I went to Jantar Mantar this morning before Lok Sabha. Soon after total internet shut down & brutality started. Any government that attacks non violent student protestors with brute force is on its last legs.
A sixteen year old protester, Karan, breaks down after being lathi charged by Delhi police.
The reporter says, He was shaking. He said he's not crying because of the pain but because he's in shock and disbelief.
"Mere upar lathi charge hua, I can't understand ke meri galti kya hai, meri galti yahi hai ki Mai desh ka bhala chahta hun aur isi liye mujhe dande maare ja raha hain. This is not fair at all...."
आज देश की सबसे बड़ी खबर – जंतर मंतर प्रोटेस्ट। इस पर देश के बड़े पत्रकारों के ट्वीट
सुधीर चौधरी – 0
अंजना ओम कश्यप – 0
चित्रा त्रिपाठी – 0
रूबिका लियाक़त – 0
अरनब गोस्वामी – 0
हम बहुत छोटे, गली–मोहल्ले के पत्रकार ही सही, लेकिन लाखों छात्रों की आवाज तो उठा रहे हैं !!
“Madarchodo ko maaro”! Wah @DelhiPolice - vardi tera Motabhai ne diya hai kya? Taxpayers pay your salaries to keep law & order not unleash filth & brutality on our kids.
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
सोचिए, अगर आपके अपने माँ-बाप, बच्चे या भाई-बहन के सिर से अचानक छत छीन ली जाए - अगर आपके पूरे परिवार को एक ही पल में बेघर कर दिया जाए, तो आपको कैसा लगेगा?
दिल्ली की झुग्गियों में रहने वाले सैकड़ों ग़रीब परिवार आज इसी दर्द से गुजर रहे हैं। जिन छोटे-छोटे घरों में उनकी पूरी ज़िंदगी बसी थी, उन्हें BJP सरकार ने बेरहमी से उजाड़ दिया।
ये सिर्फ़ घर नहीं थे - ये उनके सपने, उनका सम्मान और जीने का सहारा था।
प्रशासन की आड़ में किया जा रहा यह अत्याचार, ग़रीबों के प्रति BJP की संवेदनहीनता और सत्ता के घमंड को उजागर करता है।
हम इन उजाड़े गए परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं। ये लड़ाई अब सिर्फ़ घरों की नहीं, इंसाफ़ और इंसानियत की है - और हम हर मोर्चे पर लड़ेंगे।
आचार्य पुलक सागर जी महाराज की बात देश को सुननी चाहिए।
गौमाता के नाम पर सत्ता में आने वाले विदेश जाकर "गौमांस पर गर्व" कर रहे हैं.. शर्मनाक!
"अगर बूढ़ी गाय को जिंदा रहने का अधिकार नहीं है, तो किसी बूढ़े को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बनने का भी अधिकार नहीं है। सत्ता ने करोड़ों भारतीयों की भावनाओं के साथ विश्वासघात किया है।"
प्रिय छात्रों और अभिभावकगण,
जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की युवाओं और उनके अभिभावकों की मुहिम में, हम सब पूरी तरह से आपके साथ हैं।
बदले की भावना में जल रही भाजपा सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी संकीर्ण राजनीति का शिकार बनाने की कोशिश न करे। इस दुर्भावनापूर्ण पक्षपाती फ़ैसले के ख़िलाफ़, हमारे साथ हमारा छोटे-से-छोटा कार्यकर्ता, समर्थक, बड़े-से-बड़ा नेता और वो सब हज़ारों बच्चे व उनके मेहनतकश माता-पिता भी हैं जिनके सपने पर बुलडोज़र चलाने की निकृष्ट कोशिश भाजपा सरकार कर रही है।
हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है, हम ‘शिक्षा के मंदिर’ को बचाने के लिए देश भर से अपील करते हैं कि वो हमारे साथ आएं। विश्वविद्यालय में हर समाज के बच्चे पढ़ते हैं, क्या भाजपा अब हर समाज के युवाओं के विरुध्द हो गई है। भाजपा का अहंकार ही ये सब गलत काम करा रहा है। अगर कहीं कुछ काग़ज़ी कमी है भी तो उसके काग़ज़ पूरे करके यूनिवर्सिटी को बचाया जाए और स्टूडेंट्स के भविष्य को भी। यहाँ ग़रीबों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनके पास इतना पैसा नहीं होता कि वो भाजपाइयों की तरह अपने बच्चों को महँगे विश्वविद्यालय या विदेशों में पढ़ा सकें। जिनके न परिवार हैं न बच्चे,वो परिवारवालों का दर्द क्या जानें। अगर भाजपा के मन में बच्चों, युवाओं, उनके परिवार-परिजनों व समाज के लिए रत्ती भर भी सहानुभूति होती तो वो ज़ुल्म और नाइंसाफ़ी से भरी इस विध्वंसक कार्रवाई का तत्काल कोई विकल्प ढूँढती।
