इलाहाबाद छात्र आंदोलनों की राजधानी है। वहाँ भी जिस तरह भाजपा के ख़िलाफ़ जनाक्रोश उभरा है, वो कल का इतिहास रचेगा।
है इलाहाबाद के छात्रों के साथ, हमा��ी भी पुरज़ोर आवाज़!
पिस्तौल निकालनेवाले ये भूल गये कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो ये पुलिस की नौकरी ���नके हाथ न आती।
विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं, और कुछ नहीं कहना है।
#जौहर_यूनिवर्सिट��_रामपुर_उप्र
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के सवाल पर अभिज��त दिपके ने कहा 'हम उनके इस फैसले से खुश हैं.'
Abhijeet Dipke ने बताया कि 'सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने का अनुर���ध भी उनकी ओर से किया गया था'
#PaperLeak #Dangal | @sahiljoshii | @abhijeet_dipke
अभिजीत दीपके ने कहा –
> जंतर मंतर को बेरिकेड लगाकर बड़ी जेल बना दिया
> जैमर लगा दिए
> 17 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए
> CP की दुकानें बंद कर दी
"एक धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए पूरी दिल्ली का जीना हराम कर दिया"
"जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे तब तक हम लोग सदन में आवाज उठाते रहेंगे और जिन बच्चों की जान गई है उनके परिवारों की मांगे मानी जाएं।"
- माननीय राष्ट��रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, लखनऊ
ठाकुर आदित्यनाथ बिष्ट जी
जब आप गोरखपुर चुनाव प्रचार वोट मांगने के लिए जाएंगे तो ये बेटी आपसे सवाल पूछने आएगी
दीजिएगा जवाब इसे अगर आपकी आंखों में शर्म बाक�� हो तो
छात्र अपने भविष्य बचाने के लिए पेपर लीक वाली सरकार से शिक्षा मंत्री को हटाने के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन बदले में उनपर बेरहमी से लाठीचार्ज किया जा रहा है।
तानाशाही सरकार को ये बात नहीं भूलना चाहिए की “ये वक्त भी गुजर जाएगा”
मोदी सरकार का हर दांव उल्टा पड़ रहा है .
पहले सोचा था सोनम वांगचुक को जबरन उठा लेंगे, आंदोलन बिखर जाएगा. हुआ उल्टा. आंदोलन शिखर पर चला गया .
फिर सरकार ने सोचा कि प्रदर्शनकारियों को पीटकर भगा देंगे. आंदोलन खत्म हो जाएगा लेकिन हुआ उल्टा.
आज हजारों युवा फिर जंतर मंतर पर जमा हैं . लगातार आ रहे हैं .
जो कल नहीं आए तो वो पुलिसिया बर्बरता के विरोध में आ रहे हैं .
जो कल लाठी खाकर गए थे , वो भी आज आ फिर आ गए हैं .
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
दिल्ली पुलिस का आदर्श वाक���य ‘शांति, सेवा, न्याय’ है, लेकिन कल जंतर-मंतर पर वर्दीधारी द्वारा मासूम बेटियों की अस्मिता पर किया गया हमला इस आदर्श वाक्य को विडंबना बना देता है।
निहत्थे छात्रों, बच्चों, युवतियों, बेटियों, महिलाओं को इस भाजपा सरकार ने कील लगी लाठियों से पिटवाया
करंट लगाया गया, निहत्थे युवाओं पर बंदूक तान दी गई
सोचिए जरा हम किस प्रकार के तानाशाही राज में जी रहे हैं?
लेकिन भाजपा सरकार भूल गई है, ये देश अंग्रेजों के सामने नहीं झुका, तानाशाह और क्रूर भाजपाइयों के सामने भला कैसे झुक जाएगा?