RPSC का नाम राजस्थान तानाशाह आयोग होना चाहिए!
जब सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती में 62% पदो की बढ़ोतरी की गई है जो 50% पद बढ़ाने वाला नियम लागू होता है। 100% वाला बाद में आया था। @RPSC1 फॉर्म रीओपन क्यों नहीं कर रही है
संवैधानिक संस्था की थोड़ी लाज रखों
100% पडदवृद्धि का नियम 21जुलाई को लागु हुवा जबकि 2nd ग्रेड का नोटिफिकेशन 17जुलाई को आ गया तो 2nd ग्रेड मे अगर 50%से ज्यादा पदवृद्धि होती है तो एग्जाम फॉर्म री ओपन करने होंगे
#RPSC_सैकेंड_ग्रेड_शिक्षक_भर्ती_फॉर्म_रिओपन_करो
#Jaipur : 4 जुलाई को राजस्थान के लोगों को नियुक्ति पत्र भी दिए जाएंगे
कांग्रेस पर तंज कसते हुए CM भजनलाल शर्मा ने कहा- कांग्रेस के लोग सिर्फ ट्वीट-ट्वीट कर सकते हैं, जनता के बीच में कांग्रेस के लोग जाते ही नहीं हैं, कांग्रेस के लोग भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं
ढाई साल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, कांग्रेस ऐसे ही करेगी तो तस्वीर भी देखने को नहीं मिलेगी, विपक्ष का काम तो सही ढंग से निभाइये
@BhajanlalBjp@DipuGoyal #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में धार्मिक नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव के रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदने का बड़ा खुलासा किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उज्जैन मास्टर प्लान और सिंहस्थ मेला 2028 को लेकर प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर सड़कों के आसपास, मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई।
मास्टर प्लान के तहत कृषि भूमि को व्यावसायिक या आवासीय भूमि में बदला जा रहा है। खुलासा यह है कि मास्टर प्लान के सार्वजनिक होने से पहले ही परिवार ने उन स्थानों पर जमीन खरीदी, जिन्हें आगे चलकर व्यावसायिक या आवासीय उपयोग के लिए परिवर्तित किया जाना था।
रिपोर्ट बहुत विस्तार से इस पूरे मामले की पड़ताल करती है। रिपोर्ट को देखकर या सुनकर आसानी से इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि यह सब महज संयोग नहीं है।
उज्जैन को विकसित करने के मास्टर प्लान के समानांतर मोहन यादव का परिवार भी विकसित होता दिखाई दे रहा है।
देखना होगा कि इतने बड़े आरोपों के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया होती है।
@alokrajRSSB VDO वालों से क्या दुश्मनी है साहब।। 12 जून को DV रिपोर्ट आ गई थी लेकिन 10 दिन बाद भी परिणाम नहीं दे रहे हो।।
पहले रिपोर्ट रिपोर्ट करते थे अब जब रिपोर्ट आ गई है तब भी ढाक के तीन पात।।
परीक्षा से पहले देशभर में मॉक ड्रिल करेगा NTA, 21 जून को होने वाले री-एग्जाम को लेकर मॉक ड्रिल
पेपर लीक से परेशान, ऊपर से गलत सवाल पूछकर रुला रहे हैं!
राजस्थान के बेरोजगार करते हैं आज खबरदार
#NEET | NTA Re-NEET | Paper Leak #Khabardar | @SwetaSinghAT | @sharatjpr | Rajasthan
"भारत में हुआ AI Summit पूरी तरह अव्यवस्थित था"
◆ Anthropic के CEO Dario Amodei ने भारत में आयोजित India AI Impact Summit 2026 को लेकर कहा
#AISummit#CEO | #DarioAmodei
इसी महीने में आयोजित होने वाले रोजगार मेले में लाइब्रेरियन भर्ती , VDO भर्ती, को शामिल करना चाहिए ।।
लंबे समय से सही मॉनिटरिंग नहीं होने से इनका परिणाम रुका हुआ है ।।
विभाग और बोर्ड की अलग अलग भाषा के बीच चयनित अभ्यर्थी मानसिक रूप से पीड़ा झेल रहें है ।
सरकार से मांग है संज्ञान में लेकर रोजगार मेले में इनको नियुक्ति देने की कृपा करे ।।
@RajCMO@BhajanlalBjp@madandilawar
एंकर - ये “स्टैंड अप कॉमेडी” का मंच नहीं है.
कांग्रेस प्रवक्ता - हाँ, तो मत करिये न “स्टैंड अप कॉमेडी”
एंकर- आपके विचार सबको मान्य होना क्यों ज़रूरी है?
कांग्रेस प्रवक्ता - यही तो मैं भी कह रहा हूँ कि BJP की बकवास भी सबको क्यों मान्य होगी?
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ग्राम विकास अधिकारी (VDO) भर्ती 2025।
कुल 850 पद
नोटिफिकेशन: 16 जून 2025 को जारी हुआ था
परीक्षा व परिणाम: 2 नवंबर 2025 को परीक्षा हुई और 19 दिसंबर 2025 को प्रारंभिक परिणाम
मार्च में दस्तावेज सत्यापन हुए, लेकिन अंतिम परिणाम जारी नहीं हुआ
वजह VDO भर्ती में दिव्यांग व खेल कोटे के 175 अभ्यर्थियों की जांच हो रही
जांच की ना कोई समय सीमा है जांच के नाम पर आप 1 साल निकाल दोगे ऐसा थोड़ी होता है
जिन अभ्यर्थियों ने रात दिन मेहनत करी कर्जा लेकर कोचिंग करी, बाहर रहकर पढ़ाई की, किराए पर रूम लिया, इसलिए कि कुछ दिन में उनकी नौकरी लग जाएगी
और घर हालत के ठीक हो जाएंगे लेकिन सिस्टम उनको मानसिक और आर्थिक रूप से ओर कमजोर रहा है
आखिर अभ्यर्थियों को कब तक रोक कर रखा जाएगा
जून महीने में होने वाले रोजगार मेले में इन अभ्यर्थियों को शामिल किया जाए अब और ज्यादा जांच के आधार पर इनको लेट न किया जाए
175 अभ्यर्थियों के खातिर सभी बच्चे परेशान हो रहे हैं
वीडियो भर्ती को रोजगार मेले में शामिल किया जाए
@BhajanlalBjp@RajCMO@alokrajRSSB
इसके जिम्मेदार अंजना, रूबिका, चित्रा, सुधीर जैसे लोग हैं। भुगतना फील्ड रिपोर्टर को पड़ता है। इस बहादुर रिपोर्टर की सहनशीलता को नमन है, जिन्होने सारी आवाजों को इग्नोर कर अपने Work पर फोकस रखा।