श्यामलाल यादव जी ने आरक्षण की बहस में अपनी बात को बड़े ही तर्क के साथ रखा.
उन्होंने कहा जो लोग आरक्षण खत्म करने की मांग करते हैं उनसे सवाल पूछना चाहता हूँ जहां आरक्षण नही है क्या वहां मैरिट के आधार पर नियुक्ति होती है ?
न्यायपालिका में आरक्षण नही है. सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति मैरिट पर नही, कॉलेजियम करता है. यहां बड़ी मुश्किल से एक दो जज ओबीसी या एससी होंगे.
ज्यादातर जज अगड़ी जातियों से हैं. बिना आरक्षण का ये हाल है.
देश में 500-550 यूनिवर्सिटी हैं. कितने वाईस चांसलर ओबीसी एससी और आदिवासी है. क्यों नही 150 ओबीसी, 100 एससी और 50 आदिवासी वाईस चांसलर को चुना जाता है.
जहां आरक्षण नही है वहां ये हाल है, तो जब संविधान का दिया हुआ आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा तब क्या हाल होगा ?
श्यामलाल यादव जी के इस तर्क के बाद वहां बैठा आरक्षण विरोधी का चेहरा मायूस हो गया.
यादव लड़की से प्रेम की सजा मौत! 😡💔
बिहार के मुजफ्फरपुर में सुजाता यादव नामक लड़की ने भागकर दलित लड़के गौरीशंकर से प्रेम विवाह किया था।
लड़की ने कोर्ट में कहा कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है। लड़की के भाई अभिषेक यादव को यह बर्दाश्त नहीं हुआ। अतः उसने घरवालों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस को दोनों के प्रेम विवाह एवं बालिग होने की पूरी जानकारी थी। फिर भी लड़की के घरवालों और पुलिस की मिलीभगत से लड़के पर झूठी FIR दर्ज करा दी गई। लेकिन चूंकि लड़का दलित है, इसलिए लड़की अपने प्रेम विवाह पर अटल रही।
शर्म की बात है कि लड़की के बयान के बावजूद लड़के को जेल भेज दिया गया। इसी बीच कोर्ट के निर्देश पर लड़की को उसकी मौसी के घर भेजा गया। अब लड़की के परिजनों ने उसे बहला-फुसलाकर अपने घर बुला लिया। घर में लड़की के भाई अभिषेक यादव एवं अन्य परिजनों ने मिलकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
इतने से मन नहीं भरा तो इन जातिवादी हैवानों ने सबूत छिपाने हेतु अपने ही घर की मासूम लड़की के शव को नदी किनारे जला दिया। इस तरह अभिषेक यादव और उसके घरवालों ने समाज में अपने जातीय गुरूर को जीवित रखा। वैसे तो यादव स्वयं को OBC कहते हैं, लेकिन अगर सामने दलित हों तो उनका स्वभाव अगड़ों से भी ज्यादा निर्मम हो जाता है।
इस घटना पर समाजवादी पार्टी और राजद के सारे नेता एवं सामाजिक न्याय पर लच्छेदार लफ्फाजी करने वाले सामाजिक न्याय के सारे क्रांतिकारी कोमा में क्यों चले गए हैं? इसलिए मैं बार-बार कहता हूँ कि यादव सामाजिक कार्यकर्ताओं को सामाजिक न्याय पर काम करने की बजाय सबसे पहले अपने समाज की जातिवादी एवं सामंती मानसिकता को बदलने पर काम करना चाहिए।
इस मामले में सरकार से हमारी मांग है कि अभिषेक यादव सहित इस हत्या में शामिल सभी हैवानों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। इन हरामखोरों को लगता है कि ये डायनासोर की प्रजाति के हैं। इनकी बहन ने दूसरी जाति में शादी कर ली तो इनकी पूरी प्रजाति ही नष्ट हो जाएगी। बस इसी जातीय अहंकार के चक्कर में इन्होंने अपनी ही बेटी की बर्बर हत्या कर दी।
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर की एक युवा आदिवासी महिला निवेदिता मंडावी को भयावह धमकी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने कथित तौर पर उसके साथ गैंगरेप की साजिश रची और इसकी पूरी योजना तक बनाई।
निवेदिता ने सबूतों के साथ पुलिस से शिकायत की, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
अगर वह किसी प्रभावशाली जाति से होती, तो क्या प्रशासन की प्रतिक्रिया इतनी ही धीमी रहती?
