आज उत्तराखंड महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष जया कर्नाटका जी के नेतृत्व में महिला कांग्रेस की बहनों ने विरोध प्रदर्शन किया।
@kharge जी के सभा स्थल का शुद्धीकरण करने वाले मनुवादी भाजपाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग और नेता प्रतिपक्ष @RahulGandhi जी के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में महिला कांग्रेस की बहनों ने मौन व्रत रखकर अपना विरोध दर्ज कराया।
यह लड़ाई सिर्फ एक घटना के खिलाफ नहीं, बल्कि जातिवादी मानसिकता और अन्याय के खिलाफ है।
जब तक न्याय नहीं मिलता और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
भाजपा-RSS की संकीर्ण, जातिवादी और लोकतंत्र-विरोधी सोच का सच अब पूरे देश के सामने है।
उत्तराखंड में हमारे जननायक श्री @RahulGandhi जी के खिलाफ दर्ज की गई राजनीति से प्रेरित FIR भाजपा की बौखलाहट और तानाशाही मानसिकता का प्रमाण है।
भारी बारिश भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के हौसले को नहीं डिगा सकी। सड़कों पर उमड़ा कार्यकर्ताओं का जोश बता रहा है कि अन्याय और दमन के खिलाफ हमारी लड़ाई और मजबूत होती जा रही है।
भाजपा-RSS कान खोलकर सुन ले—FIR से आवाज़ नहीं दबेगी, दमन से संघर्ष नहीं रुकेगा और सत्ता के अहंकार के आगे कांग्रेस झुकेगी नहीं।
कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता संविधान, लोकतंत्र और सत्य की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा है।
#RahulGandhiWithNation #BJPSanghExposed
The BJP-ECI’s lies are now hanging like an albatross around their neck.
Nearly 2 crore voters have been excluded from Maharashtra’s electoral roll under SIR.
The @ECISVEEP itself had acknowledged that nearly 40 lakh electors were added in just five months between the 2024 Lok Sabha and Assembly elections.
@RahulGandhi and the Congress flagged this abnormal increase at the time. But the BJP and ECI dismissed our concerns and expressed complete confidence in the voter list.
Now two years later, given the large number of deletions in the SIR, the BJP-ECI duo has stripped its own lies naked before the country.
Crucial questions arise:
❓If the voter list was impeccable just two years ago, why are nearly 2 crore voters being excluded now?
❓If it wasn’t beyond reproach, why did the BJP-ECI insist so confidently that it was?
❓And what does this faulty voter list from two years ago say about the legitimacy of Devendra Fadnavis as Chief Minister and the BJP as Maharashtra’s ruling party?
The writing is on the wall:
▪️Vote chori is real.
▪️Rigged elections are real.
▪️Imposed governments are real.
7.8% ग्रोथ के साथ दूध के दाम भी बढ़ रहे हैं और दूध ग़रीब बच्चों और परिवारों की पहुँच से बाहर हो रहा है -
मोदी सरकार को हर दूध के पैकेट पर चेतावनी लिख देनी चाहिये - “दूध सेहत के लिए हानिकारक है”.
