दो दिन पहले तक पाँच घंटे तक आरएलपी के सामने गिड़गिड़ाने वाली सरकार आज सत्ता के नशे में आरएलपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर लोकतंत्र का गला घोंट रही है। मैं सरकार को स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि आरएलपी का हर कार्यकर्ता संघर्ष से निकला है, डरने वाला नहीं है। सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि RLP के संघर्ष की वजह से ही बोनट पर बैठकर सरकार को संतो के आंदोलन में झुकना पड़ा |
तानाशाही के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। लोकतांत्रिक रूप से विरोध प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है और लाठी के दम पर हमारी आवाज को सरकार दबा नहीं सकती |
मैंने राजस्थान पुलिस के उच्च अधिकारियों से वार्ता करके जयपुर में हिरासत में लिए गए RLP कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने को कहा है |
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर स्वतंत्रता सेनानी और किसानों के मसीहा "भारत रत्न" चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
#ChaudharyCharanSinghJi
कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती के संदर्भ में आज अभ्यर्थियों ने जयपुर आवास पर मुलाकात करके इस भर्ती में स्टाफिंग पैटर्न लागू करने व पद विसंगति दूर करते हुए पद बढ़ाने व परीक्षा की तिथि आगे करने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया |
कल जैसे ही नेताजी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेकर बयान दिया, पूरी बीजेपी अचानक एकजुट होकर मैदान में उतर आई। रातों-रात मंत्री, विधायक, प्रवक्ता और पार्टी के तमाम नेता बयान देने लगे, मानो राजस्थान की सबसे बड़ी समस्या सिर्फ हनुमान बेनीवाल का बयान हो। लेकिन सवाल ये है कि आखिर ऐसी परिस्थितियां पैदा किसने की, जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री को “मुर्खाधीराज” जैसी उपाधि सुननी पड़ रही है? क्या ये सब बिना कारण हो रहा है? क्या जनता बिना दर्द के इतना आक्रोश दिखाती है?
सच्चाई ये है कि पिछले ढाई साल में अगर बीजेपी सरकार ने प्रदेश के किसानों, युवाओं, साधु संतों, बेरोजगारों, व्यापारियों और आम जनता के मुद्दों पर गंभीरता से काम किया होता तो आज राजस्थान का माहौल ऐसा नहीं होता। जनता आज भी बिजली, पानी, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, किसानों की समस्याओं और भ्रष्टाचार से परेशान है। गांवों से लेकर शहरों तक लोग परेशान घूम रहे हैं, लेकिन सरकार को सबसे ज्यादा चिंता उस आवाज की हो रही है जो जनता के दर्द को खुलकर बोल रही है।
हनुमान बेनीवाल जी ने जो कहा वो सत्ता को कड़वा जरूर लगा होगा, लेकिन उससे भी ज्यादा कड़वी वो सच्चाई है जिसे राजस्थान की जनता रोज महसूस कर रही है। अगर सरकार ने काम किया होता तो आज किसी बयान से इतनी बेचैनी पैदा नहीं होती। मजबूत सरकारें आलोचना से नहीं घबरातीं, लेकिन जब सरकार जमीन पर कमजोर पड़ने लगती है तब एक नेता का बयान भी पूरी सत्ता को हिला देता है।
सबसे बड़ी बात ये है कि जितनी तत्परता से बीजेपी के मंत्री, विधायक और पूरी पार्टी हनुमान बेनीवाल जी का विरोध करने में जुटी हुई है, अगर उतनी ही तत्परता से प्रदेश के मुद्दों पर काम किया होता तो शायद आज हालात इतने खराब नहीं होते। जिस तेजी से बयान जारी हो रहे हैं, अगर उसी तेजी से किसानों की समस्याएं हल होती, युवाओं को रोजगार मिलता, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई होती और कानून व्यवस्था सुधरती तो जनता आज सरकार के खिलाफ इतना गुस्सा लेकर नहीं बैठी होती।
लेकिन सत्ता की सबसे बड़ी समस्या यही है कि उसे जनता का दर्द कम और अपनी आलोचना ज्यादा दिखाई देती है। इसलिए आज पूरा सिस्टम उस आदमी के पीछे पड़ा है जो सड़क से लेकर सदन तक लगातार जनता की आवाज उठा रहा है। और यही बात साबित करती है कि हनुमान बेनीवाल सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि वो नाम बन चुके हैं जिसकी आवाज सत्ता को सबसे ज्यादा बेचैन करती है ।
भैराणा धाम के आसपास की सैकड़ो हेक्टेयर भूमि को सरकार को बिना किसी देरी के संरक्षित क्षेत्र घोषित करना चाहिए। अन्यथा हजारों पशु-पक्षी औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले दूषित पेयजल से ग्रसित होंगे।
#RLP_बचाएगी_भैराणाधाम@RLPINDIAorg@hanumanbeniwal
आज दिशा बैठक में नागौर - जोधपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की जन्म स्थली, ग्राम -खरनाल में गुणवत्ता के साथ फ्लाईओवर बनाने के निर्देश NH के अधिकारियों को दिए |