जातिवादी मनुवादियो के हिसाब से...
- साहिल पहली सीट पर बैठकर
- 3 invigilator के सामने
- CCTV वाले रूम में
- कैलकुलेटर से ChatGPT पर प्रश्न पत्र अपलोड करके चीटिंग कर रहा था
चप्पल कहाँ है मेरी 🤬
Fake claim of CCTV footage.
Caste Hindus and Manu Media are spreading MISINFORMATION about CCTV, claiming that Sahil Wakode was caught with a phone.
The truth is that it's not a mobile phone. Such items can be seen on the desks of other boys. Maybe it's a calci or geometry box.
सोशल मीडिया का फायदा ये हुआ है कि भारत मे अम्बेडकरवाद बहुत तेजी से फैला है और बहुत तेजी से अम्बेडकरवादियों की संख्या बढ़ रही है ।
लोग पहले बाबासाहब का नाम लेने में हिचकिचाते थे लेकिन अब गर्व से बताते है कि वो अम्बेडकरवादी है 🔥🔥
दलित बच्ची के साथ गैंगरेप।
यूपी के शाहजहांपुर में एक नाबालिक बच्ची स्कूल के मैदान में खेल रही थी। गांव के पांच लड़कों ने उसे घेर लिया और उसे खेत में ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि पांचों आरोपी लड़के भी नाबालिक हैं। बचपन से ही इतनी हैवानियत? भयावह!
आरक्षण का उद्देश्य किसी को आगे बढ़ाना नहीं है, बल्कि सदियों से पीछे धकेले गए समाज को बराबरी के अवसर देना है। जब तक जाति के आधार पर भेदभाव मौजूद है, तब तक आरक्षण राष्ट्र निर्माण की एक अनिवार्य व्यवस्था है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि वंदे भारत ट्रेन का किराया चीन, जापान, फ्रांस जैसे देशों से बहुत सस्ता है।
वाह किराया की तुलना आप चीन और जापान से कर रहे हैं कि रेल की सेवा तो पाकिस्तान के टक्कर की देंगे?
सिर्फ वन्दे भारत ही क्यों, बाकी सभी ट्रेन को भी तो देखो।
बीएसपी अध्यक्षा आदरणीया बहन जी की भाजपा एंड कम्पनी के लोगों को ललकार।
आरक्षण खत्म करने की कोशिश की,तो बीएसपी देशभर में जनआन्दोलन शुरू कर देगी, जिसका नेतृत्व खुद बहन जी की करेंगी।
आज संसद में जब खरगे जी मनुस्मृति की बखिया उधेड़ रहे थे, तो उसके बचाव में जेपी नड्डा को क्यों खड़ा होना पड़ा?
वह BJP के अध्यक्ष रह चुके हैं, अभी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हैं। जब BJP के शीर्ष नेता ही मनुस्मृति के लड़ाका बने हुए हैं तो आप सरकार चलाने वालों की मानसिकता समझ जाइए।
ये बिहार सरकार की मंत्री हैं श्रेयसी सिंह जो दलित बच्ची के हाथों से लड्डू नही खा सकती क्योंकि इनके हिसाब से दलित अछूत है ।
कुछ लोगो को जाति से मिलने वाला आरक्षण तो दिखता है लेकिन जाति से मिलने वाला शोषण नही दिखता है ।
आरक्षण इसलिए नही दिया जाता कि SC-ST और OBC वाले कमजोर है आरक्षण इसलिए दिया जाता है क्योंकि आज भी द्रोणाचार्य मौजूद है 👇👇
इस लड़की का नाम नैंसी सिंह है जो SC केटेगरी से है और लड़के का नाम ईशान भटनागर है जो General केटेगरी से है ।
नैंसी सिंह को UPSC के रिटेन एग्जाम में 853 नंबर मिले और ईशान भटनागर को रिटेन एग्जाम में 823 नंबर मिले ।
असली खेल इंटरव्यू में हुआ जहाँ नैंसी सिंह को केवल 165 नंबर मिले और ईशान भटनागर को 215
अब बताओ जिन दलित-पिछडो को रिटेन में अच्छा नंबर आता है उनका हमेशा इंटरव्यू में नंबर क्यों कम हो जाता है ??