मोदी सरकार हर हफ्ते देश को महंगाई का एक नया हाई-वोल्टेज झटका दे रही है।
फर्जी हेडलाइन में व्यस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम आदमी का घर बनाने का सपना भी छीन लिया है।
महंगाई अब सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है। घर बनाने से लेकर बिजली के सामान तक, हर तरफ गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर करंट पड़ रहा है।
तांबे का तार ₹850 से बढ़कर ₹1,700 प्रति किलो और एल्युमिनियम ₹350 से ₹650 प्रति किलो पहुंच गया। 1000 वर्ग फुट के घर की वायरिंग का खर्च ₹50,000 से बढ़कर करीब ₹1 लाख हो गया है।
सोलर पैनल 10-15% महंगे हो गए हैं। पंखे और फॉल्स सीलिंग की लागत बढ़ी है। प्रेस जैसे घरेलू उपकरण 20% तक महंगे हुए हैं। LED और हैलोजन की कीमतों में भी करीब 20% उछाल आया है।
स्विच-सॉकेट, मेन लाइन केबल, टाइल्स, वायरिंग और मजदूरी तक, घर बनाने का हर खर्च बढ़ रहा है।
महंगाई हर तरफ से जनता की जेब पर करंट मार रही है, लेकिन अहंकारी मोदी सरकार महंगाई की इस सच्चाई पर पर्दा डालने और जनता को आंकड़ों की बाजीगरी से गुमराह करने में लगी है।
दिल्ली NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक।
हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग रोड, बॉर्डर - सब पार कर गई, बिना एक भी चेकपोस्ट पर रोके गए।
बस की सीटों पर पर्दे लगे थे, ताकि अंदर क्या हो रहा है कोई देख न सके। और अपराधियों में प्रशासन का कोई डर भी नहीं।
निर्भया के बाद इतने सालों में, इतनी घटनाओं के बाद भी ऐसी बसों की जाँच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा?
पर्दे सिर्फ़ उस बस में नहीं डाले गए थे - साल दर साल सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर डाले गए पर्दों का नतीजा है कि देश की राजधानी में भी महिलाएं एक सुरक्षित सफर नहीं कर सकतीं।
और कितनी महिलाओं और बच्चियों के साथ ऐसा होना बाक़ी है, तब जाकर केंद्र और राज्य सरकारें इस व्यवस्था को ठीक करेंगी?
क्या अमित शाह के अधीन दिल्ली पुलिस और आदित्यनाथ के अधीन UP पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी? कोई गुंजाइश ही नहीं - इस अपराध पर भी एक पर्दा डाल दिया जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge जी की रैली स्थल का “शुद्धिकरण” कर BJP-RSS से जुड़े लोगों ने बहुजन समाज के स्वाभिमान और सम्मान का अपमान किया।
इसके खिलाफ आवाज उठाने पर नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी पर ही FIR दर्ज कर दी गई, जबकि दोषियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसी अन्याय के विरोध में आज अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव सुमिता मिश्रा जी एवं जबलपुर जिला महिला कांग्रेस की बहनों ने मनुस्मृति जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
📍 जबलपुर, मध्यप्रदेश
दिल्ली में भाजपा की डबल इंजन सरकार
उत्तर प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन सरकार
देश में मोदी सरकार
और
बच्चियों की अस्मिता हो रही है तार-तार
न घर सुरक्षित और ना बाहर का संसार
बहन-बेटियों का जीना मोदी-राज में हुआ दुश्वार !!!
राहुल गांधी ने तीन शब्द कहे “Smash The Patriarchy” - पितृसत्ता को ख़त्म करो
देश की आधी आबादी ने इसका स्वागत किया
पर BJP और भक्त इतने आहत हो गए कि खुल कर मनुस्मृति के समर्थन में कूद पड़े
मुखौटा हट गया सारे नारी वंदन से!
@Live_Hindustan में मेरा लेख
#LatePost
मोदी सरकार ने 'वीबी जीरामजी' के नाम पर देश के गरीबों की लाईफ लाइन मनरेगा को नष्ट कर दिया है। भाजपा ने संसद में बातें तो बड़ी-बड़ी कीं, पर ज़मीनी हकीकत में वो सारे दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।
इस योजना को बदलते समय कांग्रेस ने जो कहा था, वह अब सामने आ रहा है।
कांग्रेस द्वारा सुनिश्चित किए गए गरीबों-वंचितों के रोजगार के हक को मोदी सरकार ने खत्म कर दिया है।
आज स्पष्ट हो चुका है कि मोदी सरकार ने नया कानून बनाकर गरीबी उन्मूलन की सबसे सफल और ऐतिहासिक योजना मनरेगा को खत्म करने की सोची-समझी रची थी। यह सिर्फ नाम बदलने का मामला नहीं था, बल्कि यह गरीबों की रोजगार की गारंटी छीनने का सोचा-समझा षड्यंत्र है।
बलिया में 1.76 लाख मानव दिवस काम के लक्ष्य के मुकाबले दो महीने में सिर्फ 10,669 दिन काम मिला। यह कहानी देश के हर जिले में दोहराई जा रही है।
कमरतोड़ महंगाई के दौर में गरीबों से रोटी का निवाला छीनकर पूंजीपति मित्रों की तिजोरियां भरना ही गरीब विरोधी मोदी सरकार की असली नीति है।
GDP figures then and now—the real difference lies in the truth about inflation. Today, citizens bear the brunt of rising costs, while official data remains detached from their lived reality. Weak private corporate investment and historically high household debt expose the fragile foundation of this growth.
