष से मुक्त सुरक्षित माहौल दे।
ये जानवरों पर क्रूरता का स्पष्ट मामला है, इस मामले में दंडात्मक कार्रवाई हो।
ये है तथाकथित स्मार्ट सिटी गोरखपुर की बदहाली का हाल… लोग भाजपा से हाथ जोड़कर कह रहे हैं हमको लौटा दो हमारे पुराने दिन… नहीं चाहिए तुम्हारी स्मार्ट सिटी और अच्छे दिन।
तब भ्रष्टाचार की खिड़की खुल गयी और साथ ही भाजपा की कलई भी जब 6 साल पहले ही बने भुपियामऊ ओवर ब्रिज के कंक्रीट के हिस्से गिरे।
सपा के समय बने वर्ल्ड क्लॉस क्वॉलिटी के मार्ग हवाई जहाज़ का वज़न तक सह लेते हैं; वहीं भाजपा के भ्रष्टाचारी निर्माण, गाड़ी का वज़न भी नहीं सह पा रहे हैं।