आज भी मिथिला की बेटियां अवध में नहीं ब्याही जातीं। राम जी के साथ बुरा एक्सपीरियंस रहा । राम सीता की जोड़ी क्या अद्भुत । मां बहुत खुश दूल्हा देखकर । पर अंततः वैवाहिक जीवन अच्छा नहीं रहा।
दूसरी तरफ गौरी के विवाह में मां मैना मे आसमान सर पर उठा लिया कि दूल्हा नहीं पसंद । बूढ़ा है । नारद जी को खूब खरी खोटी सुनाई । शारदा सिन्हा का एक गीत है, उसके बोल कुछ यूं हैं -
पोथी देखलनि, पत्रा देखलनि नारद बभनमा
गौरी दाय का लिखल ऐछ बुढ़वा सजनमा
(Narada saw the horoscope and said gauri will have an old husband )
तो मिला जुला कर ये कि मिथिला में आज भी मां राम की तरह सर्वगुण संपन्न दूल्हा नहीं चाहतीं अपनी बेटियों के लिए, शिव की तरह फक्कड़ चलेगा ।
एक रस्म है मिथिला की शादियों में , मां दूल्हे को पहली बार देखकर गुस्सा होती है । बहुत खुश होकर नहीं दिखाती । सीता जी की शादी में मां बहुत खुश थी, गौरी की शादी में मां गुस्सा थी । टोटका है । पर होता है ।
Dear Bowlers. Make a Bowlers union and talk with ICC about following rules.
- More than 3 sixes in an over should be considered out.
- Over will automatically end if Bowler conceded 15 Runs
- More than 7 fielders should be allowed outside 30 Yard
- If a bowler is having good day he should bowl unlimited overs.
@grok@ICC@itisadityaraj Rahne de bhai tm.
Koi kaam ke nhi ho
Phle galat facts btate ho, phir shart har jate to aur last me mukar jate ho
It's okay
Chill kr tu