#IndiaEconomy #Inflation #GDP #Macroeconomics
प्रधानमंत्री मोदी ने अगस्त 2024 में मुरादाबाद एयरपोर्ट का उद्घाटन किया।
लेकिन नवंबर आते-आते इस एयरपोर्ट का डिब्बा गोल हो गया, यानी- अब यहां से कोई फ्लाइट नहीं उड़ती।
ध्यान रहे- UDAN स्कीम के तहत यूपी में 7 एयरपोर्ट बने, लेकिन इनमें से 6 एयरपोर्ट बंद पड़े हैं।
BJP सरकार का सारा 'काम' कागज़ पर है और जमीन पर सब ZERO
ये छोटी बच्ची,
कितनी असहज लग रही है
संकोच भरी हँसी हँस रही है
अपने अँगूठे की मदद से हाथ छुड़ाने की लगातार कोशिश कर रही है !
और मोदी जी का चेहरा देखिए, उनके भाव देखिए, ज़बरदस्ती बच्ची का हाथ पकड़ना देखिए !
क्या कहेंगे इस दुर्व्यवहार को ???
उत्तराखंड में BJP ने पहले खरगे जी की रैली स्थल का शुद्धिकरण करवाया
फिर बजाय अपराधियों को पकड़ने के इन लोगों ने राहुल गांधी जी पर उल्टे FIR करवा दी - जिन्होंने आवाज़ उठाई थी
यही है BJP-RSS का असली दलित विरोधी चेहरा
लेकिन यह देश सब देख रहा है - कौन दलितों के हक की बात कर रहा है और कौन उसका हनन
कांग्रेस के कुछ सोशल मीडिया के धुरंधरों ने कांग्रेस के कुछ नेताओं की खटिया खड़ी कर दी है।
दरअसल कांग्रेस के कुछ ऐसे नेता हैं जो राहुल गांधी की किसी भी पोस्ट को जल्दी रिपोस्ट या कोट नहीं करते हैं।
अब कांग्रेसी लड़कों ने उनकी कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है।
अब जो नेता राहुल गांधी की पोस्ट से दूरी बनाते हैं उनका सारा बायोडाटा निकाल कर सोशल मीडिया पर डाला जा रहा है।
खबर है कि इस कदम के बाद कई नेताओं में बदलाव आया है और अब हर पोस्ट को रिपोस्ट करना शुरू कर दिए हैं।
मैं व्यक्तिगत तौर पर उन सभी लड़कों के इस कदम की सराहना करता हूं और इसी तरह वो लोग अपना काम जारी रखें।
कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी ने हल्द्वानी में रैली को संबोधित किया, उसके बाद BJP-RSS के लोगों ने उनके मंच का “शुद्धिकरण” किया। “शुद्धिकरण” न सिर्फ़ एक बेहद निंदनीय और शर्मनाक सोच का प्रतीक है बल्कि हमारे संविधान व SC/ST Act का घोर उल्लंघन और कानूनी अपराध है। 20 दिन हो गए हैं, मगर आदरणीय प्रधानमंत्री जी और उनकी सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं हुई - इसकी वजह???
अगर आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी सचमुच हमारे देश के संविधान का आदर करते हैं तो जिन लोगों ने उत्तराखंड में यह अपराध किया है, उनके खिलाफ FIR दर्ज करवायें और SC/ST Act के तहत कार्यवाही सुनिश्चित करें।