सच तो ये है कि भाजपा शिक्षा के ही विरुद्ध है क्योंकि शिक्षित लोग जागरूक और प्रगतिशील होते हैं , वो अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ भी उठाते हैं और सवाल भी, जो दक़ियानूसी सोचवाली दमनकारी भाजपा की सत्ता को जरा भी रास नहीं आता है। इसीलिए भाजपाई और उनके संगी-साथी, गाँव-गाँव में प्राथमिक विद्यालय तथा अन्य स्थानों पर विश्वविद्यालय तक बंद करवाने की भूमिगत योजना बनाते रहते हैं। भाजपाई जानते हैं कि पढ़-लिखकर लोग नौकरी-रोज़गार माँगेंगे, जो भाजपा सरकार देना ही नहीं चाहती है। नौकरी-भर्ती भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। जब हमारे प्राइमरी स्कूल बंद किये गये तो हमारे सजग शुभचिंतकों ने ‘पीडीए पाठशाला’ खोलकर, भाजपाई साज़िश नाकाम कर दी थी, इसीलिए अब उनके निशाने पर यूनिवर्सिटी आ गई है।
जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रहा ये हमला, हर समाज के विद्यार्थियों के विरुध्द भाजपाई संगी-साथियों की एक बेहद घिनौनी साज़िश है। उन अपंजीकृत लोगों के अपने सभी स्कूल-विद्यालय चल रहे हैं लेकिन दूसरों पर प्रतिशोध की भावना से एकतरफ़ा कार्रवाई का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
अति निंदनीय!
आपका
अखिलेश
प्रधानमंत्री जी,
श्री राम मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ अपनी कमाई अर्पित की - वहां हुई चंदा चोरी अब किसी से छुपी नहीं है।
ट्रस्ट के हर सदस्य को आपकी सरकार ने चुना था। इस चंदा चोरी पर आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है।
तत्काल स्वतंत्र जांच कराइए, पूरा हिसाब सार्वजनिक कीजिए और दोषियों को कानून के कटघरे में लाइए।
आपकी सरकार की विश्वसनीयता अब आपकी कार्रवाई पर निर्भर है।
“15 lakh in every bank account & 2 crore jobs every year”
"Give me 50 days time, else..."
"We will win war against Corona in 21 days"
"Neither has anyone intruded into our territory nor took over any post”
Farmers don’t trust Modi ji due to his long history of ‘asatyagraha’.
The successful flight of Vikram-1, India’s first privately developed orbital rocket, is a tribute to years of patience, precision and quiet work by scientists, engineers and technicians.
My congratulations to the remarkable young team at Skyroot Aerospace, and to everyone at ISRO and IN-SPACe who supported this mission.
India is strongest when public institutions and private enterprise build upon each other’s capabilities in the service of science and society, and when our youth are given the opportunity and trust to turn ambitious ideas into reality.
Deeply saddened by the passing of Smt Chennamma, wife of former Prime Minister Shri H.D. Deve Gowda ji. Her strength was an enduring presence through decades of public service.
My heartfelt condolences to Deve Gowda ji, Kumaraswamy ji and the entire bereaved family.
सरेआम भविष्य की नीलामी।
Paper Leak Rate Card:
* NEET - ₹40 लाख
* IIT-JEE - ₹15 लाख
* उत्तराखंड पटवारी - ₹15 लाख
* बिहार शिक्षक भर्ती - ₹10 लाख
* ओडिशा पुलिस भर्ती - ₹25 लाख
जिसके पास पैसा है, वो मेन्यू से पेपर चुन लेता है। और जो सिर्फ़ मेहनत करता है वो अपना सपना खो देता है।
152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित और सज़ा? एक को भी नहीं। यही इस माफ़िया की असली ताक़त है - बच्चों का भविष्य बेचो, पैसा कमाओ और बेख़ौफ़ घूमो।
मोदी जी, देश का हर छात्र आपसे यही पूछ रहा है - यह गिरोह किसकी शह पर इतना बेख़ौफ़ है?
The core tenets of the Modi government are Asatya and Hinsa.
The removal of Sonam Wangchuk ji from Jantar Mantar while he was on a non-violent hunger strike is wrong.
Paper leaks, the rising cost of education, and student suicides are critical issues for India’s future.
No amount of force can deter India’s students, and those of us who love and believe in them, from raising these issues.
#ChhatronKiGoonj