उसे सुरक्षा दी जाए और आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, न्याय चयनात्मक नहीं हो सकता।
JNU की वाईस चांसलर Shantishree Dhulipudi Pandit ने एक इंटरव्यू में जातिवादी बयान दिया है.
इन्होंने कहा दलित और ब्लैक्स विक्टिम बनकर और विक्टिम कार्ड खेलकर तरक्की नही कर सकते. यूजीसी नियमों की भी आलोचना की.
सवर्ण भी श्रेष्ठ बनकर और श्रेष्ठता का कार्ड खेलकर तरक्की नही कर सकते.
यहूदियों पर अत्याचार किया गया, नरसंहार हुआ. यहूदियों ने अपने शोषण की कहानी को साहित्य, फिल्मों और मीडिया के माध्यम से पूरी दुनिया में फैलाया.
क्या यहूदियों ने तरक्की नही की. यहूदी सबसे ताकतवर समाज है. अमेरिका के ब्लैक्स ने भी तरक्की कर रहे हैं. अमेरिका में ब्लैक्स को जानबूझकर इंटरव्यू में कम नंबर देकर फेल नही कर दिया जाता.
कालबेलिया घुमंतू समुदाय जिनकी सांप नृत्य कला को दुनिया सलाम करती है, आज अपने मृतकों को छुपकर दफनाने को मजबूर है क्योंकि उनके पास न जमीन है, न कब्रिस्तान, न पहचान पत्र। 44.1% लोगों के पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं। 1.62 लाख लोग तालियों और बेदखली के बीच जी रहे हैं। क्या यही “विकसित भारत” है?
"Dom Dalits are not allowed in schools." ❌
"Untouchability is still practiced in India." 🇮🇳
The world may not believe it, but Dalit children still face segregation in schools in India.
This is how Hindu society segregates our kids. The Bihar govt must hang its head in shame.
जाति जानते हुए किसी को “नीच” कहना सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि उसकी गरिमा और संविधान में दिए समान सम्मान के अधिकार पर चोट है। न्याय केवल तकनीकी शब्दों से नहीं, सामाजिक प्रभाव और ऐतिहासिक संदर्भ को समझकर होना चाहिए।
"Karnataka against paan masala." 🔥
Youths are unitedly protesting & removing gutkha paan masala posters from govt buses. Why are gutkha ads printed on buses? Print and promote govt schemes there.
राहुल गांधी कह रहे हैं आज से 1000 साल पहले विदेशी आक्रमणकारी
राजा चाऊमीन की सेना ने भारत की सीमा में घुसने की कोशिश की,
शूरवीर सेनापति ने रक्षा मंत्री को संदेश भेजा की तीर चलाने का और तलवार से लड़ने का आदेश दीजिए.
रक्षा मंत्री ने कहा राजा से पूछकर बताता हूँ. बड़ी देर बाद जवाब आया जो उचित लगे वो करो.
आज से 2300 साल पहले नंद वंश और मौर्य काल में विदेशी आक्रमणकारी भारत नाम सुनकर ही थर थर कांपने लगते थे.
यह सब नेतृत्व की इच्छा शक्ति का परिणाम था तब भारत अखंड भारत और सुपरपावर था.
राहुल गांधी को घेरने के लिए ऐसा लग रहा था बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व पहले से ही फील्डिंग लगाकर खड़ा था.
सभी फिल्डर्स को पहले से पता था, राहुल गांधी सिक्स मारने वाले हैं.
इसलिए तेज गेंदबाज ओम बिड़ला बार बार यॉर्कर गेंद डाल रहे थे.
टीम का हर बड़ा खिलाड़ी अमित शाह, राजनाथ सिंह, किरण रिजिजू और निशिकांत दुबे
सुपरस्टार बैट्समैन को 5 रन बनाने से रोक रहे थे. लेकिन सवाल है कांग्रेस टीम के ड्रेसिंग रूम की गुप्त बातें बीजेपी टीम को कैसे पता चली.
कांग्रेस टीम के अंदर कोई बीजेपी जासूस है. कप्तान राहुल गांधी और टीम के कोच मल्लिकार्जुन खड़गे को इस बात पर ध्यान देना चाहिए.
यह याद है? हैदराबाद यूनिवर्सिटी का टॉपर था। स्कॉलरशिप रोक दी गई थी। हॉस्टल से निकाल दिया गया था। सड़क पर रात बिताने को मजबूर किया गया था। गुनाह सिर्फ यह था कि यह एक दलित था। जय भीम बोलता था। रोहित वेमुला सबूत है देश में आज भी होते जातिवाद का। #We_support_UGC_Act