इनके नेता एससी ��सटी वर्ग के आरक्षण का जो सुप्रीम कोर्ट ने वर्गीकरण किया है।उसका विरोध कर रहे हैं।और ये ज्ञानी जी समर्थन कर रहे हैं।ये कैसे संगठन के हितेषी और अपने नेता की बात नही मानने वाले स्वार्थी हैं। इनको कुछ नही मिलेगा। पहले अपना काम छोड़ो।
आप समर्थन कर दें या कुछ और कर दें भले ही जो फैसला सुप्रीम कोर्ट ने लिया है वह लागू हो जाए वैसे तो अंबेडकरवादी और समझदार बुद्धिजीवी बहुजन लोग लागू नहीं होने देंगे अगर फिर भी लागू अगर हो जा��ा है तो आप फिर भी लाभ नहीं ले पाओगे आपको लाभ लग रहा हैं पर कुछ है नहीं आपके हित में मेरी बात कड़वी है मगर सच है
वर्तमान समय में देश के हालात ठीक नही हैं। देश पर राज करने बालों ने देश का भाईचारा बिगाड़ा है। एससी,एसटी,ओबीसी, अल्पसंख्यकों पर अन्याय अत्याचार का तूफान सा आया हुआ है।
@iRoyalBhumihar बो दलित हैं।पर जो अंधविश्वास का विरोध करते हैं।और मनुस्मृति को जलाने का काम करते हैं।बो इस देश के राजे महाराजे थे। मनुस्मृति मानवता को शर्मसार करने वाली घटिया पुस्तक है।आप खुद उसका अध्ययन करके देखें।
@Ravinder_ASPK @surenderb7100 @lokendragurjar@BhimArmyChief@RYGSSS जिसके डीएनए में गद्दारी भरी हो बो कभी भी बफादर और अहसानमंद नही हो सकता है। जिसमें मानवता, इंसानियत,बफादरी के डीएनए हो बो कभी भी किसी के साथ अन्याय नहीं कर सकते हैं।ऐसे हमारे पूर्वज थे।
@Profdilipmandal इनकी जड़ें बहुत कमजोर हैं।ये लोग बाहर से मजबूत और अंदर से खोखले होते हैं । इसी लिए।तो बहुजनों का सत्त्यानास हो रहा है।धिक्कार है।इनको बह��जन कहना।
जब देश की सीमाओं पर पड़ोसी राष्ट्रों की गतिविधि बढ़ रही है और देश में बेरोज़गारी एक विकराल समस्या बन चुकी है ऐसे समय में सेना में इतनी बड़ी संख्या में खाली पद राष्ट्र की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य दोनों के साथ खिलवाड़ है।