जिनको कांग्रेस की ग़ुलामी पसंद हो,
उन्हें समाज के लिए त्याग, समर्पण और संघर्ष करने वाली @Mayawati जी कैसे पसंद आ सकती हैं।
बहन कुमारी मायावती जी को पसंद करने वाले देश में लाखों करोड़ों लोग हैं उन्हें लोग समाज अपनी ज़िंदा देवी मानते हैं, सामाजिक नायिका मानते हैं उनको महापुरुषों की सूची में शामिल करते हैं लाखों करोड़ों के घरों में उनकी तस्वीरें देखने को मिल जाएंगी और इस बात सोशल मीडिया उलूल जुलूल बोलने वाले रीलबाज़ नहीं समझ सकते हैं।
बहन कुमारी मायावती जी समाज का गौरव हैं, गुरूर है उनका गौरव है।
जब मुद्दा हक और अधिकारों का हो तब वहाँ जय भीम का नारा लगाया जाता हैं क्योंकि जय भीम सिर्फ एक नारा ही नहीं बल्कि स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा के साथ साथ सामाजिक न्याय का प्रतीक है।
और जो लोग पूछ रहें थे कि NEET पेपर लीक मुद्दे को लेकर जो प्रोटेस्ट किया जा रहा था वहाँ पर जय भीम के नारे क्यों लगाए जा रहे थे उसको अस्मिता राजपूत नाम की कंटेंट क्रिएटर और स्टूडेंट ने अच्छे तरीके से समझाया है कि आंदोलन और हक की लड़ाई में जय भीम के नारे क्यों लगाए जा रहे थे।
जय भीम
इंक़लाब ज़िंदाबाद
-देश के छात्रों व युवाओं केे आन्दोलन के चलते आज केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिये जाने का फैसला उचित, जो यह पहले ही ले लिया जाता तो बेहतर होता। साथ ही, हमारी पार्टी केन्द्र सरकार से यह भी अपेक्षा करती है कि जिन पुलिसकर्मियों ने जन्तर-मन्तर पर शान्तिमय ढंग से प्रदर्शन कर रहे निहत्ते लड़के व लड़कियों पर बरबर्तापूर्वक लाठी, डन्डों आदि से चोट पहुँचायी है जिससे ये बड़ी संख्या में गम्भीर रूप से घायल हुए, उनपर सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिये।
-और ख़ास तौर से जिन पुरूष पुलिसकर्मियों ने लड़कियों के साथ बेहूदा व शर्मनाक बदसलूकी की और बल प्रयाग किया, उनको चिन्हित करके, उनके खिलाफ अनुशासनिक एवं क्रिमनल केस चला कर सख़्त से सख़्त क़ानूनी कार्रवाई की जानी चाहिये, जिससे कि भविष्य में इस तरह की घिनौनी हरकत करने की कोई हिम्मत ना कर सके।
- इसके साथ-साथ, सरकार को आन्दोलन कर रहे छात्रों व युवाओं के ख़िलाफ जो भी FIR या complaint दायर की गई है, उन सभी को वापस ले लिया जाये, जिससे इनको आगे चलकर थानों व कोर्ट कचहरी के चक्कर ना काटने पड़े और इस वजह से उनका भविष्य भी ख़राब ना हो, जिससे फिर देश में सौहार्दपूर्ण वातावरण बन सके।
- साथ ही मेरा सभी आन्दोलनकारियों से यह कहना है कि वो इस मामले में किसी भी पार्टी को उनके इस संघर्ष का राजनीतिकरण ना करने दें तथा अपने भविष्य को भी ख़राब ना होने दें।
बहुजन समाज के लोग आज जिस गर्व और जोश के साथ जय भीम का नारा लगा रहे हैं, उसके पीछे मुख्य रूप से मान्यवर कांशीराम साहब और बहन मायावती जी का संघर्ष है। जहाँ-जहाँ उनका आंदोलन पहुँच पाया, वहाँ बहुजन समाज राजनीतिक और सामाजिक रूप से मजबूत हुआ। कई राज्यों में बहुजन समाज के नेता मुख्यमंत्री तक बने, और यह दशकों के संघर्ष का परिणाम है।
इसलिए बहन जी की बात को शांत मन से समझिए। वह जो कहती हैं, उसमें आपके और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की चिंता और हित निहित है।
डिंपल भौजी के बगल में उनका देवर और राजीव राय खड़े है लेकिन छतरी पकड़ने की ड्यूटी लगी है दलित सांसद पुष्पेंद्र सरोज की ।
बसपा के अलावा अन्य पार्टियों में दलितों की यही औकात है ।
अमित शाह के लुक का बखान,
उनकी कमीज़ का बखान, जूतों का बखान..
चाटने में मदमस्त इन पत्रकारों को इस बात की कोई चिंता नहीं है कि 20 से अधिक बच्चों ने सुसाइड क्यों की? दिल्ली पुलिस ने हज़ारों बच्चों पर लाठियाँ, आँसू गैस के गोले और पैलेट गन क्यों चलाईं? कुछ तो मानवता रखो, चाटुकारों!